अस्पताल के मैनेजर से 5 लाख ब्लैकमेलिंग, मरीज ने फ्री में कैंसर का इंजेक्शन लगवाया, जरूरत पड़ने पर बिल मांगा, फर्जी बताकर पैसों की डिमांड, आरोपी गिरफ्तार
Hospital manager blackmailed for Rs 5 lakh; patient gets free cancer injection, asks for bill when needed, claims fake money, accused arrested
दुर्ग/भिलाई : दुर्ग जिले के छावनी थाना क्षेत्र में ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी गुरमीत सिंह वाधवा को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी पर एस.बी.एस. हॉस्पिटल प्रबंधन से 5 लाख रुपये की मांग कर दबाव बनाने और फर्जी केस में फसाने की धमकी देने का आरोप है. पुलिस ने जांच के बाद आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया. जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया.
मिली जानकारी के मुताबिक कोहका साकेत नगर निवासी S.B.S. हॉस्पिटल के मैनेजर निर्मल सिंह उम्र 47 साल ने छावनी थाना में शिकायत दर्ज कराई कि गुरमीत सिंह वाधवा उम्र 55 साल अस्पताल में कैंसर का इलाज कराने आते थे. अस्पताल प्रबंधन के निर्देश पर उन्हें इंजेक्शन मुफ्त में लगाया जाता था.
निर्मल सिंह के मुताबिक जरूरी काम का हवाला देकर मरीज ने बिल की मांग की थी. जिसके बाद अस्पताल की तरफ़ से इंजेक्शन का बिल कंपनी रेट के हिसाब से तैयार कर गुरूमीत सिंह को दिया गया. लेकिन उन्होंने उसका अब तक भुगतान नहीं किया.
आरोप है कि, इसी बिल को फर्जी बताकर गुरूमीत सिंह वाधवा ने उल्टा अस्पताल मैनेजर को ही ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया और 5 लाख रुपए की मांग की. शिकायत में बताया गया है कि आरोपी अस्पताल के चेंबर में पहुंचा और गाली गलौज शुरू कर दी. उस समय गुरुमुख सिंह रंधावा और मनोज साहू भी मौजूद थे. मैनेजर ने पैसे देने से मना कर दिया.
इसके बाद 21 अक्टूबर 2025 को दोपहर करीब 1:30 बजे आरोपी फिर अस्पताल पहुंचा. उस समय मैनेजर मरीजों की देखभाल में व्यस्त थे. आरोप है कि आरोपी ने वहां गाली-गलौज की और फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी.
साथ ही आरटीआई लगाने की बात कहकर चला गया. घटना के दौरान अस्पताल के कई स्टाफ मौजूद थे. मैनेजर का कहना है कि पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी उनके पास सुरक्षित है.
पीड़ित ने यह भी बताया कि पहले भी इस मामले में शिकायत की गई थी. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. अब दोबारा आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की गई. उन्होंने कहा कि वे आरोपी से डरे हुए हैं. आरोपी द्वारा डर का माहौल बनाकर रकम वसूलने की कोशिश की जा रही थी. शिकायत के आधार पर थाना छावनी में अपराध क्रमांक 230/2026 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई.
पुलिस ने इस मामले में छत्तीसगढ़ मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट 2010 की धारा 3 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 308 के तहत मामला दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस ने गवाहों के बयान दर्ज किए, जिनमें शिकायतकर्ता के आरोपों की पुष्टि हुई. इसके अलावा पुलिस ने घटना से जुड़े 13 मोबाइल फोटोग्राफ और अन्य दस्तावेजी सबूत भी जुटाए. जिससे मामले की गंभीरता और साफ हो गई.
पुख्ता सबूत मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए 24 अप्रैल 2026 को आरोपी गुरमीत सिंह वाधवा की तलाश शुरू की. पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी गुरमीत सिंह वाधवा उम्र करीब 55 साल निवासी सुंदर नगर भिलाई को उसके निवास स्थान से गिरफ्तार कर लिया.
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को मुलाहिजा के लिए लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल सुपेला लाया. आरोपी अस्पताल पहुंचने से पहले तक सामान्य स्थिति में था और खुद पुलिस वाहन में बैठकर थाने तक पहुंचा था. लेकिन जैसे ही मीडिया की मौजूदगी का अहसास हुआ, वो अचानक बेहोशी का नाटक करने लगा और व्हीलचेयर पर बैठकर खुद को असहाय दिखाने की कोशिश की. आरोपी की जांच करने वाले डॉक्टरों ने भी उसके सामान्य होने की पुष्टि की है.
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया. जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया. आरोपी के पास से बड़े नेताओं के साथ फोटो और कथित फर्जी लेटर भी मिले हैं. जिनका उपयोग वह प्रभाव जमाने के लिए करता था. वहीं आरोपी के बेटे गुरप्रीत सिंह ने सारे मामले को झूठा बताया.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी द्वारा हॉस्पिटल प्रबंधन पर दबाव बनाकर अवैध वसूली करने का प्रयास किया जा रहा था. जिसे समय रहते रोक लिया गया. दुर्ग पुलिस ने इस मामले में नागरिकों से अपील किया कि अगर किसी भी तरह की ब्लैकमेलिंग, धमकी या अवैध वसूली जैसी गतिविधियों की जानकारी मिले तो फौरन पुलिस को खबर करें। ताकि ऐसे अपराधों पर समय रहते सख्त कार्रवाई की जा सके.
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