बेरोजगारी भत्ते पर विधानसभा में मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष का वॉकआउट, गूंजा धान खरीदी-टोकन का मुद्दा,आज आदिवासियों की जमीन खरीदी का मुद्दा

Dissatisfied with the minister's response on unemployment allowances, the opposition staged a walkout in the Assembly. The issue of paddy procurement tokens resurfaced. The issue of tribal land purchases also surfaced today.

बेरोजगारी भत्ते पर विधानसभा में मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष का वॉकआउट, गूंजा धान खरीदी-टोकन का मुद्दा,आज आदिवासियों की जमीन खरीदी का मुद्दा

रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीत सत्र का दूसरे दिन सदन में कई विषयों पर चर्चा हुई. आज ध्यानाकर्षण में आदिवासियों की जमीन खरीदी का मुद्दा गूंजेगा. आज ध्यानाकर्षण में विधायक विक्रम मंडावी मुद्दा उठाएंगे. विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते हेल्थ इंश्योरेंस का मुद्दा उठाएंगी. हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम सेटलमेंट में गड़बड़ी पर भी ध्यानाकर्षण करेंगे.
विधानसभा क्षेत्र में मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया ने धान खरीदी केंद्रों में व्याप्त अव्यवस्था, टोकन प्रणाली की विफलता, खरीद सीमा (लिमिट) और रकबा कटौती को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला. विधायक लहरिया ने कहा कि प्रदेश में धान खरीदी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. किसान टोकन के लिए दिनों-दिन भटकने को मजबूर हैं. 70% ऑनलाइन और 30% ऑफलाइन टोकन की व्यवस्था कागजों तक सीमित रह गई है. जबकि व्यवहार में किसानों को समितियों, तहसील कार्यालयों और पटवारियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं.
उन्होंने शून्यकाल में कहा कि खरीदी देर से शुरु होने और समितियों में बहुत कम खरीदी लिमिट तय किए जाने के कारण बहुत कम मात्रा में धान की खरीदी हो पा रही है. ज्यादातर किसानों का धान अभी भी खुले में पड़ा हुआ है और मौजूदा खरीदी सत्र की आख़री तारीख तक सभी किसानों का धान खरीदा जाना संभव नहीं दिख रहा है. विधायक दिलीप लहरिया ने रकबा कटौती की समस्या को भी गंभीर बताया.
उन्होंने कहा कि पंजीकृत किसानों को भी पूरे रकबे के अनुसार धान बेचने की अनुमति नहीं मिल रही है. जिससे किसान आर्थिक और मानसिक रुप से टूट रहे हैं. उन्होंने हाल ही में टोकन न मिलने से आहत एक किसान द्वारा आत्मघाती प्रयास की घटना का उल्लेख करते हुए इसे सरकार की विफलता का परिणाम बताया. शून्यकाल के दौरान विधायक लहरिया ने मांग किया कि धान खरीदी की आखरे तारीख फौरन बढ़ाई जाए. रोजाना की खरीदी लिमिट में वृद्धि की जाए. ऑनलाइन और ऑफलाइन टोकन व्यवस्था को 50-50% के अनुपात में लागू किया जाए और रकबा कटौती की प्रक्रिया की फिर से समीक्षा की जाए.
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बेरोजगारी भत्ते पर विधानसभा में मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष का वॉकआउट
विधानसभा में बेरोजगारी भत्ता के मसले पर जोरदार हंगामा हुआ. सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने इस मसले पर वॉकआउट कर दिया. दरअसल कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने सवाल पूछा कि बेरोजगारों को भत्ता दे रहे हैं या नहीं. इस पर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा- हमारी सरकार युवाओं को रोजगार देने वाला बना रही है. इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा- पिछले सत्र में जानकारी दी गई थी कि योजना चालू है. जब योजना शुरु है तो युवाओं को भत्ता क्यों नहीं दे रहे हैं?
इसके बाद युवाओं को रोजगार देने पर दोनों पक्षों में तीखी बहस हो गई. सदन में जमकर नारेबाजी और हंगामा होने लगा. काफी हंगामा और हो हल्ले के बाद संतोषजनक जवाब ना मिलने पर विपक्ष ने बेरोजगारी भत्ता नहीं देने पर सदन से बहिर्गमन किया.

राष्ट्रगान और राजकीय गीत से न होने पर अमित जोगी ने संवैधानिक परंपराओं के खिलाफ बताया
सदन की कार्यवाही की शुरुआत राष्ट्रगान और राजकीय गीत से न होने पर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने कड़ा ऐतराज जताया. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने इसे गौरवशाली संवैधानिक परंपराओं के खिलाफ बताया. उन्होंने कहा कि यह छत्तीसगढ़ की अस्मिता और राजकीय मर्यादा का अपमान है.
अमित जोगी ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा, जो जनता की आस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों का सर्वोच्च मंच है, वहां सत्र की शुरुआत न तो राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ से हुई और न ही राजकीय गीत ‘अरपा पैरी के धार’ से हुई. यह छत्तीसगढ़ के लोकतांत्रिक इतिहास में पहली बार हुआ है, जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है.
अमित जोगी ने कहा कि ‘जन गण मन’ राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है और ‘अरपा पैरी के धार’ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा है. इन दोनों की उपेक्षा केवल लापरवाही नहीं, बल्कि राज्य की पहचान और संवैधानिक मर्यादा के प्रति जानबूझकर किया गया अपमान है.
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने राज्य की जनता की ओर से तत्काल स्पष्टीकरण और बिना शर्त माफी की मांग की है. साथ ही पार्टी ने मांग की कि विधानसभा में राष्ट्रगान और राज्यगीत की परंपरा तुरंत बहाल की जाए. अमित जोगी ने कहा कि मिनीमाता जी सहित सभी राज्य निर्माताओं और महापुरुषों के सम्मान को भी विधानसभा में सुनिश्चित किया जाए, ताकि छत्तीसगढ़ का स्वाभिमान गर्वित रहे.

भाजपा विधायक धरम लाल कौशिक ने स्कूल-कॉलेजों में लगे सैनेटरी नैपकिन, वेडिंग मशीन और डिस्पोजल करने वाली इंसीनरेटर मशीन से जुड़ा मामला उठाया. भाजपा विधायक ने मशीनों के काम करने की जानकारी देते हुए मंत्री से जांच कराने की मांग की. इस पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जांच कराने की बात कही.
सदन में स्कूलों में स्थापित मशीनों के सत्यापन और एजेंसियों के नाम और तारीख पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े घिर गईं. भाजपा विधायक धरम लाल कौशिक ने कहा कि मशीनें संचालित नहीं है. इस मामले की जाँच कराई जाए. इस पर मंत्री राजवाड़े ने कहा कि 1600 मशीनें ठीक है, 1300 मशीनें खराब है. फिलहाल, विभाग से ऐसी कोई जानकारी नहीं है. इस पर विधायक ने कहा कि मेरे क्षेत्र के दो स्कूलों की जांच करा लीजिए. मंत्री ने कहा कि जाँच करा लेंगे.
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