प्रशासनिक खींचतान का खामियाजा भुगत रही जनता, पानी के लिए दिन-रात भटक रहे लोग, 12 पार्षदों ने प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा, तालाबंदी की चेतावनी

The public is bearing the brunt of administrative infighting, wandering day and night for water, 12 councilors have opened a front against the administration, threatening a lockdown.

प्रशासनिक खींचतान का खामियाजा भुगत रही जनता, पानी के लिए दिन-रात भटक रहे लोग, 12 पार्षदों ने प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा, तालाबंदी की चेतावनी

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही : भीषण गर्मी के बीच गौरेला नगर पालिका क्षेत्र में गहराते जल संकट ने अब राजनीतिक रुप ले लिया है. शहर की आधी आबादी पिछले करीब 15 दिनों से पानी की किल्लत से जूझ रही है. तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है और नलों में पानी नहीं आने से लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है. इस गंभीर स्थिति को लेकर नगर पालिका के 15 में से 12 पार्षदों ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर 3 दिनों के भीतर व्यवस्था सुधारने का अल्टीमेटम दिया है.
तकनीकी खामियों पर उठे सवाल, फीडर बदलने की मांग
वार्ड क्रमांक 4 के पार्षद निलेश साहू ने जल आपूर्ति व्यवस्था की तकनीकी खामियों को उजागर करते हुए बताया कि शहर को पानी देने वाला मलानिया जलाशय वर्तमान में ग्रामीण फीडर से जुड़ा हुआ है. ऐसे में बिजली कटौती होते ही जलापूर्ति पूरी तरह ठप हो जाती है. पार्षदों ने मांग किया कि जलाशय को तत्काल शहरी फीडर से जोड़ा जाए. ताकि निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित हो सके. साथ ही बंद पड़े पुराने बोरवेल्स में पंप डालकर उन्हें तत्काल चालू करने की भी मांग की गई है.
प्रशासनिक खींचतान का खामियाजा भुगत रही जनता
वार्ड क्रमांक 6 की पार्षद अलका ताम्रकार ने नगर पालिका प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि अध्यक्ष और मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) के बीच चल रही खींचतान के कारण विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं. अधिकारियों की उदासीनता के चलते न तो फोन उठाए जा रहे हैं और न ही समस्याओं का समाधान किया जा रहा है
वार्ड क्रमांक 3 के पार्षद आयुष सोनी ने बताया कि शहर के लोग सुबह 5 बजे से लेकर देर रात तक पानी की तलाश में भटक रहे हैं. पिछले एक साल से खराब पड़े बोरवेल्स को सुधारने की मांग की जा रही है. लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं
वहीं, वार्ड क्रमांक 8 की पार्षद अरुणा चक्रधारी सहित अन्य महिला पार्षदों ने साफ चेतावनी दी कि अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा. उन्होंने दो-टूक कहा कि अगर 3 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो नगर पालिका का घेराव कर तालाबंदी की जाएगी और उग्र आंदोलन किया जाएगा.
कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में पार्षदों ने साफ किया है कि अगर तय समय सीमा में पेयजल व्यवस्था बहाल नहीं हुई. तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे. पार्षदों का कहना है कि वे जनता के प्रतिनिधि हैं और उनकी समस्याओं को लेकर जवाबदेह हैं. जबकि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचते नजर आ रहे हैं.
ज्ञापन सौंपने वालों में उपाध्यक्ष रोशनी तापस शर्मा, रियाज अहमद कुरैशी, अरुणा चक्रधारी, अमृता मरावी, राजेश अग्रवाल, निलेश साहू, शाहिना परवीन, अलका ताम्रकार, मनोज विश्वकर्मा, आयुष सोनी, विक्रांत रोहणी, अंकुश विश्वकर्मा और सुरेश उइके सहित अन्य पार्षद शामिल रहे.
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