पड़ोसी ने टेलर का गला आरी से रेता, जान बचाकर दोस्त मौके से फरार, ग्रामीणों ने खून से लथपथ हालत में पहुंचाया अस्पताल, आरोपी गिरफ्तार
A neighbor slit a tailor's throat with a saw; his friend escaped the scene, saving his life. Villagers rushed him to the hospital, covered in blood, and the accused was arrested.
बालोद : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक मामूली विवाद ने बुधवार रात एक भयानक मोड़ ले लिया. बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम सांकरा में एक युवक ने अपने ही गांव के टेलर का गला आरी से काट दिया. यह घटना तब हुई जब आरोपी गुस्से में आकर एक छोटे से विवाद को लेकर उग्र हो गया. मौके पर आरोपी के दोस्त भी मौजूद थे. लेकिन उन्होंने जान बचाकर भागने में ही भलाई समझी.
घटना के समय घायल टेलर शिवकुमार साहू उम्र 35 साल की हालत बेहद नाजुक थी. डॉक्टरों के मुताबिक अगर समय पर मदद नहीं मिलती तो उनकी जान भी जा सकती थी. परिवार के सदस्यों ने शिवकुमार को बालोद शहर के गंजपारा स्थित नरसिंह हॉस्पिटल में भर्ती कराया. जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया और रक्तस्राव को रोका. फिलहाल शिवकुमार की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है और उन्हें आईसीयू में रखा गया है.
यह घटना बुधवार रात करीब 9 बजे गोवर्धन पूजा के बाद की बताई जा रही है. आरोपी डोमेंद्र कुमार साहू उर्फ डोमू उम्र 20 साल अपने साथ आरी ब्लेड लेकर घूम रहा था. इसी दौरान उसका किसी बात को लेकर गांव के टेलर शिवकुमार साहू से विवाद हुआ. देखते ही देखते यह बहस झगड़े में बदल गई. और आरोपी ने गुस्से में आकर शिवकुमार का गला काटने का प्रयास किया.
घायल शिवकुमार जब तड़पने लगा. तब आरोपी डरकर उसे छोड़कर भाग गया. इस खौफनाक वारदात की खबर मिलते ही बालोद पुलिस मौके पर पहुंच गई और आरोपी को कुछ ही देर में गिरफ्तार कर लिया. पुलिस नेआरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 296, 351(3) और 109 के तहत मामला दर्ज किया. यह मामला अब पुलिस की जांच के दायरे में है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
इस घटना ने गांव के लोगों में डर और आक्रोश का माहौल बना दिया है. स्थानीय निवासी इस तरग की हिंसा को लेकर चिंतित हैं और इस बात पर जोर दे रहे हैं कि ऐसी घटनाएं समाज के लिए खतरा बन सकती हैं. गांव के कुछ लोगों ने कहा कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्तिगत विवाद नहीं है. बल्कि यह उस मानसिकता का परिणाम है. जो अक्सर छोटे विवादों को गंभीर अपराधों में बदल देती है.
गांव के पंचायती सदस्यों ने इस घटना की निंदा की है और कहा है कि वे गांव में शांति बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे. उन्होंने स्थानीय प्रशासन से अपील किया कि वे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करें. ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
घायल शिवकुमार के परिवार में चिंता का माहौल है. परिवार के सदस्यों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि उनका बेटा जल्द ठीक हो जाएगा. वे डॉक्टरों द्वारा की जा रही चिकित्सा सेवाओं को लेकर आश्वस्त हैं. लेकिन उन्हें अभी भी चिंता है कि क्या शिवकुमार पूरी तरह से स्वस्थ हो पाएंगे.
इस वारदात ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि हमारे समाज में बढ़ती हुई हिंसा को कैसे रोका जाए. स्थानीय प्रशासन और समाज के लोगों को मिलकर इस दिशा में काम करना होगा. ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों.
इस वारदात के बाद से बालोद जिले में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. पुलिस का कहना है कि वे इलाके में गश्त बढ़ाएंगे और लोगों को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे.
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर ध्यान देने और संवाद के जरिए विवादों को सुलझाने की जरुरत है. ताकि ऐसे खतरनाक अपराधों को रोका जा सके. इस वारदात ने यह साबित कर दिया है कि हमें अपने आसपास की स्थिति को समझने और नियंत्रण में रखने की बहुत ज्यादा जरुरत है.
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