शादी से लौट रहीं दो नाबालिग आदिवासी बच्चियों के साथ नौ लड़कों ने किया सामूहिक बलात्कार, मेडिकल जांच के दौरान हंगामा, आरोपी फरार
Two minor tribal girls returning from a wedding were gang-raped by nine boys, leading to a commotion during the medical examination, with the accused absconding.
अंबिकापुर : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से 2 आदिवासी नाबालिग लड़कियों से गैंगरेप का मामला सामने आया है. इससे थाना क्षेत्र में हडक़ंप मचा गया. दरअसल एक ही गांव की 4 नाबालिग लड़कियां शादी समारोह में शामिल होकर देर रात घर लौट रही थीं. इसी दौरान बाइक पर सवार 8-9 लडक़ों ने उन्हें रोक लिया. इस दौरान 2 किसी तरह भाग निकलीं. लेकिन 2 लड़कियों के साथ अलग-अलग जगह ले जाकर सामूहिक बलात्कार किया गया. इस घटना में सबसे दुखद पहलू यह है कि दूसरे दिन एक नाबालिग ने थाने में जाकर घटना की जानकारी दी. लेकिन पुलिस ने फौरन एफआईआर दर्ज नहीं किया और न ही पीडि़ता का एमएलसी कराया. इसे लेकर पुलिस पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं. फिलहाल पुलिस ने 4 लडक़ों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया है. 3 आरोपियों की पहचान कर ली गई है, जबकि बाकी संदिग्धों की तलाश जारी है। आसपास के इलाकों में दबिश दी जा रही है.
मिली जानकारी के मुताबिक 24 अप्रैल की शाम एक ही गांव की 4 नाबालिग सहेलियां दूसरे मोहल्ले में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने शाम करीब 7 बजे गई थीं. वहां से चारों रात करीब 10 बजे घर लौट रही थीं. इसी दौरान हाईस्कूल के पास 5-6 बाइक पर सवार 8-10 लडक़ों ने उन्हें रोक लिया. वे उनसे छेड़छाड़ करने लगे.
इसी बीच एक नाबालिग किसी तरह वहां से भाग निकली. जबकि युवकों ने 3 लड़कियों को पकड़े रखा. इसके बाद 4 युवक एक नाबालिग को हाईस्कूल से दूर खेत में ले गए. यहां चारों ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया. जबकि दूसरी नाबालिग के साथ हाईस्कूल के पास ही 3 युवकों ने सामूहिक बलात्कार किया.
अस्पताल के स्त्री रोग विभाग की एचओडी डॉ. अविनाशी कुजूर और कंटेंट क्रिएटर आकांक्षा टोप्पो के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हो गई. विवाद इतना बढ़ गया कि मौके पर मौजूद पत्रकारों से भी डॉक्टर की कहासुनी हो गई. जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया.
बताया जा रहा है कि पीड़िताओं के साथ आई अन्य लड़कियों को अस्पताल के बरामदे से बाहर जाने के लिए कहा गया. इसी बात को लेकर विवाद की शुरुआत हुई. जो धीरे-धीरे हंगामे में बदल गया.घटना की खबर मिलते ही अस्पताल प्रबंधन मौके पर पहुंचा और हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया. इसके बाद मेडिकल प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया.
इन घटनाओं ने स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश और डर का माहौल पैदा कर दिया है. आदिवासी समुदाय और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग किया कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए.
26 अप्रैल को पुलिस ने एक नाबालिग की मां की शिकायत पर पुलिस ने प्रियांशु खलखो, आशीष, राहुल व अन्य के खिलाफ धारा 70 (2) बीएनएस और पॉक्सो एकट की धारा 4(2), 5 (जी) व 6 के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है और दोनों पीड़िताओं की एमएलसी हुई.
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