SIR अभियान के दौरान BLO ने बरती लापरवाही, जिला शिक्षा अधिकारी ने किया निलंबित, इधर विधानसभा को गलत जानकारी देने पर रजिस्ट्रार सस्पेंड
The District Education Officer suspended the BLO for negligence during the SIR campaign. Meanwhile, the Registrar was suspended for providing incorrect information to the Assembly.
SIR अभियान के दौरान BLO ने बरती लापरवाही, जिला शिक्षा अधिकारी ने किया निलंबित
दुर्ग : दुर्ग जिले में निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान लापरवाही बरतने पर जिला शिक्षा अधिकारी अरविन्द कुमार मिश्रा ने शन्तानू कुमार मरकाम, सहायक शिक्षक एल.बी., को छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 09 (1)(क) के तहत तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।
जानकारी के मुताबिक मरकाम की ड्यूटी बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के रुप में 65/132 बी.एस.पी. कन्या विद्यालय सेक्टर 11, खुर्सीपार, भिलाई में लगाई गई थी. यह काम 7 नवंबर 2025 से शुरु हुआ. लेकिन संबंधित दिवस से वह अपने कर्तव्य स्थल पर गैरहाजिर रहे. लगातार दूरभाष और ज्ञात पते पर संपर्क करने के प्रयास असफल रहे. उनके घर पर भी ताला लगा पाया गया और उन्होंने किसी भी तरीके से जवाब नहीं दिया।
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि बीएलओ के इस कृत्य से निर्वाचन कार्य में गंभीर लापरवाही हुई है. चुनाव जैसे संवेदनशील और अहम काम में किसी भी अधिकारी की गैरहाजिरी या अवहेलना गंभीर अपराध माना जाता है. मरकाम ने उच्च कार्यालय के निर्देशों की अवहेलना की है और बिना खबर दिए अपने कार्य स्थल से गैरहाजिर रहे. निलंबन आदेश के मुताबिकमरकाम की निलंबन अवधि के दौरान मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, दुर्ग नियत किया जाएगा। इसके साथ ही निलंबन अवधि में उन्हें नियमित जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी शिक्षा अधिकारियों और कर्मचारियों को आगाह किया कि निर्वाचक नामावली का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संवेदनशील काम है और इसमें कोई भी लापरवाही, गैरहाजिरी या आदेशों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अभियान का मकसद निर्वाचकों की लिस्ट को सत्यापित करना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है.
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि निलंबन का यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा और संबंधित अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जाएगा.
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विधानसभा को गलत जानकारी देने पर रजिस्ट्रार सस्पेंड
बिलासपुर : छत्तीसगढ़ की बिलासपुर स्थित पंडित सुंदरलाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार सहायक प्राध्यापक भुवन सिंह राज को राज्य शासन ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया. उन पर विधानसभा ध्यानाकर्षण प्रश्न में त्रुटिपूर्ण और भ्रामक जानकारी देने का आरोप है. निलंबन अवधि में उन्हें रायपुर के क्षेत्रीय अपर संचालक कार्यालय में अटैच किया गया है.
भुवन सिंह राज का मूल पद सहायक प्राध्यापक है और उन्हें मार्च 2024 से यूनिवर्सिटी में रजिस्ट्रार पद का जिम्मा सौंपा गया था. करीब डेढ़ साल तक उन्होंने यह जिम्मेदारी निभाई. अगस्त में उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी हुआ था. लेकिन उनका जवाब शासन को संतुष्ट नहीं कर सका.
शासन ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा के नियमों का उल्लंघन मानते हुए उनके जवाब को अमान्य कर कर्तव्य के प्रति लापरवाही और उदासीनता का हवाला देते हुए तत्काल निलंबन का आदेश जारी किया. निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा.
यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. वीके सारस्वत ने परीक्षा नियंत्रक डॉ. मनीष साव को अस्थाई रुप से रजिस्ट्रार का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है. अब डॉ. साव परीक्षा नियंत्रक के साथ-साथ रजिस्ट्रार का काम भी संभालेंगे. नॉन टीचिंग पदों की नियुक्ति को लेकर भ्रामक जानकारी देने के मामले में हुई इस कार्रवाई के बाद यूनिवर्सिटी परिसर में चर्चा का माहौल बना हुआ है.
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15वें वित्त और अन्य मदो के लाखों रुपए का गबन, पंचायत सचिव निलंबित
सक्ती : सक्ती जिला पंचायत ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत मरघट्टी के सचिव महेन्द्र कुमार चन्द्रा को लापरवाही और वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर सस्पेंड कर दिया. जिला पंचायत सीईओ ने निलंबन आदेश जारी किया है. वही अब महेन्द्र कुमार चन्द्रा के सस्पेंड होने पर CEO मालखरौदा को प्रभारी सचिव नियुक्ति करने के निर्देश दिए है.
बता दें लापरवाही और वित्तीय अनियमितता की शिकायत पर जांच की गई. जिसमें गंभीर गड़बड़ी की पुष्टि हुई है. साथ ही जांच में मदद नहीं करने और 15वें वित्त और अन्य मदो की वित्तीय अनियमितता लाखों रुपए गबन करने पर जांच में दोषी पाए जाने पर सस्पेंड किया गया.
सचिव के खिलाफ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के नियम 1999 के तहत कार्रवाई की गई. निलंबन अवधि में सचिव महेन्द्र कुमार चन्द्रा का मुख्यालय ज पं मालखरौदा रहेगा.
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