मोदी सरकार ने अपनी विफलता से ध्यान हटाने लाया आरक्षण मुद्दा-भूपेश बघेल, पूरी मशीनरी लगाकर भी रैली में 2000 महिला भी नहीं जुटा पाए -दीपक बैज

The Modi government has brought up the reservation issue to divert attention from its own failures - Bhupesh Baghel; despite deploying all the machinery, they could not gather even 2000 women for the rally - Deepak Baij

मोदी सरकार ने अपनी विफलता से ध्यान हटाने लाया आरक्षण मुद्दा-भूपेश बघेल, पूरी मशीनरी लगाकर भी रैली में 2000 महिला भी नहीं जुटा पाए -दीपक बैज

मोदी सरकार ने अपनी विफलता से ध्यान हटाने लाया आरक्षण मुद्दा-भूपेश बघेल
रायपुर : पूर्व मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि जनहित के मुद्दों और सरकार की विफलता से ध्यान हटाने भाजपा ने महिला आरक्षण के नाम पर राजनीति कर रही है. सिलेंडर की कमी, पेट्रोल, डीजल, खाद-बीज की कमी, खाद्य पदार्थों के दाम, बढ़ती महंगाई, एपस्टीन फाईल जैसे मुद्दों के कारण मोदी सरकार की साख गिर चुकी है. इसीलिए ये जनता का मूल समस्याओं से ध्यान हटाना चाह रहे.
पूर्व मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने कहा कि महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023) 128 वां संविधान संशोधन सितंबर 2023 में संसद के दोनों सदनों में पारित हो चुका है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस पर दस्तखत कर चुकी है और यह कानून भी बन चुकी है. भाजपा 2023 के आरक्षण बिल को क्यों लागू नहीं कर रही है? इस बिल के आधार पर तुरंत आरक्षण प्रभावी हो सकता है. भाजपा ने 16 अप्रैल 2026 को जो विधेयक संसद में प्रस्तुत किया 131वां संविधान संशोधन अधिनियम इसमें महिला आरक्षण के संदर्भ में नहीं भाजपा महिला आरक्षण को मुखौटा बनाकर परिसीमन संशोधन बिल और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन बिल को पास करवाना चाहती थी.
पूर्व मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने कहा कि महिला आरक्षण बिल को अगर तुरंत लागू करना है तो परिसीमन का इंतजार किए बिना वर्तमान सदस्य संख्या में ही 33 प्रतिशत का आरक्षण क्यों नहीं देना चाहती सरकार? कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दल इसके लिए तैयार है.
पूर्व मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा जो परिसीमन चाहती है. उसमें छत्तीसगढ़ सहित छोटे राज्य जिनकी वर्तमान सदस्य संख्या कम है. उनको नुकसान उठाना पड़ेगा. भाजपा अपनी राजनीतिक फायदे के हिसाब से परिसीमन चाह रही है.
पूर्व मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार 2023 के महिला आरक्षण बिल नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन कर महिला आरक्षण को तुरंत लागू कर सकती थी. उसने ऐसा क्यों नहीं किया? जबकि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 जो कानून बन चुका है. 2034 से मूर्त रूप लेगा संशोधन से तुरंत लागू हो जाता. भाजपा की मंशा महिला आरक्षण की नहीं अपने मनमुताबिक सीटों के परिसीमन की थी जो विपक्षी दलों की एकजुटता से पूरा नहीं हो चुका.
पूर्व मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने कहा कि पंचायतों एवं स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण मिल रहा तो यह भी कांग्रेस की नीतियों से संभव हो पाया. सबसे पहले राजीव गांधी ने 1989 के मई महीने में पंचायतों और नगरपालिकाओं में महिलाओं के एक तिहाई आरक्षण के लिए संविधान संशोधन विधेयक पेश किया. वह विधेयक लोकसभा में पारित हो गया था. लेकिन सितंबर 1989 में राज्यसभा में पास नहीं हो सका. अप्रैल 1993 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने पंचायतों और नगरपालिकाओं में महिलाओं के एक तिहाई आरक्षण के लिए संविधान संशोधन विधेयक को फिर से पेश किया. दोनों विधेयक पारित हुए और कानून बन गए. महिलाओं के लिए संसद और राज्यों की विधानसभाओं में एक तिहाई आरक्षण के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह संविधान संशोधन विधेयक लाए. विधेयक 9 मार्च 2010 को राज्यसभा में पारित हुआ. कांग्रेस की सरकारों के प्रयास से ही आज देशभर में पंचायतों और नगरपालिकाओं में 15 लाख से ज्यादा निर्वाचित महिला प्रतिनिधि हैं. सीटों के परिसीमन का भाजपा का षड़यंत्र विफल हो गया है. इसलिए वह महिला आरक्षण के नाम पर पूरे देश में भ्रम फैला रही है.
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पूरी मशीनरी लगाकर भी रैली में 2000 महिला भी नहीं जुटा पाए -दीपक बैज
रायपुर : भाजपा की आक्रोश यात्रा को महिलाओं ने नकार दिया. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पूरी मशीनरी लगाकर भाजपा की सरकार ने आक्रोश रैली के लिए महिलाओं को इकठ्ठा किया. लक्ष्य था 15 हजार महिलाओं को इकठ्ठा करेंगे. लेकिन रैली में 2 हजार महिलाओं का न पहुंचना बताता है कि भाजपा की चाल को महिलाएं जान चुकी है. इसीलिए महिलाओं ने भाजपा की रैली में जाना जरुरी नहीं समझा. भाजपा ने महिला आरक्षण के नाम पर महिलाओं को धोखा दिया है.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा महिलाओं का सिर्फ राजनैतिक उपयोग करती है. वह उनका भला नहीं चाहती. महतारी वंदन के नाम पर हर विवाहित महिला को 1000 रू. देने का वादा किया. दिया 70 लाख महिलाओं को, 500 रू. में सिलेंडर नहीं दिया. गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिये. महंगाई बढ़ा दिया. गोठान बंद होने से लाखों महिलाएं बेरोजगार हो गयी. स्व-सहायता समूह को मध्यान्ह भोजन का काम नहीं दे रही. भाजपा की विश्वसनीयता महिलाओं में समाप्त हो चुकी है इसीलिए महिलाओं ने भाजपा की रैली को नकार दिया.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा और उसके पितृ संगठन हमेशा से महिला विरोधी रहे है. आज भी आरएसएस में महिलाओं के लिए कोई जगह नहीं। आज तक भाजपा किसी महिला को राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बना पाई. भाजपा के लिए महिला सिर्फ वोट लेने का माध्यम है. वह महिलाओं का भला नहीं चाहती है. भाजपा बताये उसने 1993 में पंचायतों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व का और 2012 में महिला आरक्षण बिल का क्यों विरोध किया?
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