जनसुनवाई विरोध प्रदर्शन में महिला पुलिसकर्मी से बदसलूकी, दो आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश तेज, जेल के सामने पहुंची महिला पुलिस
A woman police officer was manhandled during a public hearing protest. Two suspects were arrested, and a search for the remaining police personnel intensified. Police arrived in front of the jail.
रायपुर : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में जिंदल कोयला खदान के विरोध के दौरान हुई हिंसा और महिला आरक्षक के साथ बर्बरता के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. पुलिस ने अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. जबकि वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है.
रायगढ़ के पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने बताया कि महिला आरक्षक के साथ दुर्व्यवहार की घटना को बेहद गंभीरता से लिया गया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस घटना में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस ने मामले में करम सिंह राठिया उर्फ मंगल राठिया, पिता श्याम सुंदर राठिया, उम्र 34 साल ग्राम आमगांव, थाना तमनार और चिनेश खम्हारी उर्फ कुनू, पिता कृष्णचंद खम्हारी, उम्र 30 साल ग्राम कोलतापारा, आमगांव, थाना तमनार को जांच और रिमांड प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को जेल दाखिल किया गया
जैसे ही महिला पुलिसकर्मी को आरोपियों के जेल भेजे जाने की भनक लगी. वह जिला जेल के बाहर पहुंच गई और आक्रोश जताने लगी. काफी देर तक स्थिति तनावपूर्ण रही. उच्च अधिकारियों की समझाइश के बाद महिला पुलिसकर्मी शांत हुई और मामला कंट्रोल किया गया. इस घटना ने तमनार और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पूरा मामला 8 दिसंबर 2025 को धौराभाठा में आयोजित जनसुनवाई के विरोध से जुड़ा है. जिंदल पावर लिमिटेड (JPL) के गारे पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक से प्रभावित 14 गांवों के ग्रामीण 12 दिसंबर से कोयला खदान के विरोध में धरने पर बैठे थे.
27 दिसंबर की सुबह लिबरा चौक पर सैकड़ों ग्रामीण इकट्ठा हो गए और सड़क पर बैठकर आवागमन बाधित कर दिया. हालात को संभालने के लिए करीब 10 बजे अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, पुलिस अधिकारी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे. समझाइश के बाद प्रदर्शनकारियों को धरना स्थल के टेंट में वापस भेजा गया.
जिला प्रशासन के मुताबिक आसपास के गांवों से और लोग पहुंचते गए. जिससे दोपहर तक भीड़ करीब एक हजार तक पहुंच गई. प्रशासन लगातार माइक के जरिए शांति बनाए रखने की अपील करता रहा. लेकिन प्रदर्शनकारी बार-बार सड़क जाम करने की कोशिश करते रहे.
दोपहर करीब ढाई बजे हालात अचानक बिगड़ गए. उग्र भीड़ ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए और पत्थर व डंडों से हमला शुरु कर दिया. इस दौरान तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम के साथ भी मारपीट की गई. हमले में कई पुलिसकर्मी और महिला आरक्षक घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.
हिंसक घटनाओं के बाद जिंदल कंपनी प्रबंधन ने गारे पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक के लिए प्रस्तावित जनसुनवाई नहीं कराने का फैसला लिया है. पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जैसे-जैसे सबूत सामने आएंगे और गिरफ्तारियां की जाएंगी.
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