युवक ने जान देने लगा दी छलांग, 48 घण्टे बाद भी लाश नहीं मिलने से आहत पिता की गुहार- ढूंढ दो लाडले का शव... दूंगा पचास हजार इनाम
The young man jumped to end his life, the father, hurt by the fact that the body was not found even after 48 hours, pleaded- Find the body of my beloved son... I will give a reward of fifty thousand
कोरबा/कटघोरा : 8 मार्च को हसदेव नदी डुबान से मोरगा निवासी जायसवाल होटल के संचालक के बेटेअंकित का शव 48 घण्टे के बाद भी एसडीआरएफ को बरामद नहीं हो सका. कोरबा के अलावा बिलासपुर,व सुरजपुर की गोताखोर टीम द्वारा गातार नदी में रेस्क्यू जारी है. आहत पिता ने शव खोजने वाले को पचास हजार इनाम देने की बात कही है.
मिली जानकारी के मुताबिक जिले के ग्राम मोरगा निवासी एवं होटल संचालक जोगेन्द्र जायसवाल का छोटा बेटा अंकित जायसवाल 5 मार्च बुधवार को दोपहर करीब 3 बजे अपने घर मोरगा से बिना बताए निकला था और वह अंबिकापुर, चोटिया, एन एच 130 सड़क केंद्ई के पास स्थित हसदेव नदी डुबान क्षेत्र पुराना पुल के पास मोटरसाइकिल में सवार होकर वह पहले खुदकुशी करने की नियत से वह नए पुल के पास गया था. लेकिन नदी में कुछ मछवारो ने उसे डांट कर वहां से भगा दिया.
फिर वह मोटरसाइकिल से करीब 500 मीटर दुर पुराने पुल के पास अपनी मोटरसाइकिल को खड़ा किया और चप्पल उतार कर नदी में छलांग लगा दिया. घटना के चाद्म्दीद वहां पर कुछ लोग खाना बना रहे थे. जिन्होंने एक व्यक्ति ने बताया कि एक लड़का मोटरसाइकिल में आया और बोला कि आज मुझे मरना है. घटने को सामने देखकर उन सभी का दिल दहल उठा और वे वहां से भाग निकले. घटना स्थल से कुछ दूर खाना बना रहे लोगों का आज भी वहां पर पका हुआ चावल, मुर्गा, सब्जी और बर्तन पड़ा हुआ है.
मोरगा पुलिस चौकी प्रभारी मंगतु राम और अंकित जायसवाल, के पिता जुगेंद्र जायसवाल, ने इस मामले की सच्चाई तक पहुंचने के लिए चश्मदीदों को ढुंढ निकाला और उनसे पुछताछ किया तो उन्होंने ने घटना को अपने आंख के सामने देखने बात कही है.
जोगेन्द्र जायसवाल ने बताया कि उनका बेटा अंकित जायसवाल, बिलासपुर में पढ़ाई करता था और उसके हाथ में पिछले 15 दिनों से गहरा घाव हो गया था. जिसका आपरेशन कराने के बाद वह घर में बेड रेस्ट लेने के लिए रुका था. वह किसी तरह का नशा नहीं करता था. ना ही उसका किसी से विवाद था. वह अचानक इतना बड़ा कदम कैसे उठा लिया?. पुरा परिवार का रो रो कर बे हाल है और रिस्तेदारो सहित ग्राम मोरगा में गमगीन माहौल सन्नाटा छाया हुआ है. सभी व्यापारी वर्ग 4 तीन दिनों से घटना स्थल पर डटे हुए हैं.
पानी में डुबे अंकित जायसवाल के शव को बाहर निकालने में घटना स्थल पर पिछले चार दिनों से करीब दो दर्जन कर्मचारी लगे हुए हैं और मोरगा पुलिस भी घटना की जांच में जुटी हुई है और उक्त हसदेव नदी पुल के आसपास डुबान में आए दिन अज्ञात व्यक्तियों की लाश पुलिस को कई बार बरामद हो चुकी है. इसके पहले भी चिरमिरी से एक जायसवाल परिवार का नौजवान युवक को जलाकर उसके मोटरसाइकिल को लाकर इसी स्थान पर पुल से फेंका गया था. फिलहाल समाचार लिखे जाने तक अंकित जायसवाल,का शव बरामद नहीं किया जा सका था.
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