नशे में लड़खड़ाया दूल्हा तो दुल्हन ने मंडप में ही तोड़ी शादी, बारात में जमकर बवाल, कई घंटे बनाया बंधक, पुलिस ने दी समझाइश, बिना दुल्हन लौटी बारात
The bride broke off the wedding at the wedding venue after the groom became inebriated, causing a commotion in the wedding procession, holding them hostage for several hours, and the police provided counsel, and the procession returned without the bride.
बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया. जहां शादी का जश्न उस समय विवाद में बदल गया. जब बारात लेकर पहुंचे दूल्हे की हालत देखकर दुल्हन ने फेरे लेने से साफ इनकार कर दिया. मामला इलाके में चर्चा का विषय बन गया है. आरोप है कि नशे में धुत दूल्हे को देखकर लड़की पक्ष भड़क गया और शादी तोड़ दी. इसके बाद बारात में जमकर हंगामा हुआ.
बिलासपुर में एक लड़की के घर पर शादी की पूरी तैयारी थी. परिवार में खुशी का माहौल था. बारात का इंतजार हो रहा था. तय समय पर बारात भी पहुंची. डीजे की धुन पर बाराती नाचते-गाते दुल्हन के घर पहुंचे. चारों तरफ खुशी का माहौल था. लेकिन तभी दूल्हे के पैर लड़खड़ाने लगे. उसकी इस हरकत को देखकर लड़की वाले एलर्ट हो गए. लड़की वालों को जो तस्वीर दिखाई गई थी. उसमें लड़का काफी हैंडसम लग रहा था. लेकिन उसकी हरकतों से दुल्हन बौखला गई और शादी तोड़ दी. यह मामला बिलासपुर जिले के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के कसदुल में का है.
मिली जानकारी के मुताबिक दूल्हा राजू मंडले उम्र 25 साल निजी क्षेत्र में काम करता है और कोर्मी गांव का रहने वाला है. उसकी दुल्हन सुनीता (नाम बदला हुआ) भी कसदुल की ही निवासी है. दोनों परिवारों ने कुछ हफ्ते पहले ही शादी के लिए औपचारिक सहमति दे दी थी और शादी की तैयारियां चल रही थीं.
राजू के पिता रामखिलावन मंडले करीब 30 मेहमानों के साथ पहुंचे और दुल्हन के घर पहुंचते ही नाचते-गाते जश्न मनाने लगे. बारात के सदस्य घर के बाहर डीजे की धुन पर झूमते हुए खूब मस्ती कर रहे थे. स्थानीय रीति-रिवाज के मुताबिक दूल्हे को दुल्हन के दरवाजे पर अभिवादन करना जरुरी था. इसी दौरान उनकी शारीरिक स्थिति का पता चल गया.
परिवार के मौजूद सदस्यों के मुताबिक "जब वह कार से उतरे तो पूरी तरह लड़खड़ा रहे थे." समारोह शुरू होने से पहले ही दूल्हे की हालत का पता चलने पर दुल्हन ने अपने पिता और मौजूद परिवार के सदस्यों के सामने अपना फैसला साफ कर दिया. उन्होंने शादी न करने का फैसला सुनाया.
सुनीता के परिवार ने फौरन सभी रस्में रोक दीं. पारंपरिक गर्मजोशी भरे स्वागत के बजाय, समारोह में तनाव छा गया. दुल्हन के रिश्तेदारों ने खुलकर अपनी निराशा व्यक्त की और कुछ ही मिनटों में उत्सव का माहौल टकराव में बदल गया.
इसके बाद अफरा-तफरी मच गई. दूल्हे के रिश्तेदारों ने आरोप लगाया कि दुल्हन के परिवार वालों ने राजू, उसके पिता और शादी में आए पांच अन्य मेहमानों को बंधक बना लिया और उन्हें परिसर छोड़ने से रोक दिया. दुल्हन पक्ष ने कथित तौर पर शादी के खर्चों के मुआवजे की मांग की और परिवार की इज्जत को हुए नुकसान का दावा किया.
राजू के दादा मणिराम मंडले ने बाद में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई उनके मुताबिक उस रात देर से एक समझौता बैठक हुई. दुल्हन के परिवार ने शुरू में 20 लाख रुपये की मांग की. बातचीत के बाद, यह रकम घटाकर 7 लाख रुपये कर दी गई और राजू के परिवार को सुबह तक पैसे का इंतजाम करने के निर्देश दिए गए.
मनीराम अगले दिन परिवार के अन्य सदस्यों के साथ इंतजार करता रहा. लेकिन राजू और उसके हिरासत में लिए गए रिश्तेदार वापस नहीं लौटे. चिंतित होकर उसने सिरगिट्टी पुलिस स्टेशन जाकर दुल्हन के परिवार के खिलाफ गैरकानूनी हिरासत की शिकायत दर्ज कराई.
सिरगिट्टी थाने के सब-इंस्पेक्टर किशोर केनवाट को शिकायत मिली और उन्होंने फौरन कसदुल पुलिस स्टेशन से संपर्क कर उन्हें खबर किया कि दूल्हे के रिश्तेदारों को कथित तौर पर उनकी इच्छा के खिलाफ बंधक बनाकर रखा गया है. पुलिस जांच के लिए दुल्हन के घर पहुंची.
पहुंचने पर, अधिकारियों ने राजू, उसके पिता और अन्य शादी के मेहमानों को घर के अंदर पाया। जो कथित तौर पर खाना खाने के बाद आराम कर रहे थे. जब दुल्हन के परिवार को पता चला कि पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है. तो वे भी जवाबी शिकायतें और मांगें लेकर थाने पहुंचे.
अधिकारियों ने दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता करने की कोशिश में पूरी रात बिताई. दुल्हन के परिवार ने शादी के खर्च और सामाजिक बदनामी का हवाला देते हुए वित्तीय मुआवजे के बारे में अपना रुख बरकरार रखा.
सिरगिट्टी थाने के प्रभारी किशोर केनवाट ने बताया कि हिरासत में लिए गए व्यक्तियों को आपराधिक संदिग्ध के रुप में नहीं रखा गया है. उन्होंने कहा, "उन्हें जेल में बंद नहीं किया गया है. दुल्हन का परिवार शादी की व्यवस्था और सामाजिक नुकसान के लिए सामाजिक समाधान प्रक्रिया के जरिए मुआवजे की मांग कर रहा है." उन्होंने आगे कहा, "यह दोनों परिवारों का निजी मामला है. जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी."
यह मामला तकनीकी रूप से कसदुल पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है और जांच जारी है. दोनों परिवारों ने अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई हैं. जिससे एक वैवाहिक मामला कई आरोपों से भरा एक नागरिक विवाद में तब्दील हो गया है.
दो परिवार जो कभी वैवाहिक समझौते के जरिए जुड़े हुए थे. अब कानूनी कार्यवाही और वित्तीय विवादों में उलझे हुए हैं.
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