आदिवासी आश्रम के अधीक्षक ने कमार जनजाति बच्चे को निकाला, युवा कांग्रेसियों ने धरना प्रदर्शन कर की नारेबाजी, मंडल संयोजक को पद मुक्त की मांग

The superintendent of the tribal ashram expelled a child from the Kamar tribe; Youth Congress members staged a protest and raised slogans, demanding the removal of the Mandal coordinator from his post.

आदिवासी आश्रम के अधीक्षक ने कमार जनजाति बच्चे को निकाला, युवा कांग्रेसियों ने धरना प्रदर्शन कर की नारेबाजी, मंडल संयोजक को पद मुक्त की मांग

गरियाबंद/मैनपुर : गरियाबंद जिले के आदिवासी विकासखंड मैनपुर क्षेत्र से एक बड़ी खबर निकालकर सामने आ रही है. आदिवासी बालक आश्रम बड़े गोबरा भाठीगढ़ में पढ़ाई करने वाले विशेष पिछड़ी कमार जनजाति के एक बच्चे को आश्रम अधीक्षक ने मंडल संयोजक के कहने पर आश्रम से बाहर निकालने का आरोप लगाते हुए नाराज युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष शाहिद मेमन, शामंत शर्मा के नेतृत्व में कई युवाओं ने नारेबाजी करते हुए दुर्गा मंच मैनपुर में धरना प्रदर्शन किया. इस दौरान स्थानीय अधिकारियों के द्वारा बच्चे को फिर आश्रम में एडमिशन दिलाने के आश्वासन के बाद धरना प्रदर्शन स्थगित किया गया.
मिली जानकारी के मुताबिक आदिवासी बालक आश्रम गोबरा भाटीगढ़ में विशेष पिछड़ी जनजाति के बालक संतोष नेताम पिता बिसनाथ निवासी ग्राम गोंदराबाहरा पिछले एक डेढ़ महीने से अध्यनरत थे. जिसे सिर्फ आधार कार्ड नहीं होने की वजह से आश्रम से बाहर निकाल दिया गया और मासूम बच्चे को एक किराना दुकान वाले के पास छोड़ दिया गया.
इसकी जानकारी लगते ही युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष शाहिद मेमन और शामत शर्मा के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी किया और मंडल संयोजक पर मनमानी करने का आरोप लगाया. साथ इस मामले की शिकायत गरियाबंद कलेक्टर से करने की बात कही है.
आश्रम से मासूम कमार जाति के बच्चे को बाहर निकाला. जिसे लेकर युवा कांग्रेस के नेताओं और ग्रामीणों के द्वारा दिया गया धरना प्रदर्शन पर उनकी मांग है कि हॉस्टल अधीक्षक और मंडल संयोजक को पद मुक्त किया जाए और उचित कार्यवाही की जाएं.
बताया जा रहा है कि बालक की माँ का देहांत हो गया है. पिता बिसनाथ किसी मामले में जेल में बंद हैं. बिसनाथ के कुल तीन बच्चे हैं. सबसे छोटे बालक संतोष के अलावा दो लड़कियां और है. जो कुल्हाड़ी घाट आश्रम में है. किसी आपराधिक मामले में गोंदरा बाहरा का बिसनाथ आरोपित हुआ था. मामले की तफ्तीश के बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया. मां की मौतऔर पिता की गिरफ्तारी के बाद इन तीन मासूम बच्चों की परवरिश करने वाला कोई नहीं है.
इस मौके पर तीव सोनी, अफजल खान, दुलेन्द्र नेगी, नील कमल, धनेश्वर पटेल, वीरेंद्र श्रीवास्तव, टेकश चक्रधारी, सोनसाय जगत, प्रेम साहू, खीरसिंग ध्रुव, तिव सोनी, रतन पांडेय, सोनू यादव, केशर, तुला माली, गौरव बाम्बोड़े और युवकगण मौजूद थे.
इस बारे में आश्रम अधीक्षक दुर्गाप्रसाद यादव ने बताया कि उक्त बालक को कथित तौर पर मैनपुर टी आई शिवशंकर हुर्रा द्वारा गोद लिया गया था और फिर आश्रम में लाकर छोड़ दिया गया. बालक के बारे में किसी तरह के दस्तावेज नही है. ऐसे में उसे आश्रम में रखना संभव नहीं है. प्रशासनिक पहल के तहत हम बालक संतोष को महिला बाल विकास द्वारा संचालित बाल गृह में रखने का प्रयास करेंगे.
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