ऑनलाइन शादी का झांसा देकर साइबर ठगी का खुलासा, लड़कियां कर रही यूट्यूब व फेक प्रोफाइल के जरिए लोगों से वसूली, लैपटॉप और दस्तावेज जब्त

Cyber ​​fraud exposed by online marriage promises; girls extort money from people through YouTube and fake profiles; laptops and documents seized

ऑनलाइन शादी का झांसा देकर साइबर ठगी का खुलासा, लड़कियां कर रही यूट्यूब व फेक प्रोफाइल के जरिए लोगों से वसूली, लैपटॉप और दस्तावेज जब्त

रायगढ़ : रायगढ़ में फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस ने लोक सेवा केंद्र की आड़ में साइबर फ्रॉड करने वाले रैकेट के मास्टर माइंड सहित टीम पर कार्रवाई की है. आरोपी यूट्यूब चैनल व फेक प्रोफाइल के जरिए लोगों से वसूली करते थे. जिनसे लैपटॉप, स्टेम्प, दस्तावेज जब्त किए गए हैं.
मिली जानकारी के मुताबिकवरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह को खबर मिलने पर रायगढ़ पुलिस द्वारा फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के जरिए लोगों से ठगी करने वाले संगठित गिरोह का खुलासा किया गया है.
खबर के आधार पर एडिशनल एसपी अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, थाना साइबर प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक तथा थाना साइबर एवं महिला थाना की संयुक्त टीम द्वारा दरोगापारा स्थित निधि परिवहन केंद्र में रेड कार्रवाई की गई.
जहां प्रारंभिक जांच में पाया गया कि केंद्र संचालक कपिल गर्ग द्वारा पूर्व में लोक सेवा केंद्र के जरिए आरटीओ संबंधी कार्य किया जाता था. लेकिन उसकी आईडी एक महीने पहले निरस्त हो चुकी थी. जिसके बाद उसके द्वारा कार्यालय में फर्जी मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म संचालित किया जा रहा था, जहां “इंडिया मैट्रिमोनी” नाम से ऑनलाइन विवाह प्रस्तावों के नाम पर लोगों को जाल में फंसाया जाता था.
जांच में पाया गया कि कपिल गर्ग और उनकी टीम जिसमें दर्जनों युवतियां शामिल है, ये युवतियां फर्जी जीमेल आईडी एवं अपने मोबाइल नंबरों का उपयोग कर यूट्यूब चैनल बनाई हुई थी. जिनमें फेक प्रोफाइल के वीडियो एवं फोटो अपलोड कर अपना संपर्क नंबर साझा किए जाते थे. संपर्क करने वाले व्यक्तियों से पहले उनका बायोडाटा लिया जाता था. इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस यूपीआई के जरिए वसूला जाता था. आगे पसंद की गई प्रोफाइल से बातचीत कराने के नाम पर मीटिंग आईडी जनरेट करने के लिए फिर से यूपीआई से फीस ली जाती थी और व्हाट्सएप के जरिए क्यूआर कोड भेजकर भुगतान कराया जाता था.
आरोपियों द्वारा इस तरह लगातार कई बहानों से रकम वसूली कर आखिरकार यह कहकर संपर्क खत्म कर दिया जाता था कि संबंधित युवती को रिश्ता पसंद नहीं है और फिर नए शिकार की तलाश की जाती थी.
संदेही कपिल गर्ग से मिली जानकारी के आधार पर दरोगापारा स्थित शांति देवी सोसायटी ऑफ एजुकेशन केंद्र पर भी पुलिस द्वारा दबिश दी गई. जहां की संचालिका हिमांशु मेहर ने बताया कि वह पिछले 3 साल से कपिल गर्ग से जुड़ी हुई। , उसके कहने पर उसके आफिस से भी लड़कियां इसी तरह यूट्यूब के जरिए लोगों से संपर्क करती थी.
संदेही कपिल गर्ग के निधि परिवहन केन्द्र की जांच के दौरान लैपटॉप में फोटोशॉप सॉफ्टवेयर के जरिए दस्तावेजों में छेड़छाड़ के प्रमाण मिले और कार्यालय से कई शासकीय विभागों के सील-मुहर भी बरामद किए गए हैं. दोनों आफिस के संचालकों और युवतियों से पूछताछ कर मामले में जांच जारी रही है.
एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए होने वाली ठगी पर रायगढ़ पुलिस की सतत नजर है. आमजन ऐसे किसी भी संदिग्ध मैट्रिमोनियल या सोशल मीडिया प्रोफाइल से सावधान रहें और ठगी की खबर फौरन पुलिस को दें। दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
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