डैम टूटने से एक ही परिवार के 7 लोग बहे, अब तक बच्चे समेत 4 लोगों के शव बरामद, तीन लापता की तलाश जारी, गांव में मचा हाहाकार
7 people of the same family were washed away due to the dam breaking, till now the bodies of 4 people including a child have been recovered, the bodies of three missing are still being found, there is chaos in the village
बलरामपुर : छत्तीसगढ़ के कई जिलों में लगातार भारी बारिश से जान जीवन अस्त व्यस्त हो गया है. कई नदी नाले उफान कर है. इसी बीच कल देर रात बलरामपुर में बड़ा हादसा हो गया. भारी बारिश के कारण तूतिया डैम में टूट के बह गया. इस हादसे में एक ही परिवार के 7 लोग बह गए. वही अब 4 लोगो का शव बरामद किया गया हैं. जबकि दो बच्चे और एक ग्रामीण अभी तक लापता हैं. जिसकी तलाश में SDRF की टीम जुटी हुई हैं. पूरा मामला बलरामपुर जिले के तातापानी चौंकी क्षेत्र का हैं
मिली जानकारी के मुताबिक बलरामपुर जिला मुख्यालय से महज पंद्रह किलोमीटर दूर मंगलवार रात करीब दस से ग्यारह बजे के दरमियान अचानक लुत्ती डैम से पानी का रिसाव होने लगा. कुछ ही देर में डैम टूट गया और पानी का सैलाब निचले हिस्से में बहने लगा. जहां एक घर में सो रहे सात लोग बह गए. चार लोगों के शव मिले हैं. तीन अब भी लापता है. एक बच्चे का शव बरामद हुआ है. इस घटना में करीब आधा दर्जन से ज्यादा बेजुबान मवेशियों की भी जान चली गई है.
इस घटना की सूचना मिलने के बाद रात में ही जिले के कलेक्टर पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे. रात में ही राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया. नगर सेना के साथ ही एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची और लापता लोगों की तलाश में जुट गई है. ऐसे लोगों को प्रशासन के तरफ से पंचायत भवन में शिफ्ट किया जा रहा है.
डैम टूटने की घटना के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय गुप्ता मौके पर पहुंचे. उन्होंने कहा कि सैलाब में जिंदा बचे एक व्यक्ति से हमने बात की. उसने बताया कि, 5-6 साल पहले डैम में सुराख़ था. इससे पानी रिसाव होकर बहता था लेकिन विभाग ने ध्यान नहीं दिया. विभाग समय रहते ध्यान देता तो यह घटना नहीं होती.
एक घर में जितने लोग सो रहे थे सभी पानी में बह गए. 4 शव बरामद हुए हैं. कई मवेशियों की भी मौत हुई है. जिम्मेदार जल संसाधन विभाग के अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए.- अजय गुप्ता, वरिष्ठ कांग्रेस नेता
ग्रामीणों की माने तो डैम में सीपेज की खबर पहले ही दी गई थी. लेकिन समय पर प्रशासन द्वारा कोई कदम नहीं उठाए गए और ये हादसा हो गया. वहीं इस मामले में कलेक्टर ने जांच टीम गठित करने की बात कही है.
बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत विश्रामनगर के ग्राम धनेशपुर में स्थित लुत्ती जलाशय 1980-81 में बनाया गया था. यह जलाशय दो पहाड़ों से घिरे क्षेत्र में स्थित है. जिसमें पानी एक ओर से नाले के माध्यम से आता है. पिछले 10-12 साल में जलाशय में सीपेज देखा गया था और मरम्मत कराई गई थी. मंगलवार रात को लगातार बारिश और जलाशय की निगरानी की कमी की वजह से इसका निचला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और पानी पूरे वेग से नीचे बहने लगा. जलाशय टूटने के समय रामवृक्ष के घर पर पानी आया. रामवृक्ष घर से बाहर था. लेकिन घर में सो रही उसकी पत्नी, दो बहू और तीन पोते-पोती पानी में बह गए. यह घटना एक परिवार की पूरी जिंदगी को बदलने वाली साबित हुई.
इस घटना ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि क्या पुराने जलाशयों की मरम्मत और निगरानी में लापरवाही भविष्य में और बड़े हादसे का कारण बन सकती है? लगातार बढ़ती बारिश और जलाशयों की सीमित क्षमता प्राकृतिक आपदाओं को और विनाशकारी बना सकती है.
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