सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से 21 लाख की ठगी, पुलिस ने ठगबाज उमाकांत दीवान को गिरफ्तार कर भेजा सलाखों के पीछे

People were cheated of Rs 21 lakh in the name of getting them government jobs, police arrested the fraudster Umakant Diwan and sent him behind bars

सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से 21 लाख की ठगी, पुलिस ने ठगबाज उमाकांत दीवान को गिरफ्तार कर भेजा सलाखों के पीछे

बलौदाबाजार/कसडोल : छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले शातिर ठग को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी ने तीन लोगों से कुल 21 लाख रुपये की ठगी की. आरोपी को खुद को सरकारी कर्मचारी बताता और सीनियर अफसरों से संपर्क का झांसा देकर नौकरी के बदले मोटी करम की मांग करता था. पुलिस ने गिधौरी थाने में धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी का पकड़ लिया है.
मिली जानकारी के मुताबिक कोटियाडीह गांव के रहने वाले चंद्रमा साहू ने आरोपी उमाकांत दीवान के खिलाफ ठगी की शिकायत की. पीड़ित चंद्रमा साहू ने बताया कि आरोपी उमाकांत ने उसकी पत्नी को महिला बाल विकास विभाग में पर्यवेक्षक पद पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया था. इसके लिए उसने 5 लाख रुपये वसूले.
पुलिस ने जांच शुरु की तो पता चला कि उसने चंद्रमा के अलावा दो और लोगों को नौकरी का झांसा देकर रुपये वसूले हैं. आरोपी ने एक अन्य व्यक्ति से महिला बाल विकास विभाग में पर्यवेक्षक पद पर नौकरी दिलाने के लिए 5 लाख रुपये ले लिए. इतना ही नहीं आरोपी ने अपनी ठगी का जाल और फैलाया. उसने एक तीसरे व्यक्ति को श्रम विभाग में 'श्रम निरीक्षक' की नौकरी दिलाने का वादा किया. इस बार उसने 11 लाख रुपये नगद और चेक के जरिए हड़प लिए.
पीड़ित चंद्रमा साहू की शिकायत पर गिधौरी थाने में धारा 420 के तहत मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रायपुर जिले के खरोरा थाना क्षेत्र के फरहदा गांव निवासी आरोपी उमाकांत दीवान को गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है. पूछताछ के दौरान आरोपी ने जुर्म कबूल कर लिया है.
पुलिस ने खुलासा किया कि वह कई लोगों को सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का लालच देकर अवैध तरीके से रकम वसूलता था. उमाकांत दीवान खुद को सरकारी विभागों से जुड़ा हुआ व्यक्ति बताता था. वह लोगों को यह यकीन दिलाता था कि उसके “ऊपर तक संपर्क” है और वह सीधे नियुक्ति दिला सकता है. इसके लिए वह मोटी रकम की मांग करता था. ग्रामीण इलाकों के भोले-भाले लोग उसकी बातों में आ जाते और अपने जिंदगी की गाढ़ी कमाई उसके हवाले कर देते.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह नेलोगों से अपील की है कि सरकारी नौकरी के नाम पर किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को पैसे न दें. सभी नियुक्तियां सिर्फ सरकारी प्रक्रिया और चयन आयोगों के जरिए पारदर्शी रुप से होती हैं. 
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