महिला का हाथ, पैर और मुंह बांधकर मकान में लूट, 3 आरोपी गिरफ्तार, 8 दिन रेकी कर दिया वारदात को दिया अंजाम, जेवरात एवं नगद रकम बरामद
Robbery in a woman's house after tying her hands, feet and mouth, 3 accused arrested, 8 days of recce, the crime was committed, jewelery and cash recovered.
रायपुर : राजधानी के गुढ़ियारी थाना क्षेत्रान्तर्गत मकान में लाखों की लूटपाट करने वाले 3 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है. इस मामलें में पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया है कि 21 तोला सोना और 1 किलोग्राम चांदी वजनी सोने-चांदी के जेवरात जुमला कीमत 21 लाख का मशरुका आरोपियों से जप्त किया गया. प्रार्थिया और मामले का मुख्य आरोपी सुनील चौहान उर्फ अप्पू पूर्व से परिचित थे.
प्रार्थिया टिकेश्वरी रजक ने थाना गुढ़ियारी में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह गुढ़ियारी क्षेत्रांतर्गत सुखराम नगर गोगांव में अपने पुत्र के साथ किराये के मकान में रहती है तथा आमापारा चौक रायपुर में बर्फ की दुकान चलाती है। प्रार्थिया दिनांक 24.02.2025 के दोपहर अपने मकान में कमरे में सोई हुई थी, कि दोपहर करीबन 02.30 बजे दो अज्ञात व्यक्ति प्रार्थिया के घर अंदर कमरे का दरवाजा को धकेल कर अंदर प्रवेश किये, दोनो व्यक्तियों ने अपने मुंह को गमछे से बांधा हुआ था एवं एक व्यक्ति ने अपने हांथ से प्रार्थिया के मुंह को दबा दिया तथा दूसरा व्यक्ति प्रार्थिया के दोनो पैर को पकडा एवं दोनो के द्वारा प्रार्थिया के दोनो हाथ, पैर एवं मुंह को बांध दिया गया था। अज्ञात व्यक्तियों के द्वारा प्रार्थिया के गले में धारदार हथियार रखकर जान से मारने की धमकी देते हुए आलमारी की चाबी के संबंध में पूछा गया प्रार्थिया के चाबी बताये जाने पर अज्ञात व्यक्तियों के द्वारा चाबी निकालकर आलमारी को खोलने का प्रयास किया गया चाबी से आलमारी नही खुलने पर उनके द्वारा अपने बैग में रखे लोहे के रॉड से आलमारी के लॉकर को तोड़ कर उसमें रखे सोने चांदी के जेवरात, सिक्के एवं नगदी रकम को लूट कर फरार हो गये थे। जिस पर अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध थाना गुढ़ियारी में अपराध क्रमांक 83/2025 धारा 309(6), 331(3) बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध किया गया है.
लूट की घटना को पुलिस महानिरीक्षक रायपुर क्षेत्र, रायपुर अमरेश मिश्रा तथा पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह द्वारा गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर लखन पटले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्राईम संदीप मित्तल, नगर पुलिस अधीक्षक उरला पूर्णिमा लामा, उप पुलिस अधीक्षक क्राईम संजय सिंह, प्रभारी एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना प्रभारी गुढ़ियारी को अज्ञात अरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए निर्देशित किया गया.
जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना गुढ़ियारी पुलिस की संयुक्त विशेष टीम का गठन किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण कर प्रार्थिया तथा आस-पास के लोगो से घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ कर अज्ञात आरोपियों की पतासाजी करना शुरु किया गया. टीम के सदस्यों द्वारा घटना स्थल तथा उसके आस-पास लगे सी.सी.टी.व्ही कैमरों के फुटेजों का अवलोकन किया गया साथ ही मामले में मुखबीर लगाकर भी अज्ञात अरोपियों की पतासाजी की जा रही थी.
इसी दौरान टीम के सदस्यों द्वारा सी.सी.टी.व्ही. कैमरों के फुटेजों के विश्लेषण में टीम के सदस्यों को अज्ञात अरोपियों द्वारा घटना में दोपहिया वाहनों के उपयोग के संबंध में की जानकारी मिली. जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा वारदात में इस्तेमाल दोपहिया वाहनो की भी जानकारी इकठ्ठा कर अज्ञात आरोपियों को निशानदेही करने के प्रयास किये जा रहे थे. टीम के सदस्यों द्वारा 1000 से ज्यादा सी.सी.टी.व्ही. फुटेजों का विश्लेषण करने के साथ-साथ तकनीकी विश्लेषण के जरिए भी आरोपियों की पतासाजी की गई.
इसी दौरान टीम के सदस्यों को मामले में शामिल अज्ञात आरोपियों के बारे में अहम जानकारी मिली जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा प्रकरण में शामिल भिलाई दुर्ग निवासी सुनील चौहान उर्फ अप्पू की पतासाजी कर हिरासत में लिया गया। घटना के बारे में कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी सुनील चौहान उर्फ अप्पू द्वारा अपने अन्य 2 साथी विक्रम सिंह चौहान उर्फ दिवस एवं तीरेन्द्र चौहान उर्फ बंटी के साथ मिलकर लूट की घटना को अंजाम देना कबूल किया गया.
पूछताछ में पाया गया कि आरोपी सुनील चौहान उर्फ अप्पू, पूर्व से ही प्रार्थिया का परिचित था जिसकी वजह से उसे प्रार्थिया के घर में लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और नगदी रकम होने की जानकारी थी. जिस पर उसके द्वारा अपने तीनों साथियों के साथ मिलकर प्रार्थिया के घर में लूट की घटना को अंजाम देने की योजना 2 महीने पहले बनाई गई थी. घटना को अंजाम देने के लिये आरोपियों द्वारा घटना कारित करने के 8 दिन पहले प्रार्थिया के घर की रेकी भी की गई थी और घटना को योजना अनुसार 2 आरोपी विक्रम चौहान और तीरेन्द्र चौहान द्वारा स्पलेण्डर बाईक में गाड़ी का नम्बर निकालकर पिड़िता के घर गये और मुख्य आरोपी सुनील चौहान उर्फ अप्पू पीड़िता के आमापारा स्थित दुकान के पास चौक में रेकी करने लगा. आरोपी विक्रम चौहान और तीरेन्द्र चौहान द्वारा पीड़िता के घर में लूटपाट की घटना को अंजाम दी गई और सुनील चौहान द्वारा घटना की योजना बनाकर रेकी की गई कर लूट की घटना को अंजाम दिया गया था.
जिस पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूट के 21 तोला सोना और 1 किलोग्राम चांदी वजनी के जेवरात, हीरे की अंगूठी, नगदी रकम और वारदात में इस्तेमाल 2 नग दोपहिया वाहन, 3 नग मोबाईल फोन और अन्य आलाजरब जुमला कीमत करीब 21,00,000/- रुपये जप्त कर आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही किया गया है.
इस मामले में शामिल आरोपी विक्रम सिंह चौहान पूर्व में थाना सुपेला से हत्या के नियत से अपहरण के मामले में और आरोपी तिरेन्द्र चौहान पूर्व में थाना जामूल से मारपीट के मामले में जेल निरूद्ध रह चुके हैं.
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