दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने जमकर किया विरोध प्रदर्शन, मांगों को लेकर निकाली विशाल रैली, नियमितीकरण समेत 10 मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
Daily wage workers staged a massive protest, held a massive rally to press their demands, and submitted a memorandum demanding 10 jobs, including regularization.
रायगढ़ : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में शुक्रवार, 1 मई (मजदूर दिवस) को दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने प्रभावी प्रदर्शन किया. दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी फेडरेशन के बैनर तले शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी मिनी स्टेडियम में सैकड़ों कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया. साथ अपनी मांगों की आवाज बुलंद की. प्रदर्शन के बाद सभी कर्मचारी रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे. जहां उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की.
प्रदर्शन में ये हुए शामिल
प्रदर्शन में वाहन चालक, कम्प्यूटर ऑपरेटर, डाटा एंट्री ऑपरेटर, कार्यालय सहायक, तेंदूपत्ता गोदाम चौकीदार और स्कूल सफाई कर्मचारी काफी तादाद में शामिल हुए. इसमें रायपुर, बलौदाबाजार, रायगढ़, धमतरी, गरियाबंद, राजनांदगावं समेत पूरे प्रदेश के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी ने भागीदारी की.
आश्वासन के बाद मांगें नहीं मानी
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पूर्व में अपनी मांगो को लेकर फेडरेशन द्वारा आंदोलन किया गया था. तब मांगों को पूरा करने का आश्वसन दिया गया. लेकिन अब तक मांगे पूरी नहीं हो सकी है.
दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की मांग
नियमतीकरण: सभी विभाग, निगम, मंडल, बोर्ड में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी, वाहन चालक, कार्यालय सहायक कम्प्यूटर ऑपरेटर, डाटा एन्टी आपरेटर, दैनिक श्रमिक, सुरक्षा श्रमिक, तेन्दुपत्ता गोदाम सुरक्षा श्रमिक का जल्द से जल्द नियमितीकरण किया जाए.
जिन दैवेभो ने 2 साल सेवा पूरी कर लिया है. उन्हें मध्यप्रदेश की तर्ज पर स्थाईकरण किया जाए.
वन विभाग में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी, वाहन चालक, कार्यालय सहायक कम्प्युटर आपरेटर, डाटा एन्ट्री आपरेटर, दैनिक श्रमिक, सुरक्षा श्रमिक के लिए सभी कर्मचारियों के मामलों को आकस्मिकता कार्यभारित किये जाने के लिए प्रस्ताव वित्त विभाग में भेजा गया है. जिन्हें स्वीकृति प्रदान करते हुए जल्द पास किया जाए.
श्रम संहिता कानू लागू किया जाए: समस्त विभाग, निगम, मंडल, बोर्ड में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी, वाहन चालक, कार्यालय सहायक कम्प्युटर ऑपरेटर, डाटा एन्ट्री आपरेटर, दैनिक श्रमिक, सुरक्षा श्रमिक, तेन्दुपत्ता गोदाम सुरक्षा श्रमिक व स्कूल सफाई कर्मचारियों के लिए जल्द 4 श्रम संहिता कानून लागू कर केन्द्र के समान वेतन दिया जाए.
श्रम सम्मान राशि दी जाए: सभी विभागों और निगम, मंडल, बोर्ड में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी, वाहन चालक, कार्यालय सहायक कम्प्युटर ऑपरेटर, डाटा एन्टी आपरेटर, दैनिक श्रमिक, सुरक्षा श्रमिक जिन्हें श्रम सम्मान राशि से वंचित किया गया है. उन्हें 4,000 रुपया प्रति माह श्रम सम्मान राशि दिया जाए.
ठेका प्रथा बंद हो: समस्त विभागों, निगम, मंडल, बोर्ड में आउटसोर्स, प्लेसमेंट ठेका के जरिए कर्मचारी रखे जा रहे हैं. उस पर फौरन रोक लगाते हुए ठेका प्रथा बंद किया जाए.
श्रमायुक्त दर से वेतन दिया जाए: स्कूल शिक्षा विभाग में स्कूल सफाई कर्मचारियों को 3500 रुपया मानदेय देकर अल्प वेतन पर कार्य कराया जा रहा है. जिसे 8 घंटा काम लेकर पूर्णकालिक करते हुए श्रमायुक्त दर से वेतन प्रदान किया जाए.
सभी विभागों में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के जितने भी सीधी भर्ती के रिक्त पद हैं. उन पदों पर सर्व प्रथम योग्यता और अनुभव के आधार पर दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों को समायोजित किया जाए.
मजदूर दिवस पर शासकीय अवकाश हो: 1 मई, मजदूर दिवस के दिन श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए सवैतनिक शासकीय अवकाश घोषित किया जाए.
वन कर्मियों को श्रमायुक्त दर से वेतन भुगतान की मांग
वन विभाग में संयुक्त वन प्रबंधन समिति, एएनआर, वन विकास अभिकरण, वृक्षारोपण में कार्य करने वाले सुरक्षा श्रमिकों को प्रतिमाह समिति के जरिए सिर्फ 4-6 हजार रुपये मासिक वेतन भुगतान किया जाता है.
जबकि उक्त सुरक्षा श्रमिक 12 घंटा काम करते हैं और गर्मी के दिनों में जब जंगलों में आग लगती है तो 16 से 18 घंटे काम करते हैं. इसके बाद भी अल्प वेतन दिया जाता है, जो उचित नहीं है.
संयुक्त वन प्रबंधन समिति, एएनआर, वन विकास अभिकरण, पौधरोपण में काम करने वाले सुरक्षा श्रमिकों को प्रतिमाह श्रमासुक्त दर से वेतन भुगतान किया जाए.
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