‘सेंट्रल यूनिवर्सिटी में धार्मिक हस्तियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी, व्हाट्सएप्प चैट वायरल, कैंपस में बवाल और छात्रों का आक्रोश, विरोध प्रदर्शन की तैयारी

'Offensive comments about religious figures at Central University, WhatsApp chat goes viral, campus chaos and student anger, protests planned

‘सेंट्रल यूनिवर्सिटी में धार्मिक हस्तियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी, व्हाट्सएप्प चैट वायरल, कैंपस में बवाल और छात्रों का आक्रोश, विरोध प्रदर्शन की तैयारी

बिलासपुर : न्यायधानी की गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी एक बार फिर सुर्खियों में है. लेकिन इस बार वजह कोई शैक्षणिक उपलब्धि नहीं। बल्कि कैंपस की मर्यादा को तार-तार करने वाली घटना है. यूनिवर्सिटी के लॉ डिपार्टमेंट (विधि विभाग) के छात्रों द्वारा भगवान राम और अन्य आराध्य देवों पर की गई अभद्र टिप्पणियों ने कैंपस का माहौल गरमा दिया है.
मिली जानकारी के मुताबिक यह पूरा बवाल हॉस्टल के छात्रों के एक व्हाट्सएप ग्रुप से शुरू हुआ. लॉ डिपार्टमेंट के कुछ छात्रों ने ग्रुप चैट के दौरान मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया.
विवाद यहीं नहीं थमा, चैट में भगवान परशुराम और बाबा साहब अंबेडकर को लेकर भी अभद्र और विवादास्पद टिप्पणियां की गईं. जैसे ही इन चैट्स के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया और अन्य छात्रों के बीच पहुंचे. यूनिवर्सिटी कैंपस किसी ज्वालामुखी की तरह धधक उठा.
कैंपस में बवाल और छात्रों का आक्रोश
घटना के सार्वजनिक होते ही छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा. बड़ी तादाद में छात्र लामबंद होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. आक्रोशित छात्रों का कहना है कि यह सिर्फ एक चैट नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और महापुरुषों के सम्मान पर सीधा हमला है.
बड़ी कार्रवाई की तैयारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए सेंट्रल यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने आंतरिक जांच शुरू कर दी है. छात्र संगठन और पीड़ित पक्ष के छात्र अब इस मामले को पुलिस तक ले जाने की तैयारी में हैं. आरोपी छात्रों के खिलाफ थाने में नामजद FIR दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. कयास लगाए जा रहे हैं कि दोषी पाए जाने पर छात्रों को यूनिवर्सिटी से निष्कासित भी किया जा सकता है.
अभिव्यक्ति की आजादी या मानसिक विकृति?
यूनिवर्सिटी जैसे उच्च शिक्षण संस्थानों में जहां वैचारिक मतभेदों का सम्मान होना चाहिए. वहां इस तरह की घटिया बयानबाजी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या व्हाट्सएप ग्रुप्स अब कट्टरता और अपमान के सुरक्षित ठिकाने बन गए हैं? कानून की पढ़ाई करने वाले छात्र क्या खुद कानून और मर्यादाओं से अनभिज्ञ हैं? आखिर क्यों बार-बार सेंट्रल यूनिवर्सिटी विवादों के घेरे में आ रही है?
पुलिस और प्रशासन की नजर अब उन डिजिटल सबूतों पर है, जो इस पूरे फसाद की जड़ हैं। देखना होगा कि ‘न्याय की पढ़ाई’ करने वाले इन छात्रों पर ‘न्याय का डंडा’ कितनी तेजी से चलता है.
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