एक लाख के मोबाइल के लिए युवक का कत्ल, जिस बैग में आईफोन की डिलीवरी देने आया उसी में भर दी लाश, दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
A young man was murdered for a mobile worth one lakh the body was stuffed in the bag in which he had come to deliver the iPhone two accused arrested one absconding
लखनऊ : आईफोन एक महंगा फोन है जिसे हर कोई अफोर्ड नहीं कर सकता. इसे खरीदने के लिए लोग अलग अलग तरह की जुगत लगाते हैं, कोई उधार लेता है तो कोई EMI करवाता है तो कोई पुराना आईफोन लेकर भी काम चला ही लेता है. लेकिन आईफोन का शौक लालच में बदल जाए तो यह किसी की जान भी ले लेता है. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक ऐसा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जहां एक शख्स ने आईफोन डिलीवर करने आए डिलीवरी बॉय को सिर्फ इसलिए मौत के घाट उतार दिया ताकि उसे 1.5 लाख का फोन फ्री में मिल जाए.
ऑनलाइन शॉपिंग ई कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट से 1.5 लाख रुपये का आईफोन कैश ऑन डिलीवरी आर्डर किया. जब उत्तर प्रदेश के राजधानी लखनऊ के चिनहट में मोबाइल देने पहुंचे डिलीवरी ब्वॉय की तीन युवकों ने साजिश रचकर मार डाला. उसे गला दबाकर मारने के बाद दो मोबाइल (कुल कीमत एक लाख रुपये) और करीब 35 हजार रुपये लूट लिया . फिर डिलीवरी ब्यॉय के बैग में ही उसका शव डाला और बाराबंकी के माती इलाके में जाकर इंदिरा नहर में फेंक दिया. पुलिस ने दो आरोपियों हिमांशु कनौजिया और आकाश को दबोच लिया है. तीसरे आरोपी गजानन की तलाश में तीन टीमें लगाई गई है. एसडीआरएफ की टीम शव बरामद करने के प्रयास में जुटी है.
मूलरूप से अमेठी के जामो निवासी भरत कुमार प्रजापति उम्र 32 साल अपनी पत्नी अखिलेश कुमारी के साथ चिनहट इलाके में सतरिख रोड के सविता विहार में रहता था. वह इंस्टा कार्ड प्रा.लि कंपनी में डिलीवरी ब्वॉय था.
24 सितंबर की दोपहर 49 ग्राहकों का सामान पहुंचाने के लिए भरत दफ्तर से निकला। उसके देर रात तक न लौटने पर हब इंचार्ज आदर्श कोष्टा ने परिजन को जानकारी देने के साथ चिनहट थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई.
एक ने ऑर्डर किया, अन्य दोनों ने मिलकर मारा
वारदात देवा रोड स्थित बाबा अस्पताल के पास घर में अंजाम दी गई. जांच में सामने आया कि हिमांशु कनौजिया ने अपने फोन से दोनों मोबाइल ऑर्डर किया था. 24 सितंबर की दोपहर जब भरत ने कॉल किया तो उसने गजानन से कांफ्रेंसिंग पर बात कराई. गजानन ने कहा की वह मोबाइल रिसीव कर लेगा. जब दोपहर को भरत मोबाइल लेकर पहुंचा तो गजानन ने आकाश के साथ मिलकर उसे घर के अंदर घसीट लिया.
फिर कत्ल कर मोबाइल और पैसे लूट लिए. पुलिस को शक है कि आरोपियों ने भरत की लाश के टुकड़े किए और फिर उसके बाद उसे नहर में फेंका. कुछ ऐसी जानकारी सामने आईं. जिससे एक शक ये भी है कि कहीं शव के टुकड़े कर बैग में तो नहीं भरे?
सर्विलांस के जाल में फंसे आरोपी
गुमशुदगी दर्ज करने के बाद पुलिस ने भरत के मोबाइल नंबर की लोकेशन और कॉल डिटेल निकाली. आखिरी लोकेशन हत्यारोपियों के घर के पास की मिली. भरत के नंबर से आखिरी कॉल हिमांशु और फिर गजानन के नंबर पर की गई थी. इसलिए पुलिस ने इनकी भी डिटेल निकाली. इससे खुलासा हुआ कि उस शाम दोनों की लोकेशन माती में नहर के पास थी. सीसीटीवी फुटेज से भी साफ हो गया कि भरत गजानन के घर के अंदर तो गया. लेकिन बाहर नहीं आया.
आरोपी कार में उनका बैग रखकर जाते दिखे. जिससे पुलिस का शक पुख्ता हो गया. आरोपियों को उठाकर सख्ती से पूछताछ की तो खुलासा हो गया. डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने बताया कि एसडीआरएफ की टीम नहर में शव की तलाश करेगी.
हत्या की दूसरी वजह तो नहीं...
भरत के पिता राम मिलन खादी ग्रामोद्योग विभाग में कर्मचारी हैं. भाई प्रेम कुमार अधिवक्ता हैं. ये सभी निशांतगंज में शिक्षा निदेशालय की कॉलोनी में रहते हैं. पिता ने बताया कि गजानन पहले भरत के साथ उसकी कंपनी में काम कर चुका है. ऐसे में पुलिस इस पहलू पर भी तफ्तीश कर रही है कि हत्या की वजह कुछ और तो नहीं है? अभी तक मोबाइल और नकदी लूट की बात सामने आई है.
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