रायपुर में पुलिस कस्टडी से तीन नाबालिग फरार, चलती गाड़ी से कूदकर भागे आरोपी, महकमे में मचा हड़कंप, एक गिरफ्तार, दो की तलाश में जुटी पुलिस
Three minors escape from police custody in Raipur; the accused jump from a moving vehicle, causing panic within the department; one arrested; police searching for two others.
रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के उरला इलाके में चोरी के मामले में तीन संदेही नाबालिग पुलिस की गाड़ी से भाग निकले। तीनों को पुलिस बाल संप्रेक्षण गृह ले जा रही थी. रास्ते में पुलिस वाहन का दरवाजा खोलकर तीनों भाग निकले. बाद में एक नाबालिग को पकड़ लिया गया है. दो अन्य की तलाश जारी है. यह मामला उरला थाना क्षेत्र का है.
मिली जानकारी के मुताबिक उरला थाने में दर्ज चोरी के एक मामले में पुलिस ने शनिवार को शक के आधार पर तीन नाबालिगों को पकड़ा. तीनों को किशोर न्यायालय में पेश करने ले जाया जा रहा था. तीनों पुलिस गाड़ी में थे. शुभम के मार्ट के पास तीनों नाबालिगों ने वाहन के पीछे का दरवाजा खोला और भाग निकले. इसकी जानकारी होने पर पुलिस ने एक नाबालिग को पकड़ लिया. लेकिन दो अंधेरे और तंग गलियों का फायदा उठाकर भाग निकले. जिनकी तलाश की जा रही है.
जानकारी के मुताबिक उरला थाने में दर्ज चोरी के एक मामले में पुलिस ने शनिवार को 16 से 17 साल के तीन नाबालिगों को पकड़ा था, जिन्हें नई बोलेरो गाड़ी से बाल अदालत ले जाया जा रहा था. गाड़ी का लॉक बाहर से तो बंद था. लेकिन अंदर से खुल जाता था. ये बात जब नाबालिगों को पता चली. तो उन्होंने एक दूसरे को इशारे में भागने की प्लानिंग की.
बात दे यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी दुर्ग में तीन नाबालिग बाल संप्रेक्षण गृह से भाग निकले. पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जिसके बाद तीनों को घर के पास ही पकड़ लिया गया. उन्हें बाल संप्रेक्षण गृह में दोबारा भेजा गया.
मिली जानकारी के मुताबिक एक नाबालिग हत्या, दूसरा लूट और तीसरा अन्य मामले में बाल संप्रेक्षण गृह में रखा गया था. रविवार की रात तीनों दीवार फांदकर भाग निकले. जिसकी भनक लगते ही प्रबंधन ने फौरन मामले की खबर पुलिस को दी. खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की.
बालक संप्रेक्षण गृह 10 अपचारी बालक भागे
माना स्तिथ बाल संप्रेक्षण गृह से फिर अपचारी बालक फरार हो गए. देर रात एक अपचारी को पुलिस ने पकड़ लिया. माना पुलिस ने अपराध दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है. महिला एवं बाल विकास विभाग की टीमें भी उनकी तलाश में लगी हैं. बाल संप्रेक्षण गृह से इससे पहले भी कई बार अपचारी बालक फरार हो चुके हैं.
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रबंधन गंभीर नहीं है. पिछले साल 10 अपचारी बालक संप्रेक्षण गृह का सुरक्षा घेरा तोड़कर भाग निकले थे. भागने वाले गंभीर अपराधों में शामिल थे. नाबालिग होने की वजह से अपचारी बालकों को नियमानुसार कई तरह की सुविधाएं दी जाती हैं. इसी का फायदा उठाकर नाबालिग बालक भाग निकलते हैं.
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