गरियाबंद में धूमधाम से मनाया गया देवउठनी एकादशी पर्व, श्रद्धा के साथ महिलाओं ने की विशेष पूजा-अर्चना, बाबा कुलेश्वरनाथ का गन्ने से किया गया अदभुत श्रृंगार

Devuthani Ekadashi festival was celebrated with great pomp in Gariaband women performed special worship with devotion Baba Kuleshwarnath was beautifully decorated with sugarcane

गरियाबंद में धूमधाम से मनाया गया देवउठनी एकादशी पर्व, श्रद्धा के साथ महिलाओं ने की विशेष पूजा-अर्चना, बाबा कुलेश्वरनाथ का गन्ने से किया गया अदभुत श्रृंगार

देवउठनी एकादशी के उपलक्ष्य में बाबा कुलेश्वरनाथ का गन्ने से किया गया अदभुत श्रृंगार

राजिम : प्रयाग राज राजिम स्थित बाबा कुलेश्वरनाथ महादेव के मंदिर में देवउठनी एकादशी के उपलक्ष्य में बाबा कुलेश्वरनाथ जी का गन्ने से अदभुत श्रृंगार किया गया. जिसके चलते बाबा कुलेश्वरनाथ की छवि मनमोहक दिखाई देने लगी.
देवउठनी एकादशी पर पूजा के लिए गन्ने का विशेष महत्व होता है. प्रत्येक घर तुलसी विवाह के लिए गन्ने से ही मंडप सजाया जाता है. सुबह से ही भक्तों का बाबा के दर्शन के लिए भीड़ देखने को मिली.

आंवला नवमी पर हुए विविध कार्यक्रम

राजिम : नगर पंचायत राजिम स्थित प्राचीन श्रीराम मंदिर प्रांगण में आंवला नवमी पर्व पर समर्पण ग्रुप के बहनों द्वारा कई तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर राजिम विधायक रोहित साहू की पत्नी भुनेश्वरी साहू, पूर्व विधायक संतोष उपाध्याय की पत्नी आंजना उपाध्याय, नगरपंचायत अध्यक्ष रेखा सोनकर, वार्ड नं एक के पार्षद पूर्णिमा चंद्राकर, वरिष्ठ भाजपा नेत्री एवं शा.कन्या शाला प्र.एवं विकास समिति अध्यक्ष देवकी साहू, छाया राही, मीता महाडिक, सोनल महाडिक, विप्रकुल महिला मंच के अध्यक्ष सीमा शर्मा, प्रतिभा, ममता शर्मा, सावित्री देवांगन, भाजपा नेत्री तनु मिश्रा, लता ठाकुर, खुशी साहू, चेतना साहू, कोमल तिवारी, स्वाति. अंजू निषाद आदि उपस्थित थी.

राजिम नगरी में शुभ मुहूर्त में तुलसी विवाह का हुआ आयोजन

राजिम नगरी में श्री राजीव लोचन मंदिर प्रांगण में हरिहर कथा का आयोजन किया गया. जिसमें चौथे दिन श्रद्धालुजनों ने श्री कृष्ण की प्रेम गाथा का रसपान किया. श्री राजीव लोचन मंदिर ट्रस्ट कमेटी के तत्वावधान में आयोजित इस हरिहर कथा का वाचन कवर्धा निवासी गोवर्धन आचार्य महाराज द्वारा की गई.
कथा के चौथे दिन सोमवार को श्री कृष्ण रुक्मणी विवाह के संदर्भ में रस बिखरते हुए श्री कृष्ण की प्रेम गाथा का वर्णन करते हुए रुक्मणी कृष्ण के संदर्भ में विस्तार से बतलाया। हरिहर कथा का रसपान राजिम नगरवासीयों के साथ साथ बाहर से दर्शन के लिए आए श्रद्धालुजन ने भी किया. चौथे दिन श्री राजीव लोचन मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत राम सुंदर दास भी कथा में पहुंचे. उन्होंने कथा वाचक गोवर्धन आचार्य महाराज की कथा सुनकर सराहना की.
आयोजन में ट्रस्ट के सचिव अनिल तिवारी प्रतिदिन रायपुर से राजिम पहुंचे. साथ ही दर्शनार्थियों श्रद्धालुजनों में चंद्रभान सिंह ठाकुर, महेंद्र सिंह ठाकुर, दिनेश सिंह ठाकुर सपत्नीक इस कथा का आनंद ले रहे हैं।  इस कथा के प्रमुख सूत्रधार मैनेजर पुरुषोत्तम मिश्रा, पुरोहित विजय शर्मा, शिव सिंह ठाकुर, रामकुमार सिंह ठाकुर, नरेंद्र सिंह ठाकुर, श्रवण सिंह ठाकुर, आमोद राजपूत, भोला ठाकुर, शिक्षक भारती, आर एन तिवारी, लक्ष्मी नारायण ताम्रकार, पप्पू यादव महेंद्र यादव, महेंद्र ठाकुर भी उपस्थित होकर हरिहर कथा का रसपान किया.
मंदिर प्रांगण में आज 12 नवंबर को तुलसी विवाह का भव्य आयोजन किया गया. मंदिर में तुलसी विवाह का कार्यक्रम वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार रात्रि 8 बजे से 8.30 बजे के मध्य हुआ.। भगवान श्री शालिग्राम की पूजा दूल्हे के रूप में की गई. जिसके बाद  भगवान श्री शालिग्राम को डोली पर विराजमान कराकर समूचे मंदिर परिसर में पारंपरिक बाजे गाजे व पटाखों के साथ बारात निकाली गई. बारात माता तुलसी के द्वार पर पहुंचेगी जहां मंत्रोच्चार के साथ विवाह का कार्यक्रम संपन्न कराया गया.
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गरियाबंद में धूमधाम से मनाया गया देवउठनी एकादशी पर्व, श्रद्धा के साथ महिलाओं ने की विशेष पूजा-अर्चना

गरियाबंद : मंगलवार 12 नवंबर को देशभर में देवउठनी एकादशी मनाई गई. गरियाबंद नगर परिषद सहित ग्रामीण क्षेत्र में मंगलवार को देवउठनी एकादशी धूमधाम से मनायी गयी. वहीं एकादशी पर महिलाओं ने अपने घरों में तुलसी पूजन किया. कई घरों में तुलसी के पौधे का पूजन किया गया.
वही कई स्थानों पर सामूहिक रूप से भी तुलसी माता की विशेष पूजा-अर्चना के साथ ही तुलसी विवाह संपन्न कराया गया. तुलसी के पौधे के समीप रंगोली बना कर तुलसी के पौधे को दुल्हन की तरह शृंगार कर सजाया गया था. नप क्षेत्र के पुराना मंगल बाजार सिन्हा निवास सहित विभिन्न मोहल्ला में महिलाओं ने बड़े ही धूमधाम के साथ तुलसी विवाह मनाया. इस दौरान तुलसी विवाह से संबंधित गीत गाये गये. इस मौके पर महिलाओं ने उपवास कर संध्या बेला तुलसी वृक्ष की पूजा-अर्चना कर प्रसाद व भोजन ग्रहण किया.
इस संबंध में बुजुर्ग महिला धरमीन सिन्हा ने बताया की हिन्दु धर्म में एकादशी का बड़ा ही महत्व है। देवउठनी एकादशी को हरी प्रबोधिनी एकादशी या देवोत्थान एकादशी तुलसी विवाह के रूप में भी जाना जाता है। पुराणों के मुताबिक कार्तिक मास में देवोत्थान एकादशी के दिन तुलसी-शालिग्राम विवाह संपन्न किया जाता है। इस विवाह के बाद ही सभी शुभ कार्य जैसे विवाह,उपनयन आदि प्रारंभ हो जाते है। कहा जाता है कि भगवान विष्णु भी इसी दिन चार माह के शयन के बाद उठते है। इसलिये इसे देवउठनी के नाम से भी जाना जाता है। इस मौके पर शहर के देवउठनी एकादशी व तुलसी विवाह के मौके पर भक्तो ने अपने-अपने घरों स्थित तुलसी मंदिर व तुलसी स्थान को भव्य तरीके से सजाया.
देर संध्या विधि-विधान से तुलसी विवाह कराया। साथ ही आतिशबाजी भी की गई। जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। वहीँ शहर के विभिन्न मंदिरों में महिलाओं ने दीये जलाकर सुख सम्रद्धि की कामना की। इस मौके पर कई मंदिरों में विशेष रूप से धार्मिक अनुष्ठान भी किया गया। जिससे माहौल पूरी तरह से भक्तिमय देखा गया.
लता सिन्हा ने बताया देवउठनी एकादशी के दिन गन्ने का विशेष महत्व होता है. इस दिन तुलसी चौरा के ऊपर गन्ने का मंडप बनाया जाता है, जो एक प्रतीकात्मक मंडप होता है. गन्ने के मंडप के नीचे भगवान सालिग्राम (भगवान विष्णु का प्रतीक) और तुलसी माता का विवाह किया जाता है. इस विवाह को देवताओं के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है. पूजा के बाद तुलसी माता को चुनरी ओढ़ाई जाती है और चूड़ियां चढ़ाई जाती है, गन्ने का मंडप बनाने के बाद विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है और भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार दान करते हैं. देवउठनी एकादशी के दिन से शुभ मुहूर्तों की शुरुआत हो जाती है और फिर उत्तरायण संक्रांति के बाद से और भी शुभ समय माना जाता है, खासकर विवाह और अन्य शुभ कार्यों के लिए..
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फिंगेश्वर में 7 दिसम्बर से विष्णु अरोड़ा का भगवात सप्ताह का होगा आयोजन, श्रीवास परिवार द्वारा होगा कार्यक्रम

फिंगेश्वर : नगर में प्रसिद्ध भगवताचार्य श्री विश्णु अरोड़ाके मुखारवृन्द से स्व. किसुन श्रीवास के वार्शिक श्राद्ध निमित जितेन्द्र, राजेश श्रीवास परिवार द्वारा भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ सप्ताह का आयोजन 7 दिसंबर से 15 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है.
इस वृहद आयोजन को सफल बनाने श्रीवास परिवार द्वारा नगर के भागवत प्रेमियों, श्रद्धालुजनों की एक बैठक गायत्री मंदिर परिसर में संपन्न हुई. जिसमें हेमलाल साहू, परमानंद यादव, कृश्णकुमार तिवारी, संतोशी श्रीवास्तव, पद्मा यदु, डॉ. चन्द्रशेखर हरित, बसंत सोनी, ओमप्रकाश बंछोर सहित आयोजक परिवार से जीतेश श्रीवास श्रीमती सिन्धु श्रीवास आदि श्रद्धालुजनों ने आयोजन के विशय में अपने अपने विचार व्यक्त करते हुए श्री विष्णु अरोड़ा जैसे विद्वान एवं भगवताचार्य के कार्यक्रम को सफल बनाने का संकल्प व्यक्त किया.
इस वृहद आयोजन के लिए नगर के हृदय स्थल में स्थित समता क्लब मैदान का चयन करते हुए आयोजन संबंधी तैयारी के लिए अलग अलग समिति बनाकर उत्तरदायित्व दिया गया.
उपस्थितजनों ने कहा कि विश्णु अरोड़ा जी का कार्यक्रम अंचलवासियों के लिए काफी सौभाग्य का विशय है। इसे सभी मिलकर सफल बनायेंगे। बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष जगदीश यादव, उत्तम राजवंशी, भारद्वाज साहू, धनंजय हरित, रवि साहू, अरविंद यदु, मोनू गुप्ता, गंगाबाई धु्रव, पूर्णिमा यादव, पद्मा यदु सहित काफी संख्या में महिलाएं एवं पुरूश उपस्थित थे.
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फिंगेश्वर : गांव गांव में श्रद्धालुजन छोटी दिवाली के नाम से भी जाने जाने वाला देवउठनी का पर्व 12 नवंबर को रवि योग, हर्शण योग, सर्वार्थ सिद्धी योग में मनाया गया. गोधुली बेला में घंटा, शंख की ध्वनि के बीच भगवान विश्णु को जगाया गया. साथ ही तुलसी चौरा में गन्ने का मंडप सजाकर सालिग्राम भगवान और माता तुलसी का विवाह कराया गया. इसके साथ ही मांगलिक कार्य, गृहप्रवेश, विवाह के लिए मुहूर्त शुरु हो जाएंगे.