फौजी परिवार से ज्यादती और रिश्वत मामला मिडिया में वायरल होने के बाद थाना प्रभारी और प्रधान आरक्षक सस्पेंड, जांच जारी

After the case of excesses and bribery against the family of a soldier went viral in the media, the station in-charge and the head constable were suspended, investigation is going on

फौजी परिवार से ज्यादती और रिश्वत मामला मिडिया में वायरल होने के बाद थाना प्रभारी और प्रधान आरक्षक सस्पेंड, जांच जारी

मोहला/मानपुर : मोहला मानपुर जिले के चिल्हाटी थाना प्रभारी रवि शंकर डहरिया को रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. यह कार्रवाई राजनांदगांव रेंज के आईजी के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक वाई. पी. सिंह द्वारा की गई है. वहीं पिड़ितों पर मामला दबाने को लेकर दबाव बनाने वाले प्रधान आरक्षक राजेश्वर बोगा को भी निलंबित कर दिया गया है
महाराष्ट्र निवासी एक फौजी के भाई से अवैध तरीके से रकम वसूलने का आरोप दोनों पुलिसकर्मियों पर लगा है. यह मामला जब मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए सामने आया. तब पुलिस विभाग ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए. मामले की प्रारंभिक जांच के आधार पर दोनों अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया.
फिलहाल पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी एसडीओपी अंबागढ़ नेहा पवार को सौंपी गई है. पुलिस अधीक्षक वाई. पी. सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी भी तरह की अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
बता दें कि फौजी परिवार ने भड़सेना पंचायत के आश्रित गांव कोलिहाटोला के रहने वाले रामकुमार सलामे से किसानी के लिए एक जोड़ी बैल खरीदा था. 20 अप्रैल को फौजी चतुर सिंधराम का बड़ा भाई मधुर सिंधराम बैल खरीदकर चिल्हाटी क्षेत्र के देवदास साहू के मालवाहक पिकअप वाहन CG 08 AJ 5941 में मवेशी लेकर वापस लौट रहे थे. इसी बीच चिल्हाटी थाना के सामने देर शाम आबकारी चेकपोस्ट में मवेशी तस्करी के नाम पर मालवाहक को रोका गया. पिड़ितों के द्वारा जानकारी देने के बावजूद भी थाना प्रभारी के निर्देश पर सभी को थाना में रात भर भूखे प्यासे रखा गया. सुबह इसके एवज में थाना प्रभारी और स्टॉफ द्वारा मोटी रकम लेकर छोड़ा गया.
इधर पुलिस के चंगुल के बीच मधुर सिंधराम की मां की अगले दिन 21 अप्रैल को मौत हो गई. किसी तरह मिन्नत कर वह थाना से गांव पहुंचा. पुलिस को रिश्वत दी और ले देकर पुलिस के चंगुल से छुटते ही अपने मां के अंतिम संस्कार में वह शामिल हो पाया.
इस बीच मामला सार्वजनिक हो गया. मामला सामने आने के बाद अभिषेक शांडिल्य आईजी राजनांदगांव रेंज ने एसपी को सीधे सस्पेंड करने का निर्देश दिया. साथ ही रविशंकर डहरिया के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है.
पीड़ितों पर बेहद दबाव का मामला उजागर होने के बाद थाना प्रभारी रवि शंकर डहरिया समेत चिल्हाटी थाने मे तैनात पुलिस बल रिश्वत कि रकम वापस लौटाने महाराष्ट्र के नक्शल वांछित क्षेत्र में भी पहुंच गए. इसके अलावा पीड़ितों को कुछ ना बताने को कहे जाने और मामले में चुप्पी साधे रहने की खबर मिल रही है.
थानेदार का असामाजिक गतिविधियों को समर्थन और रिश्वत कांड उजागर होने से पहले बीते हफ्ते चिल्हाटी के सैकड़ो महिला, पुरुष, युवा, ग्रामीणों ने गांव में बिक रहे अवैध शराब के खिलाफ लामबंद होते हुए चिल्हाटी थाने का घेराव किया था. थाना प्रभारी रवि शंकर डहरिया के संरक्षण में क्षेत्र के भीतर असामाजिक गतिविधियां बड़े पैमाने पर संचालित हो रही है.
जांच मे घोटाले की आशंका पर मोहला मानपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक इंद्र शाह मंडावी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि थाना प्रभारी रविशंकर डहरिया के खिलाफ कई मामले सामने आते रहे है. लेकिन विभागीय अफसरों के प्रिय होने की वजह से वह अब तक वर्दी के पीछे मनमानी करता रहा है. महाराष्ट्र से जुड़े रिश्वत कांड के मामले में खबरों के हवाले से आईजी से उन्होंने मांग की है कि राजनांदगांव के अलग पुलिस टीम से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
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