अरविंद केजरीवाल ने आत‍िशी को सौंपी गद्दी, दिल्ली को मिली तीसरी महिला मुख्यमंत्री, नई CM को मिल सकती है Z कैटेगरी की सुरक्षा

Arvind Kejriwal handed over the throne to Atishi Delhi gets its third woman Chief Minister the new CM may get Z category security

अरविंद केजरीवाल ने आत‍िशी को सौंपी गद्दी, दिल्ली को मिली तीसरी महिला मुख्यमंत्री, नई CM को मिल सकती है Z कैटेगरी की सुरक्षा

आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. मंगलवार सुबह हुई आप के विधायक दल की बैठक में आतिशी को नेता चुना गया. आतिशी विधायक दल की नेता होंगी, इसका प्रस्ताव खुद अरविंद केजरीवाल ने ही किया था.
इसके साथ ही विधायक दल की नेता चुनी गईं आतिशी ने भी उपराज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है. इस बीच खबर है कि केजरीवाल कुछ ही हफ्तों में उत्तरी दिल्ली के सिविल लाइंस स्थित अपना सरकारी बंगला खाली कर देंगे.
पार्टी पदाधिकारी ने बताया कि सरकारी आवास छोड़ने के बाद केजरीवाल और उनका परिवार दिल्ली में ही रहेगा. उनके लिए उपयुक्त आवास की तलाश जारी है. नियमों के मुताबिक केजरीवाल को अपने त्यागपत्र के एक महीने के भीतर सरकारी बंगला खाली करना होगा.
अरविंद केजरीवाल को 'जेड-प्लस' सुरक्षा कवर के तहत करीब 40 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा दी जाती है. मनोनीत सीएम आतिशी की सुरक्षा के बारे में बात करते हुए अधिकारी ने कहा, ''उनके सुरक्षा कवर पर फैसला अगले कुछ दिनों में लिया जाएगा. प्रोटोकॉल के मुताबिक, दिल्ली के मुख्यमंत्री 'जेड' श्रेणी सुरक्षा कवर के हकदार हैं. 
आतिशी ने कहा, बीजेपी ने हमारे सीएम पर फर्जी आरोप लगाया. आतिशी ने केजरीवाल के इस्तीफे के फैसले को दुनिया के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे बड़ा फैसला बताया. भाजपा पर निशाना साधते हुए आतिशी बोलीं, 'उन्होंने सारी एजेंसियां ​​अरविंद केजरीवाल के पीछे लगा दीं. 6 महीने तक वो जेल में थे. अरविंद केजरीवाल की जगह कोई और होता तो तुरंत सीएम की कुर्सी पर बैठ जाता है. दिल्ली के लोग बहुत दुखी हैं. लेकिन साथ ही उन्होंने ये भी प्रण लिया है कि केजरीवाल जी को फिर से सीएम बनाना है.
केजरीवाल ने आतिशी को इसलिए चुना क्योंकि वह महिला हैं. दूसरी बात यह है कि वह केजरीवाल के प्रति वफादार हैं. उनकी केजरीवाल से नजदीकी का पता इस बात से चलता है कि 15 अगस्त को केजरीवाल ने जेल से ही पार्टी को आदेश दिया था कि उनकी गैर-मौजूदगी में पार्टी मुख्यालय पर आतिशी झंडा फहराएंगी. इसके अलावा केजरीवाल की यह रणनीति पहले से ही थी. इसलिए वह पहले से ही कई मौकों पर उन्हें फ्रंट पर ला रहे थे. ऐसे में जो सवाल चल रहा है कि क्या आतिशी को लाने से उन्हें इसका राजनीतिक लाभ मिलेगा.
इन सबके बीच, सवाल उठ रहा है कि आखिर अरविंद केजरीवाल ने इस्तीफा क्यों दिया? क्या कानूनी मजबूरियों में फंसने की वजह से उन्हें इस्तीफा देना पड़ा? या अगले कुछ महीनों में होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनावों में लोगों की सहानुभूति का फायदा लेने के लिए उन्होंने यह फैसला लिया है.
यह सच है कि इसका उन्हें फायदा होगा. उसका कारण यह है कि भाजपा में उनके मुकाबिल दिल्ली में कोई बड़ा चेहरा नहीं है. इससे पहले इसलिए भाजपा ने दिल्ली में मनोज तिवारी को उतारा. उससे पहले किरण बेदी पर दांव लगाया. लेकिन वह सब दांव बेकार गए. केजरीवाल इसी का फायदा उठाना चाहते हैं. वह इस्तीफा देकर यह दिखाना चाहते हैं कि उनके लिए मुख्यमंत्री पद कोई बड़ी बात नहीं है. वह दिल्ली की जनता के लिए कोई भी कुर्बानी दे सकते हैं.
बताया जा रहा है कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक खुद को दिल्ली से अलग करते हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में सक्रिय हो जाएंगे. आम आदमी पार्टी यहां की सभी 90 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है. मौजूदा समय में हरियाणा में भाजपा-कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दल लगातार चुनाव प्रचार कर रहे हैं. हरियाणा में भाजपा, कांग्रेस के पास बड़े चेहरे हैं.
उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल ने पार्टी की कमान संभाली थी. उन्होंने हरियाणा में कई चुनावी सभाएं की. केजरीवाल की गारंटी लोगों के बीच में लेकर गईं. कई मौकों पर वह भावुक भी हुईं. सुनीता की चुनावी सभा में भारी तादाद में लोग भी जुटे. सुनीता ने चुनावी सभाओं में अपने पति को शेर बताया. चूंकि, केजरीवाल हरियाणा से आते हैं. इसलिए उन्हें हरियाणा का लाल भी सुनीता ने कहा था. केजरीवाल को तिहाड़ जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद हरियाणा आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने हाल ही में कहा था कि अरविंद केजरीवाल के जेल से बाहर आने के बाद से कार्यकर्ताओं में जोश बढ़ गया है. केजरीवाल हरियाणा के चुनाव में पार्टी की कमान संभालेंगे.
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