धमतरी में 102 सरपंचों ने किया जनपद का घेराव, दुर्व्यवहार का आरोप, 3 पंचायत सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की मांग, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
In Dhamtari, 102 Sarpanches surrounded the district, alleging misconduct. They demanded action against three Panchayat Secretaries and warned of a violent protest.
धमतरी : धमतरी जिले के वनांचल क्षेत्र नगरी में तीन पंचायत सचिवों के व्यवहार से नाराज सरपंचों ने मोर्चा खोलते हुए जनपद पंचायत नगरी का घेराव कर दिया. इस दौरान सचिवों पर कार्रवाई की मांग को सरपंचों ने जमकर हल्ला बोला.
102 गांव के पुरुष और महिला सरपंचों ने सरपंच संघ नगरी के अध्यक्ष उमेश देव, महासचिव नरेश कुमार मांझी कोषाध्यक्ष उत्तम नेताम सहित तमाम पदाधिकारियों के नेतृत्व में सिहावा रोड स्थित सर्व आदिवासी समाज भवन नगरी से बाईक रैली के शक्ल में सरपंच एकता जिंदाबाद, सरपंचों के खिलाफ अभद्र व्यवहार नहीं सहेंगे के नारेबाजी करते हुए जनपद पंचायत कार्यालय नगरी पहुंचे.
जहां सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात पुलिस बल ने उन्हें मुख्य गेट पर ही रोक दिया. इस दौरान दोषी सचिवों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आक्रोशित सरपंचो ने जमकर नारेबाजी करते हुए जनपद कार्यालय नगरी के मुख्य गेट पर बैठ गए.
सरपंचों ने ग्राम पंचायत सेमरा, आमगांव और भीतररास में पदस्थ सचिवों पर महिला सरपंचों के साथ अभद्र व्यवहार, मनमानी,सरपंचों की बात नहीं सुनने और समय पर दफ्तर नहीं पहुंचने का आरोप लगाया. साथ ही कहा कि अन्य ब्लॉक से आए सचिवों के द्वारा आदिवासी सरपंचों के साथ मनमानी किया जाता है. जिसे लेकर उनके द्वारा पूर्व में विरोध और शिकायत किया जा चुका है. लेकिन मांग और एक पांच दिनों के अल्टीमेटम के बाद भी अब तक ऐसे सचिवों का दूसरे ब्लाक में स्थानांतरण नहीं किया गया. जिससे नाराज सरपंचों ने जनपद पंचायत नगरी का घेराव कर दिया. इस दौरान सरपंच संघ ने नायब तहसीलदार को कलेक्टर और जिला पंचायत के नाम ज्ञापन भी सौंपा है.
वहीं अफसरों के द्वारा आश्वासन मिलने के बाद सरपंचों ने अपना प्रर्दशन खत्म कर वापस लौटे. उन्होंने कहा कि अगर दो दिनों के अन्दर मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो वह उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए बाध्य होंगे. इस नगरी ब्लॉक के 102 गांव के सरपंच गण मौजूद रहे.
सरपंच संघ नगरी के अध्यक्ष उमेश देव ने बताया कि की सरपंचों द्वारा आमगांव, सेमरा और भीतररास के सचिवों द्वारा महिला सरपंचों से अभद्र व्यवहार,मनमानी करने की शिकायत मिली थी. जिसके लिए महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूर्व में सचिवों पर कार्रवाई के लिए लिखित शिकायत दिया था. लेकिन फिर कार्रवाई नहीं हुई. इसलिए हमें ये प्रदर्शन करना पड़ा. हमने सचिवों को दूसरे ब्लॉक में तबादला की मांग की है. जहां जिला CEO ने दो दिन के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
वहीं मामले में सरपंच संघ नगरी के महासचिव नरेश मांझी ने बताया कि भीतररास, आमगांव और सेमरा के सरपंचों द्वारा वहां पदस्थ सचिवों के खिलाफ लगातार शिकायत मिल रही थी कि उनका व्यवहार सरपंचों के खिलाफ व्यवहार सही नहीं है. तालमेल बनाकर नहीं चलते. जिससे पंचायत के कार्य भी प्रभावित हो रहे थे. जिसे लेकर हमने पूर्व में सीईओ को शिकायत भी किया था. लेकिन हमारे मांग के मुताबिक उनका दूसरे ब्लॉक में ट्रांसफर नहीं किया गया. जबकि पांच दिन का अल्टीमेटम दिया गया था. जिसके चलते हमे जनपद घेराव के लिए बाध्य होना पड़ा. ज़िला सीईओ द्वारा दो दिवस के अंदर कार्रवाई का आश्वासन मिला है.
जनपद पंचायत CEO नगरी रोहित बोरझा ने बताया कि एक हफ्ते पहले सरपंच संघ द्वारा उन सचिवों को लेकर मुझे ज्ञापन सौंपा गया था. ज्ञापन को आधार मानते हुए मैंने अतिरिक्त प्रभार भवानी प्रताप जांगड़े जो सेमरा में था. उन्हें मैंने तत्काल अनुशंसा करके वहां से हटा दिया गया था. साथ ही उन्होंने एक हफ्ते का समय दिया था कि इन तीनों सचिवों को अन्य ब्लॉक में स्थानातरण किया जाए. क्योंकि सचिवों की स्थानांतरण की प्रक्रिया जिला सीईओ साहब के अधिकार क्षेत्र में आता है. जनपद सीईओ होने के नाते जिला सीईओ को को भेज सकते हैं. इसी कड़ी में तीनों सचिवों के अन्य ब्लॉक में स्थानांतरण का प्रस्ताव भेजा जा चुका है.
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