एक बार फिर कृषकों के साथ छलावा -तेजराम विद्रोही, क्या बढ़ी हुई समर्थन मूल्य का लाभ छत्तीसगढ़ के किसानों को मिलेगा?

Once again cheating with farmers - Tejram Vidrohi, Will the farmers of Chhattisgarh get the benefit of increased support price?

एक बार फिर कृषकों के साथ छलावा -तेजराम विद्रोही, क्या बढ़ी हुई समर्थन मूल्य का लाभ छत्तीसगढ़ के किसानों को मिलेगा?

राजिम : स्वामीनाथन आयोग के सी 2 +50% लाभ के अनुरूप क़ृषि उपजों का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारण को ख़ारिज करते हुए केंद्र सरकार ने मूल्य निर्धारण करते हुए मामूली वृद्धि की हो जो एक बार फिर किसानों के साथ छलावा के आलावा कुछ नहीं है.
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) छत्तीसगढ़ के महासचिव तेजराम विद्रोही ने केन्द्र सरकार द्वारा धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य में तीन प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी को किसानों के साथ छलावा करार दिया है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने चौदह तरह की फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया है. लेकिन धान को छोड़कर एमएसपी में खरीदने क़ी व्यवस्था नहीं होने से बढ़ी हुई दाम का फायदा किसानों को नहीं मिलने वाला है. क्योंकि सरकार खरीदती नहीं है और खुले बाजार में एमएसपी पर खरीदी क़ी कोई कानूनी गारंटी नहीं है. केंद्र सरकार संयुक्त किसान मोर्चा से किये गए अपने लिखित वायदे से मुकर चुकी है.
तेजराम विद्रोही ने छत्तीसगढ़ के किसानों को बढ़ी हुई समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिलने पर कहा कि 2023-24 और 2024-25 में छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने किसानों से धान प्रति क्विंटल 3100 रूपये की दर से खरीदी किया है. जिस वजह से खरीफ वर्ष 2024-25 में केंद्र सरकार द्वारा धान पर 117 रूपये प्रति क्विंटल का दाम अब तक किसानों को नहीं मिला। अब नया दर भी किसानों को मिलेगा या नहीं यह भी संशय है. अगर छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के प्रति संवेदनशील है तो इस साल 3100+117+69=  3286 रुपये प्रति क्विंटल की दाम मिलना चाहिए.
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