गुवाहटी पुलिस की हिरासत में रायपुर पुलिसकर्मी, महकमे में मच गया हड़कंप, आरोपियों को पैसे लेकर छोड़ने के आरोप, 24 घंटे के बाद छूटे अफसर
Raipur police officers are in Guwahati police custody, causing widespread uproar. They were accused of extorting money and releasing the accused. The officers were released after 24 hours.
रायपुर : रायपुर पुलिस की एक टीम को असम के गुवाहाटी में हिरासत में लिए जाने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. टिकरापारा थाना में दर्ज डिजिटल अरेस्ट मामले की जांच के दौरान आरोपी पकड़ने पहुंची छत्तीसगढ़ पुलिस और असम पुलिस आमने-सामने आ गईं. असम पुलिस ने कार्रवाई करते हुए टीआई रविंद्र यादव सहित 4 पुलिसकर्मियों को हिरासत में ले लिया. हालांकि छत्तीसगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद करीब 24 घंटे बाद छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम को गुवाहटी पुलिस ने छोड़ दिया गया. टीम गुवाहटी से रायपुर के लिए रवाना हुई.
मिडिया रिपोर्ट के मुताबिक रायपुर के टिकरापारा थाना में दर्ज डिजिटल अरेस्ट केस में आरोपियों की तलाश के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम गुवाहाटी पहुंची थी. इस टीम में टिकरापारा थाना प्रभारी रविंद्र यादव, एक एएसआई, एक हवलदार और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे. टीम ने वहां एक आरोपी को हिरासत में लिया था और उससे पूछताछ की जा रही थी.
इसी दौरान असम पुलिस ने छत्तीसगढ़ पुलिस टीम पर गंभीर आरोप लगाए. गुवाहाटी पुलिस का दावा है कि सीजी पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ने के बाद दो अन्य आरोपियों को कथित तौर पर पैसे लेकर छोड़ दिया. इस आरोप के आधार पर असम पुलिस ने छत्तीसगढ़ पुलिस टीम को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की.
सूत्रों के मुताबिक इस कार्रवाई के दौरान असम पुलिस ने करीब 2.50 लाख रुपए भी जब्त किए हैं. दावा किया जा रहा है कि यह रकम आरोपियों से ली गई थी. वहीं छोड़े गए आरोपियों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई. जिसके बाद यह पूरा मामला सामने आया.
घटना के बाद दोनों राज्यों की पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई. छत्तीसगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने असम पुलिस से संपर्क किया और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. इसके बाद करीब 24 घंटे की पूछताछ के बाद टीम को छोड़ दिया गया. फिलहाल इस मामले में दोनों राज्यों की पुलिस अपने-अपने स्तर पर जांच कर रही है.
पुलिस उपायुक्त संदीप पटेल ने बताया कि टीम गुवाहटी में आरोपियों को गिरफ्तार करने गई थी. टीम ने आरोपियों को हिरासत में लेकर उनसे ठगी गई रकम की रिकवरी शुरू की थी. रिकवरी रकम को घूस बताकर आरोपी के रिश्तेदारों और मोहल्लेवालों ने पुलिसकर्मियों को घेरा और गुवाहटी पुलिस को खबर दी. गुवाहटी पुलिस ने आरोपियों को अरेस्ट करने पहुंची टीम का मोबाइल जब्त कर लिया था. इस वजह से उनसे बात नहीं हो पाई. घटना सोमवार को हुई थी. मंगलवार को बातचीत के बाद टीम वहां से रवाना हुई.
इस घटना से दोनों राज्यों की पुलिस के बीच तालमेल की कमी भी उजागर हुई. पूरे घटनाक्रम ने कानून व्यवस्था और अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय पर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मामले की पूरी समीक्षा की जा रही है और आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी. साथ ही यह भी देखा जाएगा कि गिरफ्तारी प्रक्रिया में किसी स्तर पर कोई चूक तो नहीं हुई.
फिलहाल रायपुर पुलिस की टीम सुरक्षित वापस लौट चुकी है और मामले की जांच जारी है. इस घटना के बाद दोनों राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर समन्वय की जरुरत पर भी बात शुरू हो गई है. ताकि भविष्य में ऐसे हालात दोबारा न बने.
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