सरकारी कर्मचारियों को इस बार एडवांस मिलेगी सैलरी, भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव जारी किया बयान
Government employees will get salary advance this time, Indian State Pensioners Federation Chhattisgarh State President Virendra Namdev issued a statement.
रायपुर : दिवाली से पहले छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों को सीएम विष्णुदेव साय ने बड़ा तोहफा दिया है. साय सरकार इस महीने (अक्टूबर) की सैलरी दिवाली से पहले ही (एडवांस में) दे देगी. सरकार सैलरी पहले देने का मकसद है. ताकि कर्मचारी त्योहारों को अच्छे से परिवार के साथ मना सकें. इस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक्स पर पोस्ट भी किया और दिवाली की अग्रिम शुभकामनाएं भी दी हैं.
जारी विज्ञप्ति में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने कहा कि भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश ने छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग के द्वारा 16 अक्टूबर 25 को शासकीय कर्मचारियों को दीपावली के पूर्व 17 और 18 अक्टूबर को मासिक वेतन का भुगतान करने के लिए आदेश जारी किया है. लेकिन सरकार के इस आदेश में राज्य के सेवानिवृत शासकीय कर्मचारियों के मासिक पेंशन भुगतान का कोई उल्लेख नहीं होना पेंशनरों के साथ सरकार का सौतेला व्यवहार का द्योतक है.
उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है भोले-भाले मुख्यमंत्री को अंधेरे में रखकर यह आदेश जारी किया गया है क्योंकि इस आदेश पर धारा 49 का कोई रोड़ा नहीं है तो फिर मासिक पेंशन के अग्रिम भुगतान के आदेश को क्यों रोका गया है. यह यक्ष प्रश्न बन गया है. इसीलिए शक होता है कि इसके पीछे कोई न कोई साजिश कर रहा है. जो नहीं चाहता कि मुख्यमंत्री की लोकप्रियता की ग्राफ में वृद्धि हो.
वीरेन्द्र नामदेव ने पेंशनरों को छोड़कर सिर्फ कर्मचारियों को दीपावली के पूर्व वेतन भुगतान के आदेश को भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की छबि खराब करने की साजिश करार देते हुए पूछा कि क्या बुजुर्ग पेंशनरों को दिवाली मनाने का हक नहीं है?. क्या उनके परिवार नए कपड़े नहीं चाहिए़? क्या पेंशनर का परिवार को दीपावली में खर्च के लिए रुपये की कोई जरुरत नहीं है?. ये तो हद हो गई यह पेंशनरों के साथ अपमान की पराकाष्ठा है. सरकार में ब्यूरोक्रेट वित्त मंत्री और ब्यूरोक्रेट अधिकारी किन कारणों से पेंशनर्स से किस बात का बदला निकाल रहे हैं समझ से परे है. पेंशनरों के लिए दीपावली के पूर्व महंगाई राहत का आदेश न होना. यह सब सरकार को बदनाम करने का संगठित प्रयास लगता है. ऐसा क्यों हो रहा है यह जांच का विषय है.
जारी विज्ञप्ति में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश पदाधिकारी क्रमशः पूरन सिंह पटेल, जे पी मिश्रा, टी पी सिंह, बी एस दसमेर, आर जी बोहरे, ओ डी शर्मा, सुरेश मिश्रा, अनिल पाठक, लोचन पाण्डे, आर के टंडन, नरसिंग राम, एम एन पाठक, मालिक राम वर्मा, बी एल यादव, आर के दीक्षित, शैलेन्द्र सिन्हा, आर के साहू, भीमराव जाम्हले, एस सी भटनागर, सी एल चंद्रवंशी, डी के पांडेय, टी एल चंद्राकर, सुश्री कलावती पांडे, श्रीमती उर्मिला शुक्ला, श्रीमती वंदना मिश्रा, बी डी मानिकपुरी, व्ही टी सत्यम, अनिल तिवारी, हरेंद्र चंद्राकर, शरद काले, एस के चिलमवार, आलोक पाण्डे, तपन चक्रवर्ती, विंसेंट जोसफ, शरद अग्रवाल,आर के दीक्षित, नागेन्द्र सिंह आदि ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से इसे संज्ञान में लेकर इस विषय पर स्वतंत्र एजेंसी से जांच कर साजिश के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही करने की मांग की है.
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