रायपुर के होटल में पोर्न वीडियो शूटकर शादी से इंकार, परिजनों को किया शेयर, प्रेमी और होटल मैनेजर दोनों गिरफ्तार, संचालकों को सख्त चेतावनी जारी
A pornographic video was shot in a Raipur hotel and then refused to marry, and was shared with family members. Both the lover and the hotel manager were arrested. A strict warning was issued to the operators.
रायपुर : पुलिस कमिश्नरेट के मध्य जोन अंतर्गत थाना मौदहापारा पुलिस द्वारा गंभीर प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और उसका वीडियो बनाकर परिजनों को शेयर करने वाले मुख्य आरोपी सहित होटल मैनेजर को गिरफ्तार किया गया है.
मिली जानकारी के मुताबिक 26 अप्रेल 2026 को पीड़िता ने थाना मौदहापारा में रिपोर्ट दर्ज कराइ कि आरोपी टोनी ध्रूव उर्फ मुन्नू ने शादी का झांसा देकर जी.ई. रोड स्थित देविका होटल ले जाकर अपने परिचित होटल मैनेजर नितेश कुमार खुंटे की मदद से बिना वैध पहचान पत्र के कमरा लिया. वहां आरोपी ने पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाकर उसका वीडियो बनाया और बाद में पीड़िता के परिजनों को शेयर कर दिया. जिसके बाद आरोपी ने शादी करने से इंकार कर दिया.
पीड़िता की इस रिपोर्ट पर थाना मौदहापारा में अपराध क्रमांक 75/2026 धारा 69, 3(5) बीएनएस के तहत जुर्म दर्ज कर मामला जांच में लिया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम द्वारा 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी और सहयोगी होटल मैनेजर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया.
जांच में यह साफ हुआ कि होटल मैनेजर द्वारा नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना आईडी प्रूफ के कमरा उपलब्ध कराया गया. जिससे अपराध घटित होने में मदद मिली. इस बारे में उसके खिलाफ भी विधिसम्मत कार्रवाई की गई.
गिरफ्तार आरोपी
1. टोनी ध्रूव उर्फ मुन्नू, पिता हरि ध्रूव, उम्र 23 साल निवासी बीएसयूपी कॉलोनी, तेलीबांधा, रायपुर
2. नितेश कुमार खुंटे, पिता गजाधर प्रसाद खुंटे, उम्र 26 साल निवासी ग्राम कैथा, थाना हसौद, जिला शक्ती (वर्तमान – होटल देविका, मौदहापारा, रायपुर)
होटल संचालकों को सख्त चेतावनी जारी
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा सभी होटल, लॉज एवं गेस्ट हाउस संचालकों को सख्त निर्देश दिए जाते हैं कि सभी आगंतुक का वैध पहचान पत्र (ID Proof) अनिवार्य रूप से लेकर उसका विधिवत पंजीयन करें और संबंधित रिकॉर्ड संधारित रखें. बिना आईडी प्रूफ के कमरा उपलब्ध कराना, रिकॉर्ड संधारण में लापरवाही या किसी भी तरह से अवैध गतिविधियों को संरक्षण देना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है. ऐसे मामलों में संबंधित संचालक/मैनेजर के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्यवाही (दंडात्मक प्रकरण दर्ज, लाइसेंस निरस्तीकरण आदि) की जाएगी.
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