हड़ताल के चलते मैनपुर में तीसरे दिन भी नहीं हो सकी धान खरीदी, इधर ब्लॉक कांग्रेस ने किया केंद्र का निरीक्षण, उजागर की भारी अनियमितताएं

Due to the strike, paddy procurement in Mainpur remained stalled for the third day. Meanwhile, the Block Congress inspected the centre and exposed massive irregularities.

हड़ताल के चलते मैनपुर में तीसरे दिन भी नहीं हो सकी धान खरीदी, इधर ब्लॉक कांग्रेस ने किया केंद्र का निरीक्षण, उजागर की भारी अनियमितताएं

हड़ताल के चलते मैनपुर में तीसरे दिन भी नहीं हो सकी धान खरीदी

गरियाबंद : छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 15 नवम्बर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरु किया गया है. लेकिन सोमवार तीसरे दिन भी मैनपुर में धान खरीदी शुरु नहीं हो पाई जिसके पीछे असल वजह कम्युप्टर सर्वर डाउन होने की बात बताई जा रही है. जबकि किसान धान बेचने के लिए लगातार पहुंच रहे हैं. लेकिन धान खरीदी नहीं हो पा रही है.
सहकारी समितियों को ऑपरेटर प्रबंधक और कर्मचारी पिछले कई दिनों से हड़ताल में हैं. जिसकी वजह से धान खरीदी प्रभावित हो रही है. बावजूद इसके शासन प्रशासन द्वारा धान खरीदी को सुचारु रुप से संचालित करने के लिए दुसरे विभाग के कर्मचारियों की डयूटी लगाई गई है. लेकिन पहली बार उन्हे धान खरीदी में लगाने के लिए वे असमंजस की स्थिति में है. 
15 नवम्बर को सिर्फ धान खरीदी की मूहुर्त के रुप में पूजा अर्चना किया गया. किसानों को बताया गया था कि आगामी 17 नवम्बर से धान खरीदी किया जाएगा. जिसके कारण किसानों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा था. लेकिन तीसरे दिन सोमवार को भी मैनपुर और क्षेत्र के कई धान खरीदी केंद्रों में धान खरीदी नहीं होने से किसानों में नराजगी देखने को मिल रही है.
मिली जानकारी के अनुसार मैनपुर, गौरघाट, जिड़ार, बम्हनीझोला, शोभा, उरमाल, गोहरापदर, धौराकोंट, ढोढर्रा, सीनापाली, कदलीमुड़ा, तेतलखुंटी,, चिचिया, बरबहली, अमलीपदर, मुड़गेलमाल, सरनाबहाल, भेजीपदर, गुरजीभाठा अ, खोखमा, फरसरा, में धान बेचने के लिए सुबह किसानों की भींड लगी थी. कई जगह किसान टैक्ट्ररों में धान लेकर पहुंचे थे. लेकिन कम्प्युटर सर्वर डाउन होने की वजह से ज्यादातर केन्द्र में धान खरीदी नही होने की जानकारी मिली है. क्षेत्र में प्रशासनिक तैयारियों की पुरी पोल खुल गई है.  
कम्पयुटर आपरेटर, समिति प्रबंधंक और धान केन्द्र प्रभारियों का हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिल रहा है. हालांकि जिला प्रशासन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था के तहत तैनात किये गये कर्मचारी धान खरीदी केन्द्रों में पहुचे. लेकिन इस काम में नया होने की वजह से वे कम्प्युटर लाॅग इन नही कर पा रहे हैं. जिसकी वजह से ज्यादातर धान खरीदी केन्द्रों में देर शाम तक तौल नहीं हो पाया. कांटा तौलने की मशीन जस की तस पड़ी रही. वही मैनपुर तहसील मुख्यालय के बावजूद यहा धान खरीदी केन्द्र में हमाल की व्यवस्था नहीं हो पाई.
किसान संघर्ष समिति ने दिया आंदोलन की चेतावनी
किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष टीकम कपील, रामकृष्ण ध्रुव, एलियाल बाघमार, गुमान ठाकुर, सुकचंद ध्रुव ने बताया कि सरकार को चाहिए कि हड़ताल करने वाले कर्मचारियों के मांगों को पुरा किया जाए. और धान खरीदी शुरु करवाया जाए क्योंकि इस साल धान खरीदी में पहले से देरी हो चुकी है. अब किसानों को पैसा की बहुत जरुरत है. लेकिन धान खरीदी केन्द्रों से किसान वापस लौट रहे हैं. वहा कोई व्यवस्था नहीं है. नाम मात्र के मानो औपचारिकता के लिए कर्मचारी बिठा दिये गये हैं. धान खरीदी करने में सरकार असफल साबित हो रही है. उन्होंने आगे कहा कि दो -तीन दिनों कें भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं हुई तो किसान आंदोलन करने मजबूर होंगे.
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ब्लॉक कांग्रेस ने किया केंद्र का निरीक्षण, उजागर की भारी अनियमितताएं

धमतरी/कुरुद : ब्लॉक कांग्रेस कमेटी भखारा ने ग्राम अवरी सहकारी समिति में पहुंचकर धान खरीदी की तैयारियों और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान कांग्रेसजनों ने वर्तमान सरकार की घोर लापरवाही और असंवेदनशीलता पर कड़ी आपत्ति जताई.
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजू साहू ने कहा कि प्रदेश को धान कटोरा कहा जाता है. लेकिन किसानों के प्रति सरकार का रवैया बिल्कुल उदासीन है. 1 नवंबर को प्रदेश ने 25 साल पूरे होने पर बड़े पैमाने पर कार्यक्रम किए गए. लेकिन 15 नवंबर से शुरु होने वाली धान खरीदी के लिए किसी भी केंद्र में उचित व्यवस्था नहीं की गई.
उन्होंने बताया कि धान खरीदी शुरू हुए तीन दिन हो चुके हैं. फिर भी अवरी सोसायटी में खरीदी विधिवत तरीके से शुरु नहीं हुई है. शाखा प्रबंधक और कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हुए हैं. वहीं जिन लोगों को प्रभारी बनाया गया है. उन्हें विभागीय कार्यों की जानकारी तक नहीं है. किसानों के लिए पानी, तौलाई व्यवस्था, सिस्टम अपडेट जैसी मूलभूत सुविधाएँ भी उपलब्ध नहीं हैं.
राजू साहू ने कहा कि सरकार किसानों को खाद-बीज तक उपलब्ध नहीं करा सकी. अब धान खरीदी में अनियमितताएँ कर उनके उपज को लेने में भी आनाकानी कर रही है. मजदूरों की कमी, मौसम और बढ़ती महंगाई से किसान पहले ही परेशान हैं और अब व्यवस्था विफल होने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं.
ब्लॉक उपाध्यक्ष महेंद्र साहू ने कहा कि मानक तौल 40.700 होना चाहिए. लेकिन अवरी केंद्र में 40.900 से 41 क्विंटल तक की तौल ली जा रही है. जो किसानों के साथ सीधा अन्याय है. इसकी शिकायत प्राधिकृत अधिकारी एवं प्रभारी से की गई है.
प्रभारी महामंत्री होमेंद्र साहू ने टोकन संबंधी अनियमितताओं को फौरन दूर करने की मांग करते हुए कहा कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए.
निरीक्षण के दौरान मुख्य रुप से चूरामण साहू, पुनेश्वर साहू, रविंद्र सेन, किशन गजेंद्र, गजेंद्र बंजारे, दुजराम बघेल, सोनुराम, गेंदलाल, नेतराम साहू, विष्णु साहू, मनोहर साहू, दिनेश साहू, गोपी साहू भैसबोड़ सहित बड़ी तादाद में किसान मौजूद रहे.
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