आयरन लदे ट्रक ने बाइक को मारी टक्कर, युवक की मौके पर मौत, BSF जवान गंभीर, दुर्ग से लौटते समय हादसा, ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

A truck loaded with iron collided with a bike, killing the youth on the spot, and a BSF jawan seriously injured. The accident occurred while he was returning from Durg, and villagers staged a road blockade.

आयरन लदे ट्रक ने बाइक को मारी टक्कर, युवक की मौके पर मौत, BSF जवान गंभीर, दुर्ग से लौटते समय हादसा, ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

बालोद : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में बुधवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. आयरन से लदे तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी. इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर रुप से घायल हो गया. घायल युवक सीमा सुरक्षा बल (BSF) में पदस्थ जवान है. जो छुट्टी पर अपने गांव आया हुआ था. घटना बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम दानीटोला बस स्टैंड के सामने बुधवार रात करीब 8 बजे हुई.
मिली जानकारी के मुताबिक कुसुमकसा निवासी नीतीश कुमार उम्र 24 साल और बीएसएफ जवान कामेश्वर तुमरेकी उम्र 37 साल दुर्ग से अपने गांव लौट रहे थे. दोनों एक ही बाइक पर सवार थे. इसी दौरान भानुप्रतापपुर से रायपुर जा रहा आयरन से भरा ट्रक तेज रफ्तार में आया और बाइक को सामने से टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सड़क से दूर जा गिरी और दोनों युवक गंभीर रुप से घायल हो गए.
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों ने फौरन मदद करते हुए दोनों घायलों को सड़क से उठाया. लेकिन तब तक नीतीश कुमार की मौके पर ही मौत हो चुकी थी. गंभीर रुप से घायल जवान कामेश्वर तुमरेकी को राहगीरों की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया. जहां उनका इलाज जारी है.
डॉक्टरों के मुताबिक जवान की हालत नाजुक बनी हुई है और उन्हें लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है. हादसे से आक्रोशित ग्रामीणों ने दानीटोला बस स्टैंड के पास करीब दो घंटे तक चक्काजाम कर दिया. ग्रामीणों का कहना था कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं. लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. हादसे की जानकारी मिलते ही बालोद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभाला. 
ग्रामीणों ने प्रशासन से स्कूल के पास स्पीड ब्रेकर लगाने, सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने और मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की. चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. खबर मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइश देकर चक्काजाम खत्म कराया.
कुसुमकसा के समाजसेवी अनिल सुथार ने बताया कि मृतक नीतीश कुमार अपने परिवार का इकलौता बेटा था. उसके परिवार में माता-पिता और एक छोटी बहन है. पढ़ाई पूरी करने के बाद नीतीश खेती-किसानी का काम संभाल रहा था. और परिवार की जिम्मेदारियां उसी पर थीं. उसकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. पूरे गांव में शोक का माहौल है और लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं.
बालोद थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने बताया कि हादसे में शामिल ट्रक को जब्त कर लिया गया है. चालक से पूछताछ की जा रही है और हादसे की वजह की जांच की जा रही है. मृतक के शव का पोस्टमॉर्टम कराए जाने के बाद उसे परिजनों को सौंपा गया. इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की तेज रफ्तार पर सवाल खड़े करता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा उपाय किए जाते, तो शायद इस युवक की जान बचाई जा सकती थी. प्रशासन से अब उम्मीद की जा रही है कि वह इस मार्ग पर स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएगा.
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