B.Ed डिग्री के नाम पर 40 हजार की ठगी, पुलिस ने पिता-पुत्र को किया गिरफ्तार, बीएड की फर्जी मार्कशीट और एडमिशन रसीद जब्त

Fraud of 40 thousand in the name of B.Ed degree, police arrested father and son, fake B.Ed mark sheet and admission receipt seized

B.Ed डिग्री के नाम पर 40 हजार की ठगी, पुलिस ने पिता-पुत्र को किया गिरफ्तार, बीएड की फर्जी मार्कशीट और एडमिशन रसीद जब्त

अंबिकापुर : सरगुजा जिले के कोतवाली थाना पुलिस ने बीएड डिग्री दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले पिता पुत्र को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने एक अभ्यर्थी के परिजन से 40 हजार रुपये वसूलकर कलिंगा यूनिवर्सिटी के नाम से फर्जी मार्कशीट बनाकर भेजा था. पुलिस ने इस मामले में फर्जी दस्तावेज, एडमिशन रसीद व व्हाट्सएप चैटिंग को सबूत के तौर पर जब्त किया है.
मिली जानकारी के मुताबिक खैरबार रोड, चांदनी चौक, मायापुर निवासी कैस मोहम्मद ने 25 जुलाई 2025 को कोतवाली थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वर्ष 2022 में उनकी बेटी ने प्री बीएड प्रवेश परीक्षा दी थी. इसी दौरान पीजी कॉलेज के सामने रहने वाले करन सग्गर ने खुद को रायपुर जिले के आरंग स्थित कलिंगा यूनिवर्सिटी का ब्रोकर बताते हुए संपर्क किया. उसने दावा किया कि वह बीएड कोर्स करा देगा और पूरे चार सेमेस्टर की फीस 80 हजार रुपये है.
करन के झांसे में आकर कैस मोहम्मद ने 40 हजार रुपये नकद दिए. बाद में जब एडमिशन की जानकारी ली गई तो करन और उसके पिता सतीश सग्गर  ने अपना कॉलेज बताकर टालमटोल शुरु कर दी. एक साल बाद आरोपी ने बीएड का मार्कशीट देने का झांसा दिया और व्हाट्सएप पर कलिंगा यूनिवर्सिटी के नाम से दो सेमेस्टर का मार्कशीट भेजा. लेकिन यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर जांच करने पर यह नकली पाया गया.
प्रार्थी की शिकायत पर कोतवाली थाना में अपराध क्रमांक 501/25 दर्ज किया गया. आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 120(बी), 467, 468, 471 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरु की गई. जांच के दौरान पुलिस ने फर्जी मार्कशीट और व्हाट्सएप चैटिंग का प्रिंटआउट जब्त किया. कलिंगा यूनिवर्सिटी से पुष्टि के बाद यह दस्तावेज पूरी तरह फर्जी पाए गए.
पहले चरण में पुलिस ने पिता सतीश सग्गर उम्र 62 साल निवासी पीजी कॉलेज के सामने, किसान राइस मिल रोड अंबिकापुर को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया. इसके बाद मुख्य आरोपी करन सग्गर  को भी पकड़ लिया गया. पूछताछ में उसने जुर्म करना कबूल किया. पुलिस ने आरोपियों से एडमिशन रसीद समेत अन्य सबूत बरामद किए हैं.
इस पूरे मामले में थाना प्रभारी  निरीक्षक मनीष सिंह परिहार, उप निरीक्षक मवंश नारायण शर्मा, प्रधान आरक्षक सुधीर सिंह, आरक्षक छत्रपाल सिंह, देवेंद्र पाठक, लालभुवन सिंह सहित कोतवाली पुलिस टीम की अहम भूमिका रही.
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