सोना मत खरीदो, पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करो और विदेश मत जाओ… पीएम मोदी की अपील पर राहुल गांधी भड़के, बोले- ये उपदेश नहीं बल्कि नाकामी के सबूत
Don't buy gold, use less petrol and diesel, and don't go abroad... Rahul Gandhi lashed out at PM Modi's appeal, saying, "This isn't a sermon, but evidence of failure."
नई दिल्ली : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समझौता करने वाला बताया. उन्होंने लिखा, मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे- सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। ये उपदेश नहीं- ये नाकामी के सबूत हैं..
उन्होंने आगे लिखा, 12 साल में देश को इस मुकाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है- क्या खरीदे, क्या न खरीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं, ताकि खुद की जवाबदेही से बच निकलें। देश चलाना अब समझौता करने वाले प्रधानमंत्री के बस की बात नही.
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को आयात पर निर्भरता कम करने की जरूरत पर जोर दिया था. उन्होंने कहा था कि हर परिवार को खाने के तेल का इस्तेमाल कम करना चाहिए और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना चाहिए. ताकि विदेशी मुद्रा की बचत हो और पर्यावरण की रक्षा हो सके. प्रधानमंत्री सिकंदराबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.
इस दौरान उन्होंने कह कि खाने के तेल की खपत कम करने से लोगों की सेहत भी बेहतर होगी और देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी. उन्होंने कहा, खाने के तेल के आयात पर देश को विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है. अगर हर परिवार खाने के तेल का इस्तेमाल कम कर दे. तो यह देशभक्ति में बड़ा योगदान होगा. इससे देश के खजाने की सेहत भी सुधरेगी और परिवार के हर सदस्य की सेहत भी बेहतर होगी. उन्होंने रासायनिक खाद के आयात पर पड़ने वाले दबाव का भी जिक्र किया. प्रधानमत्री ने कहा कि भारत बड़ी मात्रा में विदेश से रासायनिक खाद खरीदता है. उन्होंने किसानों से इसके उपयोग को कम करने की अपील की.
उन्होंने कहा, कृषि क्षेत्र में भी विदेशी मुद्रा खर्च होती है. हम विदेश से रासायनिक खाद आयात करते हैं. हमें इसका उपयोग आधा करना चाहिए और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना चाहिए. इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और हमारी जमीन व धरती माता भी सुरक्षित रहेंगी. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने देशभक्ति की नई परिभाषा भी दी और कहा कि हर भारतीय को आर्थिक मजबूती के लिए सामूहिक प्रयास करना चाहिए. उन्होंने कहा, देशभक्ति सिर्फ सीमा पर जान देने तक सीमित नहीं है. आज के समय में देशभक्ति का मतलब है जिम्मेदारी से जीवन जीना और रोजमर्रा की जिंदगी में देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाना.
प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की भी अपील की. उन्होंने कहा कि जहां मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध हों, वहां उनका इस्तेमाल करना चाहिए. जरूरत पड़ने पर कार पूलिंग करनी चाहिए. सामान की ढुलाई के लिए रेलवे का अधिक उपयोग करना चाहिए और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना चाहिए.
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