रिश्वत के आरोप में कोटा बीईओ विजय टाण्डेय और क्लर्क एकादशी पोर्ते पर गिरी गाज, छात्रावास अधीक्षक को मिला नोटिस, इधर 5 वनकर्मी सस्पेंड
Kota BEO Vijay Tande and clerk Ekadashi Porte were suspended on charges of bribery, hostel superintendent received notice, while 5 forest workers were suspended
रिश्वत के आरोप में कोटा बीईओ विजय टाण्डेय और क्लर्क एकादशी पोर्ते पर गिरी गाज
बिलासपुर : भ्रष्टाचार का आरोप प्रारंभिक जांच में सही पाये जाने पर कोटा बीईओ सहित एक क्लर्क के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई है. बीईओ को जहां पद से हटाकर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं. वहीं क्लर्क को सस्पेंड कर दिया गया है.
मिली जानकारी के मुताबिक कोटा विकासखण्ड की शिक्षिका नीलम भारद्वाज ने पखवाड़े भर पहले कलेक्टर द्वारा आयोजित कर्मचारी जनदर्शन में एक शिकायत पत्र सौंपा. उन्होंने बताया कि उनके शिक्षक पति की मौत के बाद उनके स्वत्वों के भुगतान के लिए 1.24 लाख रुपये का रिश्वत मांगा जा रहा है. बीईओ को जानकारी देने के बाद उनके द्वारा भी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है.
कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उनके शिकायत को टीएल पंजी में दर्ज किया और जिला शिक्षा अधिकारी को मामले की जांच के निर्देश दिए. जांच में सही पाये जाने पर कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर ने ये कार्रवाई की है. कोटा बीईओ का प्रभार खुरदूर के प्राचार्य नरेन्द्र प्रसाद मिश्रा को सौंपा गया है. नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दी जायेगी.
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रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र 2025 के दौरान सदन में गलत जानकारी देने के मामले में वन मंत्री केदार कश्यप ने जांच के निर्देश दिए थे. जिसके बाद PCCF व्ही. श्रीनिवास राव की अध्यक्षता में कमिटी का गठन किया गया था. वहीं जांच रिपोर्ट के बाद वन परिक्षेत्र अधिकारी समेत 5 कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है.
बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र 2025 के दौरान कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश ने इंदिरा निकुंज माना रोपणी में संचालित कुंवारादेव महिला स्व सहायता समूह के कार्य संचालन के बारे में विभाग द्वारा सदन में गलत जानकारी पेश करने की बात कही थी.
इस मामले में मंत्री केदार कश्यप ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख को जांच करने के लिए निर्देश दिए थे. जिसके बाद PCCF व्ही. श्रीनिवास राव की अध्यक्षता में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक नावेद शुजाउद्दीन और मुख्य वन संरक्षक रायपुर वृत्त, रायपुर, राजू अगासिमनी सदस्यों द्वारा तत्काल जांच समिति गठित किया गया.
इसके बाद तथ्यों को छुपाने और गलत जानकारी पेश करने वाले दोषी अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 5 अधिकारी-कर्मचारी को सस्पेंड किया गया. जिनमें रायपुर वनमंडल के रायपुर परिक्षेत्र अधिकारी सतीश मिश्रा, माना नर्सरी प्रभारी वनपाल तेजा सिंह साहू, वनमंडल कार्यालय के सहायक ग्रेड-02 अविनाश वाल्दे और प्रदीप तिवारी, परिक्षेत्र कार्यालय के लिपिक अजीत ड़डसेना को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया.
इसके अलावा वनमंडलाधिकारी लोकनाथ पटेल एवं उप वनमंडलाधिकारी विश्वनाथ मुखर्जी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शासन स्तर पर करने के लिए पत्राचार करने निर्देशित किया है.
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छात्रावास अधीक्षक को मिला नोटिस
गौरेला पेंड्रा मरवाही : बच्चे जब छुट्टी में घर गए थे तब छात्रावास की किसी बच्ची ने कलेक्टर को व्हाट्सएप मैसेज कर छात्रावास में अव्यवस्था के बारे में अवगत कराते हुए छात्रावास आने का निवेदन किया. इसी कड़ी में कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी बच्ची की बात को तत्काल संज्ञान में लेते हुए निमधा के कन्या छात्रावास का निरीक्षण किया.
निरीक्षण के दौरान सहायक आयुक्त आदिवासी विकास गोपेश मनहर भी मौजूद थे. निरीक्षण के दौरान छात्रावास अधीक्षिका अनुपस्थित पाई गई. गैरहाजिर अधीक्षिका को नोटिस जारी किया गया. कलेक्टर के द्वारा बच्चों से चर्चा की गई.
बच्चों ने बताया कि शौचालय में पानी सप्लाई नहीं होता है. खाने में सिर्फ आलू और बंधा गोभी की सब्जी दी जाती है और दाल भी डेली नहीं दिया जाता है. बच्चों से पालक मुलाकात करने छात्रावास आते हैं तो उन्हें छात्रावास के बाहर धूप में ही मुलाकात कराया जाता है. कलेक्टर ने व्यवस्था में सुधार लाने सहायक आयुक्त को निर्देश दिया.
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