केंद्रीय बजट किसानों के लिए कर्ज का जंजाल- तेजराम विद्रोही, अमीरों को और भी अमीर व किसानों को ऋण जाल में फंसाने वाला बजट

Union Budget is a debt trap for farmers- Tejram Vidrohi, Budget will make the rich even richer and trap farmers in debt trap

केंद्रीय बजट किसानों के लिए कर्ज का जंजाल- तेजराम विद्रोही, अमीरों को और भी अमीर व किसानों को ऋण जाल में फंसाने वाला बजट

राजिम : भाजपा गठबंधन सरकार में साल 2025 के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट अमीरों क़ो और अमीर और किसानों क़ो ऋण जाल में फंसाने वाला बजट है. 
उक्त कथन भारतीय किसान यूनियन (टिकैत ) छत्तीसगढ़ के महासचिव तेजराम विद्रोही ने साल 2025 के लिए पेश बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पेश बजट में किसानों और मेहनतकश आम जनता के विकास के लिए कुछ भी नहीं है. किसानों क़ो उनके फसल का न्यूनतम समर्थन गारंटी मिल सके इसके लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है. बल्कि पांच लाख तक किसानों की ऋण सीमा बढ़ाकर किसानों क़ो कर्ज के जंजाल में फंसाए रखना है. किसानों क़ो अगर पुरे साल भर उनके सभी उत्पादों क़ो स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरुप डेढ़ गुना लाभकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य मिले तो उन्हें कर्ज लेने की जरुरत नहीं होगी और किसान कर्ज मुक्त होंगे।
विद्रोही ने आगे कहा कि अमीरों क़ो टैक्स में छूट दी गयी है. जबकि महाअमीरों के टैक्स में वृद्धि की जानी चाहिए थी. जो नहीं किया गया यह सरकार की कॉर्पोरेट सेवा की नीति क़ो स्पष्ट करता है. बढ़ती महंगाई, क़ो कम करने, स्थायी रोजगार श्रीजित कर बेरोजगारों क़ो रोजगार देने, मेहनतकश वर्ग की आर्थिक हालत ठीक करने के क्षेत्र में यह बजट किसी तरह की दिशा देने में असफल है.
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