नेशनल हाईवे में गढ्ढे ही गढ्ढे, आधी रात ग्रामीणों ने किया चक्काजाम, कई गांवों में 6 दिनों से नहीं आ रही लाइट, सड़क पर आवारा मवेशी, बढ़ रहे हादसे

There are potholes on the national highway, villagers blocked the road at midnight, there is no electricity in many villages for the last 6 days, stray cattle on the road, accidents are increasing

नेशनल हाईवे में गढ्ढे ही गढ्ढे, आधी रात ग्रामीणों ने किया चक्काजाम, कई गांवों में 6 दिनों से नहीं आ रही लाइट, सड़क पर आवारा मवेशी, बढ़ रहे हादसे

नेशनल हाईवे में गड्ढे ही गड्ढे, आधी रात ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

मुंगेली : मुंगेली जिले के बरेला में गुरुवार को लोगों का सब्र जवाब दे गया. जब राष्ट्रीय राजमार्ग 130 की जर्जर हालत और उस पर बेलगाम दौड़ते भारी वाहनों की वजह से नाराज जनता ने खुद मोर्चा संभाल लिया और सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया.
जिससे करीब एक घंटे तक हाईवे ठप रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई. इसकी खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासन को मौके पर आकर आक्रोशित लोगों को समझाइश देना पड़ा. बरेला से होकर गुजरने वाली NH-130 की सड़क गड्ढों से छलनी हो चुकी है.
दिन-रात गुजरते भारी वाहनों की वजह से हालात और भी बदतर हो गए हैं. न पैदल चलना सुरक्षित,न दोपहिया चलाना आसान... तखतपुर और बरेला के बीच में संकरे और जर्जर पुल राहगीर और स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है.
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कई गांवों में 6 दिनों से नहीं आ रही लाइट, प्रशासन की चुप्पी से उभरा जनआक्रोश, ग्रामीणों का चक्काजाम

कोरबा/कटघोरा : कोरबा जिले के रजकम्मा मदनपुर गांव में 4 दिन से बिजली की समस्या से परेशान दर्जनों ग्रामीणों ने गुरुवार सुबह 6 बजे से बिलासपुर-अंबिकापुर नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई. इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा शामिल रहे. पूरा मामला कटघोरा थाना क्षेत्र का है
मिली जानकारी के मुताबिक बिजली विभाग की लापरवाही से उनकी मूलभूत सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं. पानी की आपूर्ति बंद होने से लोगों को 2-3 किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है. बिजली नहीं होने से मोटर बंद है. जिससे लोगों को तालाब का गंदा पानी, कुएं का पानी पीना पड़ रहा है.
ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि बिजली नहीं होने से बच्चे रात भर नहीं सो पा रहे हैं. उन्होंने बताया कि इसकी शिकायत कई बार बिजली विभाग को दी गई. लेकिन इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ. जिसके कारण विवश होकर उन्हें चक्का जाम करना पड़ा.
ग्रामीण महिला चंद्रमती ने बताया कि मंगलवार से उनके गांव में बिजली नहीं आई है. आसपास के घरों में लोग उल्टी, दस्त की समस्या से परेशान हैं. घरों के मोबाइल फोन में चार्ज नहीं है. उन्होंने मांग किया कि तत्काल नया ट्रांसफार्मर लगाया जाए. हद तो तब हो गई जब चक्काजाम के बाद भी न तो विद्युत विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और न ही प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल की गई. जिससे ग्रामीण अत्यधिक आक्रोशित नजर आए.
वहीं घटना की जानकारी मिलते ही कटघोरा थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. इस बीच पुलिस द्वारा ग्रामीणों को समझाईश दी गई. आश्वासन दिया गया कि समस्या का जल्द ही निराकरण किया जाएगा. जिसके बाद ही ग्रामीणों ने चक्काजाम खत्म किया. विद्युत विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौके पर पहुंचे. और विद्युत व्यवस्था बहाल करने में लगे हुए हैं.
हालांकि ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है — अगर 24 घंटे के भीतर बिजली व्यवस्था को सामान्य नहीं किया गया. तो अगली बार प्रदर्शन और बड़ा होगा. और पूरा ब्लॉक स्तर पर आंदोलन खड़ा किया जाएगा.
ग्रामीणों की नाराज़गी अब सिर्फ  बिजली विभाग तक सीमित नहीं रही. बल्कि प्रशासनिक तंत्र की निष्क्रियता पर भी सवाल उठने लगे हैं. जनता यह पूछ रही है कि आखिर कब तक उनकी समस्याओं को अनदेखा किया जाएगा और कब तक उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए आंदोलन करना पड़ेगा?
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सड़क पर आवारा मवेशी, भानुप्रतापपुर में बढ़ रहे हादसे

भानुप्रतापपुर : सड़कों पर आवारा मवेशियों की बढ़ती तादाद एक बड़ी समस्या बनती जा रही है. तेज रफ्तार वाहनों और सड़क पर बैठे मवेशियों के कारण हादसे लगातार बढ़ रहे हैं. हाल ही में दल्लीरोड पेट्रोल पंप के पास एक बछड़े की सड़क हादसे में मौत हो गई. जिससे यह समस्या एक बार फिर से चर्चा में आ गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि मवेशियों के मालिकों को अपने जानवरों की देखभाल करनी चाहिए और उन्हें सड़कों पर नहीं छोड़ना चाहिए.
अगर मवेशियों के मालिक ध्यान नहीं दे रहे हैं तो प्रशासन को उन पर जुर्माना लगाना चाहिए और सड़क से मवेशियों को उठाकर गौशाला या गोठान में भेज देना चाहिए. इस दर्दनाक हादसे के बाद भानुप्रतापपुर के युवाओं ने आगे आकर मृत बछड़े को सड़क से उठाया और खुदगड्ढा खोदा और बछड़े को दफनाया.
भानुप्रतापपुर के युवाओं ने इस समस्या का समाधान करने के लिए आगे आने का फैसला किया है. उनका कहना है कि वह प्रशासन के साथ मिलकर इस समस्या का समाधान करने की कोशिश करेंगे और सड़कों को आवारा मवेशियों से मुक्त बनाने का प्रयास करेंगे.
इस समस्या का समाधान करने के लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने की जरुरत है. सड़कों पर आवारा मवेशियों की तादाद कम करने से हादसों की तादाद भी कम हो सकती है. इसके लिए प्रशासन को मवेशियों के मालिकों पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ गौशाला या गोठान में मवेशियों को रखने की व्यवस्था करनी चाहिए.
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