कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने किया पुण्य स्नान, मां विंध्यवासिनी मंदिर कनकबीरा में मनाया गया हर्षोल्लास से आंवला नवमी का पर्व

Devotees took holy bath on Kartik Purnima festival of Amla Navami was celebrated with enthusiasm in Maa Vindhyavasini temple Kanakabira

कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने किया पुण्य स्नान, मां विंध्यवासिनी मंदिर कनकबीरा में मनाया गया हर्षोल्लास से आंवला नवमी का पर्व

कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने किया पुण्य स्नान, घाट पर की गई भगवान शिव और मां गंगा की महाआरती

राजनांदगांव : कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर राजनांदगांव शहर के मोहरा स्थित शिवनाथ नदी में पुण्य स्नान के लिए सैकड़ो की तादाद में श्रद्धालु पहुंचे. यहां उन्होंने दीपदान कर अपने परिवार के लिए सुख-समृद्धि की कामना की. इस दौरान नदी के घाट पर भगवान शिव और मां गंगा की महाआरती की गई. वहीं श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाते हुए दीपदान कर स्नान दान से पुण्य प्राप्त करते हुए सुख समृद्धि की कामना की.
पूर्ण स्नान के लिए शिवनाथ नदी पहुंचे श्रद्धालुओं ने कहा कि वह प्रतिवर्ष कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर यहां आकर स्नान और दीपदान करते हैं. शिवनाथ नदी पर स्नान के लिए तड़के 3 बजे से ही श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगने लगा. सुबह 4 बजे श्रद्धालुओं ने यहां आस्था की डुबकी लगाई.
इस दौरान सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा भी व्यापक व्यवस्था की गई थी. नदी में पुलिस टीम नाव में पेट्रोलिंग करते रही, तो वहीं गोताखोर की व्यवस्था भी की गई थी.
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मां विंध्यवासिनी मंदिर कनकबीरा में मनाया गया हर्षोल्लास से आंवला नवमी का पर्व

सारंगढ़ : जिला मुख्यालय सारंगढ़ के सुदूर अंचल के गांव में हर साल की तरह इस साल भी जय जगत जननी माँ विंध्यवासिनी देवी मंदिर परिसर कनकबीरा में बड़े धूमधाम से हर्षोल्लास से विधि विधान से आंवला नवमी पर्व मनाया गया. मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि से लेकर पूर्णिमा तिथि तक भगवान विष्णु आंवला के वृक्ष में निवास करते हैं. इसलिए आंवला नवमी के दिन आंवला के वृक्ष की पूजा अर्चना की जाती है,.जिससे आरोग्य, सुख-शांति और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है.
इसी मान्यता को लेकर माता के आंगन में स्थित आंवला पेड़ की पूजा आराधना की गई. सुबह से ही श्रद्धालु जनों का आगमन होता रहा. और आसपास के बिंझवार समाज एवं अन्य समाज के माताएँ, बहनें, बड़े भाई, बुजुर्ग, बच्चों की बड़ी संख्या में भीड़ एकत्रित हुई. साथ में मंदिर परिवार की ओर से बड़े भोज का भी आयोजन का कार्यक्रम रखा गया. जिसमें सभी क्षेत्रवासीयों ने भोज का आनंद लिया. विंध्यवासिनी मंदिर की आस्था और विश्वास की चर्चा के साथ मंदिर के आंगन में पर्व को मनाकर अपने को धन्य मानते हैं. लोगों का विश्वास इस स्थल से जुड़ा है. गांव और आस पास में तीज त्यौहार पर लोग उपस्थित होकर एक साथ खुशी मनाते हैं.
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