8 प्राचार्यों के निलंबन पर छत्तीसगढ़ प्राचार्य फेडरेशन नाराज, आंदोलन की चेतावनी. कलेक्टर के अधिकार क्षेत्र पर उठाए सवाल, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
The Chhattisgarh Principals' Federation is angry over the suspension of eight principals and threatens to launch a protest. They question the Collector's jurisdiction and submit a memorandum to the Collector.
रायपुर : छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन बालोद और छत्तीसगढ़ प्राचार्य फेडरेशन के संयुक्त तत्वावधान में कलेक्टर बालोद से भेंट कर जिले के 8 प्राचार्यों पर की गई निलंबन कार्रवाई को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा गया.
बालोद जिले में परीक्षा परिणाम के आधार पर 8 प्राचार्यों को निलंबित किए जाने के फैसले का छत्तीसगढ़ प्राचार्य फेडरेशन ने विरोध किया. मामले को लेकर रायपुर में फेडरेशन की आपात बैठक आयोजित की गई. बैठक में फेडरेशन ने कलेक्टर बालोद की कार्रवाई को एकतरफा और नियमों के विपरीत बताते हुए निलंबन आदेश वापस नहीं लेने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है.
प्रतिनिधिमंडल ने निलंबन कार्रवाई को एकतरफा, अधिकार क्षेत्र से परे और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के प्रतिकूल बताते हुए कहा कि इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाना जरुरी है.
फेडरेशन पदाधिकारियों ने चर्चा के दौरान साफ किया कि सिर्फ परीक्षा परिणाम में कमी को आधार बनाकर संबंधित प्राचार्यों को व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी ठहराना न्यायोचित नहीं हैरायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन बालोद एवं छत्तीसगढ़ प्राचार्य फेडरेशन के संयुक्त तत्वावधान में आज कलेक्टर बालोद से भेंट कर जिले के 8 प्राचार्यों पर की गई निलंबन कार्रवाई को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा गया.
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी अवगत कराया कि प्राचार्य पद का नियुक्तिकर्ता प्राधिकारी शासन स्तर पर है. प्रचलित नियमों एवं प्रक्रिया के मुताबिक इस तरह की कार्रवाई शासन स्तर पर परीक्षण के बाद ही किया जाना ज्यादा उपयुक्त होता फेडरेशन ने मांग किया कि जिले के सभी निलंबित प्राचार्यों की सेवा, सम्मान एवं मनोबल को ध्यान में रखते हुए निलंबन आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए.
कलेक्टर बालोद के साथ हुई चर्चा सकारात्मक एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई. फेडरेशन द्वारा प्रस्तुत तथ्यों और पक्षों को गंभीरता से सुना गया। कलेक्टर महोदय ने निलंबन संबंधी कार्रवाई के परीक्षण और यथोचित सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया.
प्राचार्य फेडरेशन ने साफ़ किया कि कर्मचारी एवं अधिकारियों के सम्मान और न्यायोचित अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन सदैव प्रतिबद्ध है. अगर जल्द ही निलंबन की कार्रवाई वापस नहीं ली जाती है. तो छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन एवं छत्तीसगढ़ प्राचार्य फेडरेशन चरणबद्ध आंदोलन शुरु करने के लिए मजबूर होंगे. जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.
प्रतिनिधिमंडल में एम.आर. खान (प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ प्राचार्य फेडरेशन), लोकेश कुमार साहू (जिला संयोजक, छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन, बालोद), अनुराग ओझा (प्रमुख सलाहकार), धर्मेंद्र सिंह ठाकुर (प्रदेश सचिव), चमेली वर्मा (प्रदेश कोषाध्यक्ष), डॉ. भारती अग्रवाल (प्रदेश उपाध्यक्ष), बसंत त्रिवेदी (महासचिव, छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन, गरियाबंद), संतोष शर्मा, मधुकांत यदु, वीरेंद्र देशलहरे (जिलाध्यक्ष, राज्य कर्मचारी संघ), गजेंद्र पुरी गोस्वामी, बीरेंद्र कुमार गंजीर, रोहित कुमार देशमुख, अनिल कुमार साहू, लूमन सिंह साहू तथा जगदीश तारम मौजूद रहे.
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