राहुल गांधी का मतलब जनता की आवाज बन गया है
लखनऊ : सियासत हो आम जिंदगी वक़्त बड़ा बलवान होता है जब वक़्त साथ देता है तो बड़ी-बड़ी कामयाबी कदमों में होती हैं ऐसा ही कुछ कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ हो रहा है।
तौसीफ़ कुरैशी
लखनऊ : सियासत हो आम जिंदगी वक़्त बड़ा बलवान होता है जब वक़्त साथ देता है तो बड़ी-बड़ी कामयाबी कदमों में होती हैं ऐसा ही कुछ कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ हो रहा है। नेता प्रतिपक्ष रुकने का नाम ही नहीं ले रहे है सुबह-सुबह चार बजे बिना चाय नाश्ते के हाथरस के लिए निकल पड़ते है वहां जाकर भगदड़ में मौत के आगोश में शमाए लोगों के परिजनों से और घायलों का हालचाल लेते हैंऔर उनका दुख दर्द बांटते हैं,एक बजे तक दिल्ली लोट जाते है मगर घर नहीं जाते सीधे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पहुँच जाते है और लोको पायलटों से मिलते है उनकी दिक्कतों को गंभीरता से समझते है उसके बाद राष्पति भवन में एक कार्यक्रम में भाग लेते है,
और यह क्रम लगातार जारी रहता है देश का धन्नासेठ अपने बच्चे की शादी का कार्ड लेकर दस जनपद उनकी मां के आवास पर आता है राहुल गांधी भी अपनी माँ के साथ ही रहते है जबसे मोदी सरकार ने उनका सरकारी आवास छीन लिया था लेकिन वह उससे ना मिल गरीब मजदूरों से मिलने चले जाते है जबकि इस धन्नासेठ के यहाँ पहले भी बच्चों की शादियां हुईं लेकिन यह कोई कार्ड लेकर नहीं आता है अब क्यों आया है यह भी सब जानते है जब सियासी झण्डे का रंग बदलने की संभावना लगने लगती हैं तो ऐसे-ऐसे धन्नासेठ भी हाजरी लगाने लगतें है लेकिन राहुल गांधी के सिद्धांत उसूल उसे ऐसे लोगों से मिलने से रोकते है और ऐसे इबनुल वक़्त के हामी लोगों से ना मिल गरीबों से मिलना और उनके हकों की लड़ाई लड़ना बेहतर समझते है।
राहुल गांधी बहुत बहादुर व्यक्ति हैं जो गरीबों के साथ खड़ा है यही वजह है कि आज देश की सियासत में राहुल गांधी ने अपना अलग मुकाम बना लिया है वैसे तो पहले से ही वह बहुत शानदार शख्सियत के मालिक है और मुकाम उन्होंने बिना मैन स्ट्रीम मीडिया के जिसे गोदी मीडिया के नाम से जाना जाता है, जननायक राहुल गांधी का मतलब जनता की आवाज बन गया है। उसके बाद नेताप्रतिपक्ष राहुल गांधी आसाम चले जाते जहां वो बाढ़ पीड़ितों से मिलते है और फिर राहुल गांधी मणिपुर पहुँच जाते हैं जो पिछले एक साल से जल रहा है केन्द्र की मोदी सरकार हो या राज्य सरकार हो दोनों सरकारें मणिपुर के मसले पर खामोशी की चादरें ओढ़े सोई हुई है और राहुल गांधी का मणिपुर का यह दौरा तीसरा है,वही से सीधे अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के लिए निकल पड़ते है आज सुबह नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली पहुंचे।
जिस दौरान श्री गांधी ने बछरावां स्थित चूरवा हनुमान मंदिर में रूक कर पूजा अर्चना किया। इसके बाद रायबरेली पहुंचकर जननायक राहुल गांधी ने सर्वप्रथम वीर चक्र विजेता शहीद अंशुमान सिंह के माता-पिता से मुलाकात की। राहुल गांधी ने शहीद के परिजनों को सांत्वना दी और उन्हें कांग्रेस पार्टी की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। जननायक राहुल गांधी से मिलकर शहीद अंशुमान सिंह के पिता ने कहा कि जननायक राहुल गांधी अपनों को खोने का दर्द जानते हैं। वहीं उनकी माता ने कहा कि अग्निवीर योजना तुरंत बंद होनी चाहिए।तद्पश्चात श्री गांधी ने मुंशीगंज स्थित शहीद स्मारक पर बरगद का पेड़ लगाकर पार्टी द्वारा चलाये जा रहे राजीव गांधी वृक्षारोपण अभियान को गति दी। एक बूथ एक पेड़ की मुहिम श्री राहुल गांधी के जन्मदिन 19 जून से शुरू हुई थी जो अब पूरे प्रदेश में एक आंदोलन की शक्ल ले चुकी है।
जिस तरह की गर्मी इस बार पड़ी है, और जिस तरह से मौसम का मिजाज बदल रहा है पेड़ लगाना ही एकमात्र रास्ता है जो आने वाले वक्त में इस महामारी से धरा को सुरक्षित रखेगा। यह अभियान एक प्रयास है प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन का। हम प्रतिबद्ध है अपनी आने वाली संतति को हरा भरा उप्र देने के लिए।जननायक राहुल गांधी अपने दौर के दौरान जनपद रायबरेली के डॉक्टरों, वकीलों तथा व्यपारियों से मुलाकात कर उनसे उनकी समस्याएं सुनी। श्री गांधी ने रिंग रोड़, लालगंज बाईपास के अधिकारियों को बुलाया और उन्हें निर्देशित किया कि जज्द से जल्द बाईपास का निर्माण कार्य कराया जाये। इसके बाद श्री राहुल गांधी ने एम्स पहुंचकर वहां के मरीजों का कुशलक्षेम लिया तथा उनके इलाज का जायजा लिया।
इस मौके पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सुशील पासी, जिला कांग्रेस कमेटी रायबरेली के अध्यक्ष पंकज तिवारी, शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष धीरज श्रीवास्तव, सदस्य एआईसीसी शत्रुघ्न सोनकर सहित भारी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहे।अब अगला कार्यक्रम जननायक नेताप्रतिपक्ष राहुल गांधी का महाराष्ट्र में एक धार्मिक यात्रा में शामिल होने का है जो मोदी की भाजपा के लिए चिंता का सबब बन रहा है जिस राहुल गांधी को तरह तरह के नामों से मोदी की भाजपा पुकारती थी वही मोदी की भाजपा जननायक नेताप्रतिपक्ष राहुल गांधी का नाम आते ही उदासी की चादर में समायोजित होने की कोशिश करती दिखाई दे रही है और जननायक नेताप्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार झटके पे झटके दे रहे है इमानदार से लड़ना बहुत टेढ़ी खीर होती हैं यह बात मोदी की भाजपा के समझ में नहीं आ रही है या समझ कर ना समझने का ढोंग करती हैं।
जननायक राहुल राहुल गांधी के द्वारा सक्रिय भूमिका से गोदी मीडिया सहित मोदी की भाजपा परेशान हैं यही वो लोग थे जो राहुल गांधी को पप्पू कहते नही थकता था और अब वही गोदी मीडिया है जो कह रहा है कि विपक्ष का नेता बनने के बाद राहुल गांधी अतिउत्साह में है। राहुल गांधी संघर्ष जारी रखें जब भी सवाल और ना रखें जब भी सवाल।ऐसे में जननायक नेताप्रतिपक्ष राहुल गांधी का सोचना सही है कि गोदी मीडिया या मोदी की भाजपा क्या कहती हैं इस पर ध्यान नही देना चाहिए और अपना काम करते रहना चाहिए।



