शिक्षा प्रबंधन की बड़ी लापरवाही पूर्व माध्यमिक शाला केवरा में नहीं फहरा आजादी का राष्ट्रीय ध्वज, नवापारा के सरकारी दफ्तरों में तिरंगा भी नदारद
Big negligence of education management, national flag of independence not hoisted in Pre Madhyamik Shala Kewara, tricolor is also missing in government offices of Navapara
नवापारा के सरकारी दफ्तरों में तिरंगा भी अनुपस्थित
गोबरा नवापारा : 79वां स्वतंत्रता दिवस चारों ओर तिरंगे, देशभक्ति के गीत और हर घर तिरंगा की गूंज रही. लेकिन इस जोश के बीच, दो सरकारी दफ्तरों ने इस दिन को शायद गहरी नींद में मनाने का फैसला कर लिया. हमर क्लीनिक (अयोग्य मंदिर, सतनामी पारा, वार्ड क्रमांक 9) और भारतीय डाकघर यहां न तिरंगा लहराया. न कोई कार्यक्रम हुआ. बस सरकारी सन्नाटा...
पूछा गया तो विकासखंड चिकित्सा अधिकारी ने जिम्मेदारी नीचे फेंक दी. मानो कह रहे हों मेरे लेवल का काम नहीं.. आगे बढ़ो. वहीं डाकघर के उप डाकपाल ने भी तिरंगे को जगह की कमी का हवाला देकर आराम दे दिया. लगता है आज़ादी का जश्न मनाने के लिए प्लॉट चाहिए. देशभक्ति के लिए दिल नहीं.
देश में जब पीएम से लेकर गली-मोहल्ले तक हर घर तिरंगा को लेकर फोटोशूट कर रहे थे. गोबरा नवापारा के इन सरकारी अड्डों ने मानो कह दिया तिरंगा तो VIP है. यहां बुलाने की औकात नहीं।
स्थानीय लोग इसे राष्ट्रीय पर्व की बेइज्जती मान रहे हैं. नाराज़गी इतनी है कि लोग अब चाहते हैं कि अगली बार तिरंगे को भी बुलावा भेजा जाए और बैठने के लिए कुर्सी दी जाए.
स्वतंत्रता दिवस हर साल आता है. लेकिन तिरंगे को सरकारी दफ्तरों में लहराने का मन शायद पांच साल में एक बार आता है. गोबरा नवापारा का यह खास अंदाज़ अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा में है.
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शिक्षा प्रबंधन की बड़ी लापरवाही पूर्व माध्यमिक शाला केवरा में नहीं फहरा आजादी का राष्ट्रीय ध्वज
सूरजपुर/प्रतापपुर : सूरजपुर जिले के विकासखंड प्रतापपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत केवरा में संचालित पूर्व माध्यमिक स्कूल में 15 अगस्त का झंडा नहीं फहराया गया. न हीं स्कूल का ताला खोला गया. जिसको लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित स्थानिय ग्रामीणों में काफी आक्रोश है. जिसमें शिक्षा प्रबंधन की बड़ी लापरवाही मानी जा रही है.
ऐसा लग रहा मानो शिक्षा विभाग को हमेशा सुर्खियों में रहना पसंद है. देश को आजाद हुए इतने साल हो गए. लेकिन शिक्षा विभाग में कोई सुधार नहीं हो रहा है. इनकी कार्य प्रणाली हमेशा अखबारों की सुर्खियो में बनी रहती है अब तो इनके निगरानी और कार्य प्रणाली पर बड़ा प्रश्न चिन्ह इनके विकासखंड के अंतर्गत स्कूल में झंडा नहीं फहराया गया और इनको पता भी नहीं अब तो हद हो गई. इतनी बड़ी लापरवाही शायद ही देखने को मिलती है.
भारत के कोने-कोने में आजादी का परचम बुलंदी से फहराया और लहराया जाता है. इस बार किसके आदेश पर स्कूल में नाही झंडा फहराया गया ना ही स्कूल का ताला खुला जो अब जांच का विषय है. आजादी के इस महापर्व में शासकीय सहित अर्धशासकीय छोटे बड़े संस्थानों में बड़े हर्षोल्लास के साथ आजादी का पर्व मनाया जाता है. लेकिन शिक्षा प्रबंधन के लापरवाही से कहीं ना कहीं राज्य की सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़ा कर दिए?
इस विषय में ग्राम पंचायत केवरा के स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित ग्रामीणों से जानकारी चाही गई. उन्होंने कहा इस तरह शिक्षा प्रबंधन की लापरवाही बर्दाश्त करने लायक नहीं है. शिक्षा विभाग इसको गंभीरता से संज्ञान में ले और उच्च स्तरीय जांच करते हुए जो भी जिम्मेदार हो उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें नहीं तो बाध्य होकर बड़ा जन आंदोलन करने को ग्रामवासी मजबूर होंगे.
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