सरकारी रेस्ट हाउस बना मदिरालय!, मंत्री और विधायक के सामने अधिकारी छलका रहे जाम, मेज पर बोतलें और सरकारी मर्यादा तार-तार, वीडियो जमकर वायरल

Government restaurant turned into a bar! Officials pour drinks in front of a minister and MLA, bottles on the table, and government decorum in tatters; video goes viral

सरकारी रेस्ट हाउस बना मदिरालय!, मंत्री और विधायक के सामने अधिकारी छलका रहे जाम, मेज पर बोतलें और सरकारी मर्यादा तार-तार, वीडियो जमकर वायरल

कोरबा/कटघोरा : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में सत्ता के रसूख और सरकारी संसाधनों के बेशर्म दुरुपयोग का एक बड़ा मामला सामने आया है. यहां के एक वीआईपी सरकारी रेस्ट हाउस को अधिकारियों ने ‘दारू अड्डा’ बना दिया. डीएसपीएम (DSPM) के चीफ केमिस्ट गोवर्धन सिदार अपने चार अन्य साथी अधिकारियों के साथ रेस्ट हाउस के कमरे में जाम छलकाते रंगे हाथों पकड़े गए. मामले का वीडियो वायरल होते ही शासन-प्रशासन में हड़कंप मच गया. यह शर्मनाक वाकया रविवार देर शाम का बताया जा रहा है.
मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार को अंबेडकर जयंती के मौके पर आयोजित भाजपा की संगोष्ठी में शामिल होने के लिए बिल्हा विधायक धर्मलाल कौशिक कोरबा पहुंचे थे और इसी वीआईपी रेस्ट हाउस में रुके थे. शाम को उनसे मुलाकात करने के लिए उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, महापौर संजू देवी राजपूत और भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी वहां पहुंचे.
जब मंत्री और उनके समर्थक विधायक से मिलने के लिए कमरा नंबर एक की तरफ़ बढ़े. तब वहां का नजारा देखकर दंग रह गए. कमरे के भीतर विद्युत कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी खुलेआम शराब और सिगरेट का सेवन कर रहे थे.
इस ‘शराब पार्टी’ में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह (DSPM) के चीफ केमिस्ट गोवर्धन सिदारस हित पांच अन्य अधिकारियों के शामिल होने की खबर है. बताया जा रहा है कि रेस्ट हाउस के किचन में रखे फ्रीजर से भी शराब की बोतलें बरामद हुई हैं. मौके पर मौजूद कुछ कार्यकर्ताओं ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया. जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
रेस्ट हाउस के जिस कमरे को जनहित और सरकारी कामकाज के लिए सुरक्षित रखा जाता है. वहां शराब की बोतलें और चखना सजा हुआ था. वायरल वीडियो में चीफ केमिस्ट गोवर्धन सिदार और उनके साथी पूरी तरह पार्टी के मूड में नजर आ रहे हैं. जैसे ही कुछ स्थानीय लोगों और मीडिया कर्मियों को इसकी भनक लगी, उन्होंने मौके पर पहुंचकर इस ‘महफिल’ को कैमरे में कैद कर लिया. वीडियो में अधिकारियों के चेहरे पर न तो कोई शिकन दिखी और न ही कानून का डर.
यह मामला सिर्फ एक शराब पार्टी का नहीं है, बल्कि सरकारी तंत्र के भीतर पनप रही निरंकुशता का प्रतीक है. कोरबा जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक जिले में जहां अधिकारियों पर बड़ी जिम्मेदारियां होती हैं. वहां ऐसी हरकतें कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती हैं.
मंत्री लखनलाल देवांगन ने उत्पादन कंपनी के प्रबंध निदेशक (MD) एस.के. कटियार को फोन कर फटकार लगाई और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए. अगले 48 घंटों में आरोपियों के खिलाफ आधिकारिक निलंबन आदेश जारी होने की संभावना है.
विद्युत कंपनी के प्रबंधन ने मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है. सेवा आचरण नियमों के तहत इन अधिकारियों पर निलंबन या अन्य विभागीय कार्रवाई की तलवार लटक रही है. इस घटना ने सरकारी संस्थानों में अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पुलिस भी इस मामले में आबकारी नियमों के तहत कार्रवाई कर सकती है. यह घटना 2026 के छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक सुधारों की जरूरत को एक बार फिर रेखांकित करती है. क्या प्रशासन इस पर फुल स्टॉप लगा पाएगा या यह महफिलें फिर सजेंगी?
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