रायपुर में फर्जी दस्तावेज रैकेट का खुलासा, लेटरहेड-हस्ताक्षर का दुरुपयोग, खुद पार्षद ने दबिश देकर पकड़वाया, च्वॉइस सेंटर संचालक विपीन गिरफ्तार

Fake document racket busted in Raipur; letterheads and signatures misused; a corporator personally conducted a raid and got the accused caught; Choice Center operator Vipin arrested.

रायपुर में फर्जी दस्तावेज रैकेट का खुलासा, लेटरहेड-हस्ताक्षर का दुरुपयोग, खुद पार्षद ने दबिश देकर पकड़वाया, च्वॉइस सेंटर संचालक विपीन गिरफ्तार

रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में फर्जी दस्तावेज तैयार करने के बड़े मामले का खुलासा हुआ है. थाना आजाद चौक पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मंगल बाजार स्थित आर्यन च्वॉइस सेंटर के संचालक विपीन केशरी को गिरफ्तार किया है. आरोपी पर पार्षद के लेटरहेड और दस्तखत का दुरुपयोग कर कई तरह के सरकारी दस्तावेज तैयार करने का आरोप है.
मिली जानकारी के मुताबिक वार्ड क्रमांक 37 के निर्वाचित पार्षद दीपक जायसवाल ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके नाम से जारी लेटरहेड और दस्तखत का गलत तरीके से उपयोग कर जन्म प्रमाण-पत्र, मृत्यु प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड और नगर निगम से जुड़े अन्य दस्तावेज तैयार किए जा रहे थे.
शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम ने आवश्यक सबूत इकठ्ठा कर च्वॉइस सेंटर पर दबिश दी. छापेमारी के दौरान आरोपी विपीन केशरी को मौके से पकड़ा गया. पूछताछ में उसने कबुल किया कि वह पार्षद के लेटरहेड और दस्तखत का अनधिकृत रूप से उपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर रहा था. पुलिस ने मौके से एक लैपटॉप, एक कलर प्रिंटर और एक लैमिनेशन मशीन भी जब्त की है. जिनका उपयोग कथित रूप से फर्जी दस्तावेज बनाने में किया जा रहा था. पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी द्वारा तैयार किए गए दस्तावेजों का उपयोग कई सरकारी और निजी कार्यों में किया जा सकता था. जिससे गंभीर धोखाधड़ी की आशंका है.
इसी आधार पर थाना आजाद चौक में अपराध क्रमांक 142/2026 के तहत धारा 336(3), 340(2), 318(4) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया. गिरफ्तार आरोपी की पहचान विपीन केशरी उम्र 38 साल निवासी कटरा बाजार, थाना कोईरवाना, जिला भदाई (उत्तर प्रदेश) और वर्तमान पता अश्वनी नगर, रायपुर के रूप में हुई है.
शुरुआती जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी कितने समय से इस तरह की गतिविधियों में शामिल था और किन-किन लोगों को फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं. इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं.
स्थानीय प्रशासन ने इस घटना को गंभीर मानते हुए कहा है कि सरकारी दस्तावेजों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पुलिस का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच तेज कर दी गई है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे फर्जी दस्तावेज रैकेट का खुलासा किया जा सकता है.
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