रांग साइड से आ रही ट्रैक्टर ने बाइक सवारों को मारी टक्कर, ट्रॉली के पहिए के नीचे आने से पति के सामने महिला और मासूम बेटी की दर्दनाक मौत

A tractor coming from the wrong side hit the bike riders, and a woman and her innocent daughter died tragically in front of her husband after being crushed under the wheels of a trolley.

रांग साइड से आ रही ट्रैक्टर ने बाइक सवारों को मारी टक्कर, ट्रॉली के पहिए के नीचे आने से पति के सामने महिला और मासूम बेटी की दर्दनाक मौत

दुर्ग : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में मंगलवार दोपहर मिट्टी से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली ने मां-बेटी को कुचल दिया. मां और 2 साल की बेटी की मौत हो गई. एक हफ्ते पहले ही बच्ची का बर्थडे मनाया गया था.  इस हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है. घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर- 5 की है. 
मिली जानकारी के मुताबिक स्कूटी सवार विकास साहू उम्र 30 साल पत्नी मोनिका साहू उम्र 28 साल और दो साल की मासूम बेटी वामीका साहू के साथ दुर्गा समिति के पास जा रहा था. इस दौरान भारतीय दयानंद आर्य स्कूल के पास ट्रैक्टर नंबर CG 07 D 3977, ट्रॉली नंबर CG 07 N 4992 को देख उसने ब्रेक मारी. ब्रेक मारते ही पीछे बैठी पत्नी और बेटी नीचे गिर गई. दोनों ट्रॉली के पिछले पहिए की चपेट में आ गईं. ट्रैक्टर-ट्रॉली दोनों को रौंदते हुए आगे बढ़ गई. मां-बेटी लहूलुहान होकर तड़पने लगे. उन्हें फौरन पास के प्राइवेट अस्पताल लाया गया. लेकिन ज्यादा खून बहने से उनकी जान चली गई.
चश्मदीद चुम्मा लाल देशमुख ने बताया कि करीब दोपहर 12:30 बजे ट्रैक्टर रॉन्ग साइड से आ रहा था और भारतीय दयानंद आर्य उच्च माध्यमिक विद्यालय के पास ज्यादा स्पीड में होने की वजह से चालक बाइक सवार परिवार को नहीं देख पाया. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि महिला और बच्ची ट्रैक्टर के पिछले पहिए के नीचे आ गईं. जिससे दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. आसपास मौजूद लोगों ने घायल विकास साहू को जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां उनका इलाज जारी है.
और ड्राइवर के खिलाफ लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया गया है. फिलहाल पुलिस ट्रैक्टर ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. ट्रैक्टर मालिक की भी जानकारी निकाली जा रही है. दोनों शवों का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भी भिजवा दिया गया. आंखों के सामने हुई इस घटना को देख पिता सदमे में है.
मरारपारा वार्ड नंबर 5 के निवासी दिनेश देवांगन ने बताया कि जिस सड़क पर यह हादसा हुआ. वहां रोजाना भारी ट्रैफिक रहता है। आसपास तीन-चार स्कूल होने के कारण बच्चों की आवाजाही बनी रहती है. लेकिन सड़क पर एक भी स्पीड ब्रेकर नहीं है. लोगों का कहना है कि यह सड़क अब मौत का रोड बन चुकी है और प्रशासन की लापरवाही लगातार हादसों को जन्म दे रही है.
स दर्दनाक हादसे ने पूरे दुर्ग शहर को झकझोर कर रख दिया है। जिसने भी घटना के बारे में सुना, उसकी आंखें नम हो गईं. एक हफ्ते पहले बेटी का जन्मदिन मनाने वाला पिता आज उसी बच्ची और पत्नी को खो चुका है.
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