शिकार करने गए दो ग्रामीणों की संदिग्ध मौत, करंट लगने की आशंका; साथियों ने बचने शव छिपाने का आरोप, हिरासत में 4 आरोपी, जांच में जुटी पुलिस
Two villagers who went hunting died under suspicious circumstances, electrocution suspected; companions accused of hiding the bodies to escape, four accused in custody, police investigating.
रायगढ़ : रायगढ़ जिले से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है. जिले के चक्रधर नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत संबलपुरी के पास स्थित राजस्व जंगल में दो ग्रामीण युवकों के शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है. मृतकों की पहचान गुलशन उरांव उम्र24 साल और छोटे रेगड़ा गांव निवासी पुनीलाल यादव उर्फ मंत्री यादव उम्र 51 साल के रुप में हुई है. दोनों युवक रेगड़ा गांव के निवासी थे और बीते पांच दिनों से लापता बताए जा रहे थे.
मिली जानकारी के मुताबिक 9 दिसंबर की सुबह करीब 4 बजे सात ग्रामीण शिकार के लिए जंगल की तरफ निकले थे. शाम तक सभी घर लौट आए. लेकिन पुनीलाल और संदीप वापस नहीं आए. परिजनों ने पहले अपने स्तर पर तलाश की. लेकिन जब दो दिन तक कोई सुराग नहीं मिला। तो 12 दिसंबर की शाम चक्रधर नगर थाना में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई.
अगले दिन 13 दिसंबर की सुबह स्थानीय ग्रामीणों ने जंगल के भीतर झाड़ियों के बीच दो शव पड़े देखा. खबर मिलते ही वन विभाग का अमला और चक्रधर नगर पुलिस की टीम फौरन मौके पर पहुंची. शुरुआती जांच में सामने आया कि दोनों शव जंगल के भीतर झाड़ियों में छुपाए गए थे. जिससे मामला और भी संदिग्ध हो गया है.
पुलिस ने छोटे रेगड़ा गांव निवासी राजू उरांव, विकास, जय किशन और रमेश उम्र 45 साल को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. एक अन्य संदिग्ध आकाश की तलाश की जा रही है. पुलिस का कहना है कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है और पूछताछ के बाद स्थिति साफ होगी.
गांव के कोटवार शौकीलाल सारथी ने आरोप लगाया कि जानवरों के शिकार के लिए जंगल में लगाए गए अवैध करंट की चपेट में आने से दोनों की मौत हुई और साथ गए अन्य लोगों ने खुद को बचाने के लिए शवों को छिपा दिया.
मृतक पुनीलाल की पत्नी गंगा यादव ने बताया कि 9 दिसंबर की शाम से पति घर नहीं लौटे थे. उन्होंने कहा कि उनके पति की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी और चार दिनों से लगातार तलाश की जा रही थी. परिजनों को अनहोनी की आशंका पहले से थी, जो अब सच साबित हो गई.
चक्रधर नगर थाना प्रभारी जी.एल. साहू ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर गुमशुदगी दर्ज कर तलाश की जा रही थी. शव मिलने के बाद पंचनामा कार्रवाई कर दोनों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी और आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी.
मृतकों में से एक युवक के हाथ में जलने के साफ निशान पाए गए हैं. इसके आधार पर आशंका जताई जा रही है कि दोनों की मौत वन्यप्राणियों का शिकार करने के लिए लगाए गए करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से हुई हो सकती है. अक्सर जंगल क्षेत्रों में अवैध तरीके से करंट वाले तार बिछाए जाते हैं. जो न सिर्फ वन्यजीवों बल्कि इंसानों के लिए भी जानलेवा साबित होते हैं.
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