दीपावली के दिन संदिग्ध हालत में मिली व्यापारी की लाश, कीटनाशक के डिब्बे भी मिले; पत्नी से विवाद, सुसाइड की आशंका, जांच में जुटी पुलिस
A businessman's body was found in suspicious circumstances on Diwali, along with pesticide containers; police are investigating a dispute with his wife, suspecting suicide.
बालोद : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में दिवाली के दिन एक व्यापारी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। सुनसान इलाके में खड़ी इलेक्ट्रिक कार के बाहर शव देखकर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी।मामला अर्जुन्दा थाना क्षेत्र का है.
मृतक की पहचान अर्जुन्दा भाठापारा के रहने वाले डगेश्वर उर्फ पप्पू देवांगन उम्र 45 साल के रुप में हुई है. वह अर्जुन्दा, डौंडीलोहारा और निकुम में संचालित समाधान कृषि केंद्र के संचालक थे.
पुलिस के मुताबिक इलेक्ट्रिक कार के सामने पप्पू देवांगन का शव पड़ा था. शव पूरी तरह से काला हो गया था. घटनास्थल से दो खाली कीटनाशक की बोतलें भी पुलिस ने बरामद की है. बताया जा रहा है उनकी पत्नी से तलाक का मामला चल रहा था. जिससे वे तनाव में थे. पुलिस ने खुदकुशी की आशंका जताई है. फिलहाल जांच जारी है.
परिजनों का कहना है पप्पू देवांगन सुबह करीब 6.30 बजे घर से निकले थे. जब वह वापस नहीं लौटे तो दोपहर तक परिजनों ने अर्जुन्दा क्षेत्र में उनकी तलाश की. लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. त्योहार होने के कारण परिजनों ने भी इसे ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया. इसी बीच दोपहर करीब 2 बजे ग्राम चौरेल के सुनसान भाठा इलाके में खड़ी इलेक्ट्रिक कार के बाहर संदिग्ध हालत में शव देखकर ग्रामीणों ने पुलिस को खबर दी. खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी.
इस मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस जब मौके पर पहुंची तो इलेक्ट्रिक कार के सामने पप्पू देवांगन का शव पड़ा मिला. पुलिस ने घटनास्थल से दो खाली कीटनाशक की बोतलें बरामद की हैं.
बताया जा रहा है कि जहर इतना तेज था कि मृतक का शरीर काला पड़ने लगा था. प्राथमिक जांच में पुलिस को आशंका है कि पप्पू देवांगन सुबह इस सुनसान इलाके में आकर कीटनाशक पीकर खुदकुशी कर ली होगी.
फिलहाल पुलिस ख़ुदकुशी के एंगल से मामले की जांच कर रही है. वहीं यह भी जांच की जा रही है कि मृतक अकेले आया था या किसी और व्यक्ति के साथ.. इसके लिए आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं.
घटना की जानकारी मिलते ही अर्जुन्दा और आसपास के ग्रामीणों की मौके पर भीड़ लग गई. मौके पर पहुंचे अर्जुन्दा देवांगन समाज के लोगों ने बताया कि पप्पू देवांगन सेवा-भावी और मिलनसार व्यक्ति थे. लेकिन पिछले तीन सालों से पारिवारिक विवाद के कारण वे मानसिक रुप से तनाव में थे. बताया गया कि उनका और उनकी पत्नी के बीच तलाक का मामला अदालत में चल रहा था. कई बार दोनों पक्षों के बीच समझौते की कोशिशें हुईं. लेकिन सुलह नहीं हो पाई. इसी कारण वे अक्सर तनावग्रस्त रहते थे. लेकिन दीवाली त्योहार के दिन खुदकुशी क्यों की यह जांच का विषय है.
अर्जुन्दा के उमेश देवांगन ने बताया कि पप्पू देवांगन अपनी माता के साथ बचपन से अलग रहते थे. अर्जुन्दा उनका मामा गांव था. जहां उन्होंने मेहनत और लगन से काम करते हुए अपने दम पर एक सफल व्यापारी के रूप में पहचान बनाई और व्यापार का विस्तार किया. वे अपनी बुजुर्ग मां और 9 साल की मासूम बेटी का एकमात्र सहारा थे. अचानक हुई इस दर्दनाक घटना के बाद अर्जुन्दा और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है. उन्होंने बताया कि सोमवार शाम को अर्जुन्दा में उनका अंतिम संस्कार किया गया.
अर्जुन्दा टीआई जोगेंद्र साहू ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम फौरन मौके पर पहुंची. घटनास्थल से कीटनाशक के डिब्बे बरामद किए गए हैं. प्रथम दृष्टया मामला खुदकुशी का मालूम होता है. लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह साफ होगा. मर्ग कायम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है.
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