खेत में युवक की फंदे पर लटकी मिली लाश, पारिवारिक कलह बनी वजह, 3 महीने पहले इसी गांव में 15 लोगों ने किया सुसाइड अटेम्प्ट

The body of a young man was found hanging from a noose in the field, family feud was the reason, 3 months ago 15 people had attempted suicide in the same village

खेत में युवक की फंदे पर लटकी मिली लाश, पारिवारिक कलह बनी वजह, 3 महीने पहले इसी गांव में 15 लोगों ने किया सुसाइड अटेम्प्ट

गरियाबंद : छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में कभी आत्महत्या गांव के नाम से सुर्खियां बटोरने वाला इंदागांव शुक्रवार को एक बार फिर सन्नाटे में डूब गया.यहां एक बार फिर खुदकुशी का मामला सामने आया है. पारिवारिक कलह के चलते युवक ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. इसी गांव में तीन महीने पहले 20 दिन में 15 लोगों ने सुसाइड अटेम्पट किया था. जिसमें से 3 लोगों की मौत हो गई थी. वहीं हालात की गंभीरता को देखते हुए रायपुर से एक्सपर्ट्स की टीम जांच के लिए गांव पहुंची थी. 
मिली जानकारी के मुताबिक युवक की लाश घर से कुछ दूर स्थित खेत में मौजूद झोपडी में फंदे पर लटकता मिली है. खेत मृतक के मामा का बताया जा रहा है. मृतक की पहचान इंदागांव के पुजारी पारा निवासी 35 साल के रॉबिन ध्रुव के रूप में हुई है. वह सुबह अपने घर से निकला था. ममेरा परिवार के लोग जब खेत पहुंचे तो लारी में फंदा बनाकर लटका हुआ था.
घटना की खबर के बाद पुलिस मौके पर पहुंची. शव को बरामद पर पोर्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. मृतक की 15 साल पहले शादी हुई थी. लेकिन उसे कोई बच्चा नहीं है. माता-पिता दोनों स्वर्गवास हो गए हैं. वह मजदूरी करता था. युवक के सुसाइड की वजह पारिवारिक कलह बताया जा रहा है. फिलाहाल पुलिस मामले की जांच में जुटे हैं.
बता दें कि 3 महीने पहले इंंदागांव में चर्चा में आया था. दरअसल 20 दिनों के भीतर 15 लोगों ने सुसाइड की कोशिश की थी. 3 लोगों की मौत हो गई थी. इसके बाद लगातार हो रहे खुदकुशी के प्रयासों को देखते हुए मनोरोज विशेषज्ञों की टीम ने कई बार गांव का दौरा कर जांच किया गया. जांच में नशे की लत, घरेलू कलह और बेरोजगारी असल वजह सामने आई थी. जांच में यह भी सामने आया कि गांव में बनने वाली कच्ची शराब में जानलेवा सामग्री जैसे यूरिया, तंबाकू के पत्ते और धतूरे का इस्तेमाल हो रहा था. जो मानसिक संतुलन को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है. अब रॉबिन की मौत ने फिर से पुराने डर को जिंदा कर दिया है. कहीं यह गांव फिर उसी अंधेरे दौर में तो नहीं लौट रहा?
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB