कार का झांसा देकर 1 करोड़ की ठगी, बीएसपी के रिटायर्ड कर्मचारी को लॉटरी का दिया लालच, TV देखकर ऑनलाइन मंगवाई दवाई, जांच में जुटी पुलिस

A man was duped of 1 crore rupees by promising him a car, and a retired BSP employee was lured with a lottery, and ordered medicines online after watching TV. Police are investigating.

कार का झांसा देकर 1 करोड़ की ठगी, बीएसपी के रिटायर्ड कर्मचारी को लॉटरी का दिया लालच, TV देखकर ऑनलाइन मंगवाई दवाई, जांच में जुटी पुलिस

धमतरी : धमतरी जिले के भखारा थाना क्षेत्र से साइबर क्राइम का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर हर कोई हैरान है. एक बुजुर्ग सेवानिवृत्त कर्मचारी कमलेश ठाकुर को कार जीतने का झांसा देकर शातिर ठगों ने करीब एक करोड़ रुपये की चपत लगा दी. यह सिलसिला किसी एक दिन का नहीं बल्कि पिछले तीन साल से लगातार चल रहा था.
घटना की पृष्ठभूमि साल 2022 से जुड़ी है जब ग्राम इर्रा निवासी कमलेश ठाकुर उम्र 66 साल ने टेलीविजन पर एक आयुर्वेदिक दवा का विज्ञापन देखा और उसे ऑनलाइन ऑर्डर किया. इस सामान्य से नजर आने वाले घटनाक्रम के बाद उनके पास अनजान नंबरों से कॉल आने शुरू हो गए. फोन करने वालों ने उन्हें बधाई देते हुए बताया कि वे पंद्रह लाख रुपये मूल्य की एक कार लॉटरी में जीत चुके हैं.
ठगों ने पीड़ित को अपने जाल में फंसाने के लिए बेहद सलीके से जाल बुना. शुरुआत में कार की डिलीवरी और सरकारी टैक्स के नाम पर कुछ रकम मांगी गई. इसके बाद जब बुजुर्ग ने और पैसे देने में झिझक दिखाई तो ठगों ने उन्हें नया झांसा दिया. उनसे कहा गया कि अगर वे कार नहीं लेना चाहते हैं तो उनकी जमा रकम पर भारी ब्याज जोड़कर पूरी रकम नकद वापस कर दी जाएगी. ज्यादा फायदा की लालच में आकर पीड़ित ने साल 2022 से लेकर 2025 के बीच कई किस्तों में पैसे ट्रांसफर कर दिया.
पुलिस को दी गई जानकारी के मुताबिकअब तक अस्सी लाख रुपये के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का डिटेल मिल चुका है. जबकि अन्य खर्चों को मिलाकर यह आंकड़ा एक करोड़ रुपये के आसपास पहुंच रहा है. लंबे समय तक न तो कार मिली और न ही पैसे वापस आए. बल्कि हर बार नई मांग की जाने लगी. इसके बाद शक हुआ तो बुजुर्ग ने परिजनों को इसकी जानकारी दी. तब जाकर भखारा थाने में मामला दर्ज कराया गया.
पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि जिन बैंक खातों में रकम भेजी गई है उनकी जांच की जा रही है. साथ ही मोबाइल नंबरों के लोकेशन के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास जारी है. इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि साइबर अपराधी आम लोगों के मनोविज्ञान से खेलकर किस तरह उनकी मेहनत की कमाई लूट रहे हैं.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI?mode=gi_t