ब्याज में लिए पैसे लौटाने पर धमकी, बोला- तुम्हारा पैसा नहीं दूंगा जो करना है कर लो!, बैंक में बंधक जमीन का किया एग्रीमेंट, आरोपी गिरफ्तार
Openly threatened on returning the money taken on interest, said- I will not give your money, do whatever you want!, Agreement was made for mortgaged land in the bank, accused arrested
बिलासपुर : बिलासपुर शहर में धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है. जहां आरोपी ने ब्याज पर लिए गए पैसों को लौटाने के बजाय बैंक में पहले से गिरवी रखी जमीन को कई लोगों को बेचने का फर्जी एग्रीमेंट कर दिया. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को कोरबा से गिरफ्तार कर लिया है.
मिली जानकारी के मुताबिक सरकंडा थाना क्षेत्र के विवेकानंद नगर फेस 2 मोपका निवासी किशन लाल बंजारे उम्र 31 साल ने 24 जनवरी 2025 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि वह लाइसेंसी साहूकारी का काम करता है. पड़ोस में रहने वाले भास्कर प्रसाद त्रिपाठी ने 2023 में अलग-अलग तारीख में 15 लाख रुपये चेक के जरिए उधार लिए थे. जब किशन लाल ने अपनी रकम वापस मांगी. तो आरोपी ने तीन महीने का समय मांगा.
समय बीतने के बाद भी जब पैसे वापस नहीं मिले. तो भास्कर प्रसाद त्रिपाठी ने अपनी बगल में स्थित जमीन 19 लाख रुपये में बेचने का एग्रीमेंट कर दिया. लेकिन रजिस्ट्री नहीं कराई. शक होने पर जब पीड़ित ने जांच की. तो पता चला कि यह जमीन पहले से ही बैंक में गिरवी रखी हुई .। इतना ही नहीं आरोपी ने इसी जमीन का एग्रीमेंट कई अन्य लोगों से भी कर रखा था.
जब किशन लाल ने भास्कर प्रसाद से पैसे लौटाने या जमीन की रजिस्ट्री कराने को कहा तो आरोपी ने खुलेआम धमकी दी - “तुम्हारा पैसा नहीं दूंगा, जो करना है कर लो!” इसके अलावा उसने जातिसूचक गालियां भी दीं और जान से मारने की धमकी दी.
इस मामले की शिकायत पर धारा 318(4), 296, 351(2) बीएनएस और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(ध), 3(2)(5)क के तहत जुर्म दर्ज किया गया. पुलिस ने आरोपी की तलाश में साइबर सेल की मदद ली. जिससे भास्कर प्रसाद त्रिपाठी की लोकेशन कोरबा में मिली.
थाना प्रभारी निलेश पाण्डेय और उपनिरीक्षक संजीव ठाकुर की टीम ने 17 मार्च 2025 को कोरबा में दबिश देकर आरोपी को हिरासत में ले लिया. पूछताछ में आरोपी ने जुर्म कबूल कर लिया. जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया.
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए किसी भी संपत्ति की खरीद से पहले उसकी विधिवत जांच कराएं. बैंक में गिरवी रखी संपत्ति को खरीदने से पहले बैंक और राजस्व विभाग से पुष्टि करना जरुरी है.
नाम आरोपी :-
भास्कर प्रसाद त्रिपाठी पिता भागवत प्रसाद त्रिपाठी उम्र 56 साल निवासी विवेकानंद नगर फेस 2, मोपका, थाना सरकण्डा, जिला बिलासपुर (छ.ग.)
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