युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही के आरोप, विकासखंड शिक्षा अधिकारी के.एल. मतावले पर गिरी गाज, निलंबन और विभागीय जांच की अनुशंसा

Allegations of serious negligence in rationalization process, Block Education Officer K.L. Matavale in trouble, suspension and departmental inquiry recommended

युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही के आरोप, विकासखंड शिक्षा अधिकारी के.एल. मतावले पर गिरी गाज, निलंबन और विभागीय जांच की अनुशंसा

गरियाबंद/छुरा : छुरा विकासखंड शिक्षा अधिकारी के.एल. मतावले के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्यवाही की सिफारिश की है। कलेक्टर कार्यालय, गरियाबंद से जारी पत्र में बताया गया कि श्री मतावले ने शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण (रैशनलाइजेशन) प्रक्रिया में शासन के दिशा-निर्देशों की गंभीर अवहेलना की है. इसके चलते काउंसिलिंग प्रक्रिया में व्यापक अव्यवस्था उत्पन्न हुई और जिला प्रशासन की छवि धूमिल हुई.
शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा के बावजूद, छुरा विकासखंड से संबंधित जानकारी समय पर पेश नहीं की गई। शिक्षकों की वरिष्ठता के क्रम को जानबूझकर छिपाने, अतिथि शिक्षकों की गणना में मूल संस्था की उपेक्षा, और कई स्थानों पर शालाओं की गलत जानकारी देने जैसे गंभीर आरोप पत्र में दर्ज हैं.
प्राथमिक शाला टिकरापारा रानीपरतेवा और सतनामीपारा रानीपरतेवा की युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में श्रीमती कुंज दीवान को गलत तरीके से कनिष्ठ बताकर काउंसलिंग के लिए बुलाया गया. जबकि वे वरिष्ठ थीं. इसी तरह माध्यमिक शाला सांकरा में पाँच शिक्षक कार्यरत होने के बावजूद किसी को अतिशेष नहीं माना गया.
 हाई स्कूल सेम्हरा, घटकर्रा और हायर सेकेण्डरी विद्यालय पंक्तिया जैसे स्कूलों में अतिथि शिक्षकों की गणना में भी अनियमितताएं सामने आईं. हाई स्कूल पेण्ड्रा में संचालित वाणिज्य संकाय को गैर-संचालित बताकर वहां की व्याख्याता श्रीमती मधु वर्मा को अतिशेष घोषित कर दिया गया. जबकि सबूत खिलाफ थे.
प्रशासनिक पत्र में उल्लेख किया गया कि श्री मतावले द्वारा युक्तियुक्तकरण की समूची प्रक्रिया में जानबूझकर भ्रामक जानकारी पेश की गई और बार-बार जिला स्तरीय समिति को गुमराह किया गया. यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के अंतर्गत गंभीर लापरवाही, सत्यनिष्ठा की कमी और कर्तव्य के प्रति उदासीनता की श्रेणी में आता है.
कलेक्टर कार्यालय ने श्री के.एल. मतावले के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई, निलंबन एवं विभागीय जांच की सिफारिश करते हुए प्रस्ताव शासन के स्कूल शिक्षा विभाग, रायपुर को प्रेषित किया है.
इस पूरे मामले में शिक्षकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी BEO पर गलत मंशा से काम करने का आरोप लगाया है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने शिक्षा सचिव से मांग की है कि BEO को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरु की जाए.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
ttps://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB