महासमुंद में होगा घमासान, पूर्व पालिका अध्यक्ष बगावत कर निर्दलीय लड़ेंगे चुनाव, पंचकोणी होगा मुकाबला, चुनावी मैदान में भाई से होगी चुनावी जंग

There will be a fierce battle in Mahasamund, the former municipal president will rebel and contest the election as an independent, there will be a Panchakoni contest, there will be an electoral battle with brother in the electoral field

महासमुंद में होगा घमासान, पूर्व पालिका अध्यक्ष बगावत कर निर्दलीय लड़ेंगे चुनाव, पंचकोणी होगा मुकाबला, चुनावी मैदान में भाई से होगी चुनावी जंग

महासमुंद में घमासान, पूर्व पालिका अध्यक्ष बगावत कर निर्दलीय लड़ेंगे चुनाव, पंचकोणी होगा मुकाबला

महासमुंद : महासमुंद नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस भाजपा और आम आदमी पार्टी ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर सारे कयासों को खत्म कर दिया हैं. राष्ट्रीय पार्टियों के प्रत्याशियों के नाम की घोषणा के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों में बगावत के सुर उठने लगे हैं. जहां कुछ टिकट के वादेदारों ने बगावत कर दी है. वहीं कुछ और प्रत्याशी मैदान में उतरने वाले हैं.
बता दें कि भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व विधायक और प्रदेश प्रवक्ता डॉक्टर विमल चोपड़ा को मैदान में उतार दिया है. वहीं कांग्रेस पार्टी ने वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष राशि त्रिभुवन महिलांग की टिकट काटकर युवा नेता निखिलकांत साहू को कांग्रेस का प्रत्याशी बना दिया है.
पूर्व विधायक के मैदान में उतरने से पूर्व पालिका अध्यक्ष प्रकाश चंद्राकर ने पार्टी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है. वहीं कांग्रेस पार्टी से अपना टिकट पक्का मानकर चल रही राशि त्रिभुवन महिलांग के भी निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने के आसार हैं. इस तरह से चुनावों हालातों को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि मुकाबला पंचकोणी होना तय माना जा रहा है.
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चुनावी मैदान में भाई बने प्रतिद्वंद्वी

दंतेवाड़ा/गीदम : छत्तीसगढ़ में दंतेवाड़ा जिले के गीदम नगर पंचायत में दो चचेरे भाइयों के बीच कड़ा और रोचक मुकाबला होने वाला है. इस  नगर पंचायत से कांग्रेस ने रविश सुराना पर एक बार फिर से भरोसा जताकर उन्हें मैदान में उतारा है तो इस बार बीजेपी ने रविश के भाई रजनीश पर बड़ा दांव खेला है.
प्रदेश में शहर से लेकर गांव तक चुनावी सरगर्मी है. घर, बाहर, बाजार, दुकानों से लेकर हर जगह सिर्फ चुनाव पर चर्चा हो रही है. अब प्रत्याशियों की घोषणा होने के बाद कई जगह मुकाबला बेहद दिलचस्प होता दिख रहा है. दंतेवाड़ा की गीदम नगर पंचायत में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प है.
कांग्रेस के प्रत्याशी रविश की पत्नी साक्षी सुराना 2019 के चुनाव में नगर पंचायत का चुनाव जीती थीं. पार्टी ने इस बार रविश को टिकट दिया है. 5 सालों के कार्यकाल में कई सारे काम किए हैं. इनके कामों से शहर की जनता कितनी खुश है  इस चुनाव में जनता जवाब देगी. रविश का परिवार लंबे सालों से कांग्रेस पार्टी से जुड़ा रहा है.
इधर बीजेपी के प्रत्याशी रजनीश सुराना की बात करें तो वे भी पार्टी के लिए मजबूत युवा चेहरा हैं. उनकी मां राधा सुराना पंच से लेकर 3 बार पार्षद बन चुकी हैं. ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि इनके परिवार की पकड़ लोगों के बीच कितनी मजबूत है. बड़े भाई मनीष सुराना जिला पंचायत के उपाध्यक्ष रह चुके हैं.
ये भी युवा चेहरा हैं. सामाजिक कामों में अक्सर आगे रहते हैं. इनकी सक्रियता को देखते हुए पार्टी ने इस बार इन्हें टिकट दिया है. अब देखना ये होगा कि ये भाई अपनी पार्टियों के भरोसे पर कितना खरा उतरते हैं. शहर की जनता अध्यक्ष पद की सीट पर किस भाई को बैठाती है?
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