12 वर्षीय बालिका को तैराकी सिखा रहे एंबुलेंस कर्मचारी और बेटी की नहर में बहने से मौत, 20 किमी दूर मिली बच्ची की लाश, बई गई भतीजी की जान

An ambulance worker teaching a 12-year-old girl to swim drowned in a canal. The girl's body was found 20 km away, and her niece also lost her life.

12 वर्षीय बालिका को तैराकी सिखा रहे एंबुलेंस कर्मचारी और बेटी की नहर में बहने से मौत, 20 किमी दूर मिली बच्ची की लाश, बई गई भतीजी की जान

बालोद : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक दर्दनाक हादसा सामने आया. जहां तांदुला नहर में नहाने के दौरान पिता और बेटी तेज बहाव में बह गए. इस हादसे में पिता और 2 वर्षीय बेटी की मौत हो गई. जबकि भतीजी की जान बच गई. यह मामला पीपरछेड़ी गांव का है.
मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम धोबनपुरी निवासी यमन गंजीर उम्र 35 साल अपनी बेटी पल्लवी गंजीर उम्र 12 साल को नहर में तैरना सिखा रहे थे. इसी दौरान अचानक पानी का बहाव तेज हो गया और दोनों संतुलन खोकर बहने लगे. हादसे के समय भतीजी भी बहाव की चपेट में आ गई थी. जिसे मौके पर मौजूद लोगों ने समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. खोजबीन में आसानी के लिए तांदुला और गंगरेल बांध से पानी का बहाव अस्थायी रूप से रोका गया. कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने पिता का शव बरामद कर लिया. जबकि बेटी की लाश बुधवार सुबह घटनास्थल से करीब 20 किलोमीटर दूर मिली.
स्थानीय लोगों के मुताबिक धोबनपुरी गांव निवासी मृतक यमन गंजीर पीपरछेड़ी गांव का दामाद था और अपनी ससुराल एक शादी समारोह में शामिल होने आया था. गलवार को वे अपनी बेटी और रिश्ते में भतीजी लगने वाली दामिनी साहू के साथ पास की तांदुला नहर में नहाने चले गए. इसी दौरान टायमन अपनी बेटी को तैरना सिखा रहे थे.
मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे नहाते समय टायमन, उनकी बेटी और साथ में मौजूद दूसरी बच्ची पानी की गहराई और बहाव का सही अंदाजा नहीं लगा सके और अचानक बहने लगे. उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह दामिनी को बचा लिया. लेकिन टायमन और उनकी बेटी कुछ ही पलों में तेज धारा में बहकर ओझल हो गए.
खबर मिलते ही पुलिस और नगर सेना की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. तलाश अभियान को आसान बनाने के लिए तांदुला और गंगरेल बांध से पानी का बहाव अस्थायी रूप से कम कराया गया. गोताखोरों की कड़ी मशक्कत के बाद घटनास्थल से करीब 400 मीटर की दूरी पर पिता का शव बरामद कर लिया गया. वहीं, उनकी बेटी पालंकी का शव अगले दिन सुबह मिला.
इस दुखद घटना ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है. परिजन और ग्रामीण गहरे सदमे में हैं. यमन गंजीर बालोद जिला अस्पताल में 108 एम्बुलेंस सेवा में ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) के पद पर कार्यरत थे. उन्होंने पहले पखांजूर क्षेत्र में भी लंबे समय तक सेवाएं दी थीं. हाल ही में एम्बुलेंस सेवा का संचालन नई कंपनी को मिलने के बाद उनकी पोस्टिंग बालोद मुख्यालय में की गई थी. जहां वे पिछले एक महीने से कार्यरत थे.
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