11 केवी तार की चपेट में आए पिता-पुत्र, खेलने के दौरान करंट से बच्चे की मौत, बेटे को बचाने पिता बुरी तरह झुलसा, गांव में पसरा मातम, जिम्मेदार कौन?
Father and son came in contact with 11 KV wire, child died due to electric shock while playing, father got badly burnt while saving his son, mourning spread in the village, who is responsible?
बिलासपुर/सीपत : सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम पंधी में रविवार को दर्दनाक हादसा हो गया. खेलते-खेलते 11 केवी तार की चपेट में आने से 13 साल के बच्चे की मौत हो गई. बेटे को बचाने दौड़े पिता भी करंट की चपेट में आकर गंभीर रुप से झुलस गए. इस हादसे के बाद गांव और परिवार में मातम छा गया.
मिली जानकारी के मुताबिक मृतक आदित्य सूर्यवंशी पिता संजय सूर्यवंशी उम्र 13 साल ग्राम पंधी में संजय मिश्रा के बाड़े की बाउंड्रीवॉल पर खेल रहा था. गांव में 11 केवी का तार जमीन से सिर्फ 7 फीट ऊपर से गुजर रहा था. इसी दौरान दोपहर खाना खाने के बाद वह घर के सामने खेल रहा था. खेल-खेल में वह गांव के ही संजय मिश्रा के घर के 5 फीट ऊंचे बाउंड्रीवाल पर चढ़ गया. और पास से गुजर रही 11 केवी बिजली तार की चपेट में आ गया.
बेटे को गिरते देख पिता संजय भी दीवार पर चढ़े. लेकिन करंट की जद में आकर वे भी घायल हो गए. करंट लगने से आदित्य की मौके पर ही मौत हो गई. जानकारी मिलते ही सरपंच वीरेंद्र साहू मौके पर पहुंचे और पुलिस को खबर दी. खबर पर सीपत थाना प्रभारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और पंचनामा कार्यवाही कर शव का पोस्टमार्टम कराया. इस मामले की जांच जारी है.
हादसे का चश्मदीद मृतक का छोटा भाई अंश सूर्यवंशी रहा. उसने बताया कि उसका बड़ा भाई बाउंड्री वॉल पर चढ़ा हुआ था. तभी बिजली के तार से संपर्क होते ही तेज झटका लगा और वह नीचे गिर पड़ा.
हादसे में घायल संजय सूर्यवंशी को परिजन फौरन दोपहर 3 बजे सीपत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे. यहां इलाज शुरु होने में एक घंटे से ज्यादा का समय लग गया. जहां पिता का इलाज जारी है.
आदित्य की मां का निधन तीन साल पहले गंभीर बीमारी के दौरान हो गया था. पिता संजय तीनों बच्चों का अकेले पालन-पोषण कर रहे थे. आदित्य सबसे बड़ा बेटा था. बेटे की मौत के बाद पिता अस्पताल के दरवाजे पर फूट-फूट कर रो पड़े.
बिजली विभाग सीपत के जूनियर इंजीनियर रंजना देवांगन ने कहा कि मुझे वहां के हालात की जानकारी नहीं थी. क्योंकि मैं नई हूं. उन्होंने बताया कि हादसे के बाद बिजलीकर्मियों से पूछने पर पता चला कि वहां पोल की जरुरत है. गड्ढा भी खोदा गया था. लेकिन स्थानीय लोगों ने पोल लगाने से रोक दिया. फिलहाल जांच की जा रही है और व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी. हालांकि सरपंच वीरेंद्र साहू का कहना है कि विभाग को जानकारी थी. बावजूद कार्रवाई नहीं हुई और इसी लापरवाही से मासूम की जान गई.
पीडि़त परिवार और ग्रामीणों का कहना है कि सीपत पीएससी इमरजेंसी के लिए भरोसेमंद नहीं है. ऐसे हालात में बिलासपुर अस्पताल ले जाना ही सुरक्षित विकल्प है. गांव में हुई इस दर्दनाक घटना से माहौल गमगीन है. जहां एक तरफ मासूम की मौत ने परिवार को तोड़ दिया. वहीं घायल पिता की हालत भी चिंता का विषय बनी हुई है. सीपत थाना प्रभारी ने कहा है कि घटना की जांच की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb?mode=ac_t



